झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर पोस्ट कर बुरे फंसे प्रकाश राज! कहा कुछ ऐसा, सोशल मीडिया यूजर्स ने तगड़ा घेर लिया
झारखंड में रात के अंधेरे में पुलिस पर बर्बर कार्रवाई पर घंटों तक चुप्पी साधे रहने के बाद जब प्रकाश राज की चुप्पी टूटी तो सोशल मीडिया यूजर्स को अच्छा नहीं लगा. उन्होंने उन्हीं से सवाल पूछ लिया और कहा कि आखिर रांची से वो क्यों दूरी बनाए हुए हैं, और सवाल किस से कर रहे हैं.
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झारखंड में पिछले 16 दिनों से लगातार विरोध-प्रदर्शन चल रहा है. वहीं बीते दिन 10 अगस्त को लाठीचार्ज किया गया. पुलिस की रात में छात्रों पर बर्बर कार्रवाई से बवाल मचा हुआ. दिन में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया.
अब इसी पर एक्टर प्रकाश राज ने दो लाइन में ट्विट कर अपने गुस्से का इजहार किया है. हालांकि उनका ये पोस्ट और सांकेतिक विरोध सोशल मीडिया यूजर्स को पसंद नहीं आया. लोग अब उनसे ही उनकी रांची प्रोटेस्ट से गैरमौजूदगी, एसी कमरे में बैठकर ट्वीट की खानापूर्ति को लेकर भड़के हुए नजर आ रहे हैं और उनसे ही सवाल पूछ रहे हैं.
आपको बता दें कि दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को प्रकाश राज ने पूरी तरह से सपोर्ट किया था. वो इस दौरान लगातार-ताबड़तोड़ ट्वीट करते रहे, मोदी सरकार और दिल्ली सरकार से सवाल पूछते रहे, उनसे इस्तीफे मांगते रहे. यहां तक कि वो खुद जंतर मंतर पर सशरीर उपस्थित होकर सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को सपोर्ट किया, लेकिन रांची वाले छात्रों के प्रदर्शन से वे नदारद रहे. बता दें कि झारखंड में बीजेपी विपक्ष में है, जेएमएम-कांग्रेस की गठबंधन की सरकार है.
प्रकाश राज की छात्रों के प्रदर्शन पर टूटी चुप्पी!
प्रकाश राज ने इसी बीच झारखंड के रांची में चल रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन प्रतिक्रिया दी है. एक्टर प्रकाश राज ने अपने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें दिखाया गया कि प्रदर्शन के समय छात्रों पर पुलिस प्रशासन के द्वारा वॉटर कैनन, टियर गैस और लाठी चार्ज किए गए. वीडियो को शेयर कर प्रकाश राज ने लिखा, क्यों... क्यों.... क्यों....यह बर्बरता काम नहीं आएगी.... इससे सिर्फ अहंकारी सत्ता ही गिरेगी.
न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार शाम रांची में झारखंड विधानसभा के बाहर चल रहे प्रदर्शन को हटाने के लिए पुलिस ने तीसरी बार टियर गैस और लाठीचार्ज किया. इसके बावजूद JPSC और JSSC के छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे.
Why .. Why .. Why 💔💔💔 . This brutality will not work anymore.. it will only bring the arrogant power down . #justasking https://t.co/wFBXcvUfdp
— Prakash Raj (@prakashraaj) August 10, 2026
प्रकाश राज पर भड़के सोशल मीडिया यूजर्स!
प्रकाश राज के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक सोशल मीडिया यूजर अंकित सिन्हा (@ankitsinha0880) ने लिखा; 'आखिर वह...अपने कमरे में बैठकर यह ट्वीट क्यों कर रहा है? वह जंतर-मंतर पहुँचने में बहुत तेज़ी दिखा रहा था और जब विरोध हिंसक हो गया तो ट्रक पर चढ़ने में और भी ज़्यादा तेज़ी दिखाई... वह झारखंड में क्यों नहीं है? क्योंकि उसकी विचारधारा वाली बातें सिर्फ़ बीजेपी शासित राज्यों के लिए हैं, छात्रों और उनके भविष्य से उसका कोई लेना-देना नहीं है...!!!'
लोगों ने प्रकाश राज से पूछ लिया सवाल!
वहीं वेंकी (@Venky78752016) नाम के एक यूजर ने लिखा: "पाकया एक अच्छा एक्टर है; वह विलेन का रोल निभा रहा है ताकि लोग उससे नफ़रत करें और 2029 में एक बार फिर मोदी जी को चुनें, इसलिए वह ऐसा ड्रामा कर रहा है... वह पक्का मोदी जी की मदद कर रहा है... वह दिल से सच्चा सनातनी है 🚩"
इसके अलावा सुधीर (@yebhadiyatha) नाम के X यूजर ने पूछा: तो इसके लिए हमें किसका इस्तीफ़ा मांगना चाहिए? अमित शाह का या मोदी का?
और प्लीज़ यह मत कहिएगा कि इसकी "निंदा" करना ही काफ़ी है, क्योंकि वे दिल्ली से नहीं हैं."
एक अल्फा राज ने लिखा: "आप BJP के असली धुरंधर हैं; आपने CJP को उकसाया और फिर लाठीचार्ज से पहले ही वहाँ से निकल गए."
वहीं अनीश ने (@anishgop) लिखा, " तो क्या आप बस न्यूट्रल दिखने और लोगों को यह दिखाने के लिए ट्वीट कर रहे हैं कि आप हर तरह की हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं? जैसे जंतर-मंतर पर होता है, क्या आप वहाँ मौजूद रहेंगे?"
आखिर क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि पुलिस ने यह कार्रवाई झारखंड विधानसभा घेराव मार्च के समय छात्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के कुछ घंटो बाद की. इतना ही नहीं, जब प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे, तब पुलिस प्रशासन ने वॉटर कैनन, टियर गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया. इस कार्रवाई के दौरान कई अभ्यर्थी घायल भी हुए. यह प्रदर्शन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं (Irregularities) को लेकर आयोजित किया गया था.
स्टूडेंट के लीडर क्या बोले?
वहीं कई दिनों कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे स्टूडेंट लीडर देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह आंदोलन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कई छात्रों कि चिंताओं को दर्शाता है. उन्होंने कहा, 'हमारी जो फ्यूचर स्ट्रैटेजी है, वो सरकार के फैसलों पर निर्धारित है. मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि ये सिर्फ देवेंद्र नाथ महतो की आवाज नहीं है. यह उन लाखों युवाओं की आवाज है, जिनका भविष्य कॉम्पिटेटिव परीक्षाओं पर निर्भर है और जो किताबों के जरिए अपना भविष्य बनाना चाहते है.
देवेंद्र नाथ महतो ने आगे क्या कहा?
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देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई उपाय किए थे. उन्होंने कहा कि हमें रोकने की कई कोशिश की गई. कांटेदार तारो के साथ बैरिकेड लगाए गए. इतना ही नहीं, वॉटर कैनन का उपयोग किया गया, आंसू गैस छोड़ी गई और छात्रों के ऊपर लाठीचार्ज किया गया, जिससे कई लोग घायल हुए है. उन्होंने आगे कहा कि हमने सरकार के खिलाफ एक भी नारा नहीं लगाया, न ही किसी तरह की राजनीतिक बयानबाजी की और न ही कोई अश्लील या अपशब्दों का इस्तेमाल किया. वहां सिर्फ एक ही झंडा था और वह था तिरंगा.