कौन हैं मेजर नव्या शेखावत? जो बनीं राष्ट्रपति मुर्मू की ‘आंख, नाक-कान’, ADC बनकर रचा इतिहास
राजस्थान के सीकर के छोटे से गांव केरपुरा गांव में जन्मीं नव्या की जर्नी असाधारण है. साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने साहस, अनुशासन और मेहनत के बल पर ऊंचाइयां छूईं.
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नव्या सिंह शेखावत, एक ऐसा नाम जिसने 5 साल की आर्मी सर्विस में अपने आप को इतिहास में दर्ज कर दिया. बेहद कम उम्र में वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ADC यानी एड्स-डी-कैंप बनी हैं. यह पद बेहद अहम और जिम्मेदारियों से भरा है. राष्ट्रपति के ADC उनके आंख-नाक कान जैसे अहम अंग बनकर उनके लिए काम करते हैं और ये जिम्मेदारी अब नव्या शेखावत को मिली है. जानें कौन हैं आर्मी की ये यंग ऑफिसर और जर्नी.
मेजर नव्या सिंह शेखावत (Major Navya Shekhawat) भारतीय सेना की एक युवा और प्रतिभावान अधिकारी हैं. जो आर्मी यानी थल सेना से राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला ऑफिसर हैं. इससे पहले भारतीय नौसेना (Indian Navy) की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी को 2025 में नियुक्ति मिली थी.
कौन हैं नव्या शेखावत और जानें राष्ट्रपति की ADC बनने तक का सफर
राजस्थान के सीकर के छोटे से गांव केरपुरा गांव में जन्मीं नव्या की जर्नी असाधारण है. साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने साहस, अनुशासन और मेहनत के बल पर ऊंचाइयां छूईं.
नव्या शेखावत ने UPSC की CDS परीक्षा पास कर सेना में जगह बनाई. उनका नाम CDS (I) 2020 की OTA महिलाओं की मेरिट लिस्ट में शामिल था. इसके बाद उन्हें Short Service Commission (Women) Non-Technical कोर्स के लिए चयनित किया गया और चेन्नई की ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (Officers Training Academy) (OTA) में ट्रेनिंग ली.
OTA की ट्रेनिंग इतनी सख्त होती है कि उसमें शारीरिक सहनशक्ति, नेतृत्व क्षमता और मानसिक मजबूती की कसौटी पर खरा उतरना होता है. नव्या ने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया और 2021 के मध्य में Army Service Corps (ASC) में कमीशन पाया.
ASC सेना की महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स शाखा है, जो सप्लाई, परिवहन और सैन्य इकाइयों को संचालन के लिए तैयार रखने का काम करती है. महज कुछ साल में ही वे मेजर के पद तक पहुंचीं और 2026 में (कमीशन के लगभग पांच साल बाद) राष्ट्रपति की ADC नियुक्त हुईं. जुलाई 2026 से वे राष्ट्रपति भवन में इस प्रतिष्ठित भूमिका में सेवा दे रही हैं और अब उन्हें मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल की जगह ली है.
कौन होता है राष्ट्रपति का ADC और क्या काम करता है?
राष्ट्रपति के पास करीब 5 ADC होते हैं, इनमें से 3 आर्मी से आते हैं, एक नेवी से तो एक एयरफोर्स का ऑफिसर होता है. ADC राष्ट्रपति के सबसे करीबी सैन्य सहायकों में से एक होता है. वह राष्ट्रपति की परछाई की तरह उनके साथ रहता है.
उनका काम राष्ट्रपति की राजनयिक बैठकों के साथ-साथ निजी कार्यक्रमों को मैनेज करना है. इस दौरान हर एक्टिविटी में उन्हें राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल का बेहद बारिकी से ध्यान रखना पड़ता है.
यह पोस्टिंग महज एक पद तक नहीं है इसके साथ देश के सबसे बड़े सवैंधानिक पद की बड़ी जिम्मेदारी चलती है.
इस पद के साथ बड़ा चैलेंज भी है. यह एक सैनिक की परीक्षा जैसा है. जिसमें अपनी पर्सनल लाइफ को भूलकर राष्ट्रपति की गरीमा और पद के लिए समर्पित होना पड़ता है, जहां अनुशासन पहली और आखिरी शर्त होती है, जहां गलती का कोई चांस नहीं होता.
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नव्या शेखावत की कहानी सिर्फ एक अधिकारी की सफलता नहीं, बल्कि नारी शक्ति का जीवंत उदाहरण है. जो सेना में उनके बढ़ते कद की मिसाल हैं. राजस्थान के एक छोटे गांव से निकलकर राष्ट्रपति भवन में अहम जिम्मेदारी निभाने वालीं नव्या शेखावत साबित करती हैं कि जगह छोटी या बड़ी नहीं होती, सपनों को सच करने के लिए केवल और केवल इच्छा शक्ति मायने रखती हैं.