जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

'भारत क्लियर विनर रहा, पाकिस्तान कुछ नहीं कर पाया...', ऑपरेशन सिंदूर पर अमेरिकी विशेषज्ञों ने जो कहा, सुना क्या?

अमेरिकी थिंक टैंक और विशेषज्ञ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना द्वारा की गई कार्रवाई का लोहा मान रहे हैं और इसे भारत की अद्भुत जीत मान रहे हैं, जिसके जवाब में पाकिस्तान कुछ नहीं कर पाया था. उन्होंने भारत की डिफेंस नीति की भी तारीफ की.

Author
08 Sep 2026
( Updated: 08 Sep 2026
06:08 PM )
'भारत क्लियर विनर रहा, पाकिस्तान कुछ नहीं कर पाया...', ऑपरेशन सिंदूर पर अमेरिकी विशेषज्ञों ने जो कहा, सुना क्या?
Image Source-VIDEOGRAB/YT/@CSIS
Advertisement

भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंक विरोधी कार्रवाई के तहत ऑपरेशन सिंदूर किया और आतंकी ठिकानों, उसके सहूलतकारों और आकाओं का खात्मा किया. इसके बाद पाकिस्तान ने जंग को आगे बढ़ाने का फैसला किया, उसके जवाब में भारत ने जो किया उसकी गूंज पूरी दुनिया तक सुनाई दे रही है. भारतीय जो कह रहे थे, वो अब अमेरिकी भी मान रहे हैं. हाल में ही दुनिया की प्रतिष्ठित थिंक टैंक CSIS के ग्लोबल सिक्योरिटी फोरम में जो कहा उसकी खूब चर्चा हो रही है. अमेरिकी थिंकर, उद्योगपति और न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख रहे विन्नी वियोला और हाउस स्पीकर रहे पॉल रॉयन ने इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कमाल पर खुलकर बात की और इसे भारत की जीत करार दिया.

ऑपरेशन सिंदूर में भारत विजयी रहा: विन्नी वियोला

विन्नी वियोला ने ड्रोन तकनीक और हाइपरसोनिक मिसाइलों की प्रगति को लेकर हुए सवाल के जवाब में कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच विवादित कश्मीर क्षेत्र में हुआ टकराव था, जहाँ भारत ने पहली बार निर्णायक सैन्य कार्रवाई की और पाकिस्तान में ठिकानों पर हमला किया. पाकिस्तानी इसका प्रभावी ढंग से जवाब नहीं दे सके और भारत ने जीत हासिल की. उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि बढ़ते संघर्ष के बाद, उन्होंने अपने रक्षा उद्योग में मुक्त बाजार के सिद्धांतों को लागू किया था, और इसमें वे बहुत सफल रहे. यह इस बात का एक मॉडल है कि रक्षा संस्थान टार्गेटेड स्ट्रैटेजिक परिणाम के लिए कैसी प्रतिक्रिया दे सकते हैं और ईमानदारी से कहूं तो सुधार कर सकते हैं. वे (भारत) ज्यादा सफल रहे.

'भारत ने अपनी डिफेंस नीति को बदल कर रख दिया है'

विन्नी ने आगे कहा कि उन्हें लगता है कि इसने वॉरफेयर को बदल दिया है, या यूं कहें कि हमें अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है, क्योंकि उन्होंने (इंडियंस ने) लागत संरचना ( डिफेंस आयात या निर्माण में पैसे की लागत) को बहुत शक्तिशाली तरीके से ध्वस्त कर दिया और अपनी स्वयं की, (मेड इन इंडिया) घरेलू उत्पादन क्षमता का निर्माण किया. 

Advertisement

गेस्ट ने आगे कहा कि क्यों न हम एक बहुत ही आकर्षक और लागत प्रभावी प्लेटफॉर्म विकसित करें जो ड्रोन जैसे अधिक से अधिक घातक हथियार वितरित कर सके, और भारत जैसे देश के साथ मिलकर एक संयुक्त उत्पादन क्षमता का निर्माण करें? मुझे पता है कि यह शायद थोड़ा सरल लग सकता है, लेकिन उस विशाल खतरे के सामने मैं भारत को एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में शामिल किए बिना हमें बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हुए नहीं देखता.

जब रॉयन पॉल से पूछा गया कि अमेरिकी रक्षा उद्योग की वर्तमान स्थिति पर आपका क्या आकलन है? हम भारत से क्या सीख सकते हैं, विशेष रूप से वे जिस तरह से आगे बढ़े हैं, जैसा कि विन्नी ने कहा? भारत की सफलता और यूक्रेन का नवाचार एक चेतावनी (वेक-अप कॉल) होनी चाहिए. वे भविष्य के युद्ध मॉडल बना रहे हैं. अमेरिका अभी भी शीत युद्ध के तंत्र और खाड़ी युद्ध की मान्यताओं के साथ काम कर रहा है.

भारत में जो हासिल किया है वह वास्तव में प्रभावशाली: पॉल रॉयन

इसके जवाब में पॉल ने कहा कि, हां, उन्होंने भारत में जो हासिल किया है वह वास्तव में प्रभावशाली है. मैंने हाल ही में बैंगलोर में कुछ दिन बिताए हैं. उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में एक बहुत बड़ी छलांग लगाई है. जिस तरह से उनका समाज कार्य करता है, उसके कारण उन्होंने अपनी पूरी अर्थव्यवस्था का डिजिटलीकरण कर दिया है. इसके कारण, वे एक बड़ी छलांग लगाने और वास्तव में लागत कम करने में सक्षम हुए हैं.

Advertisement

ये भी पढ़ें: 'नाराज फूफाओं को मिल गया काम', गुजरात में PM मोदी का मेगा शो, विपक्ष पर तंज, जेन-जी को उन्हीं की भाषा में मैसेज

'भारत ने तकनीकी क्षेत्र में एक बहुत बड़ी छलांग लगाई है'

मुझे लगता है कि इसका जवाब हां है. कांग्रेस से लेकर पेंटागन तक, इस प्रणाली में सुधार करना एक पीढ़ी की परियोजना है. मेरा मानना ​​है कि कांग्रेस में अब ऐसे लोग हैं जो वास्तव में इसे हासिल करना चाहते हैं. कांग्रेस में मेरे शुरुआती वर्षों में, उस समिति में शामिल हर कोई, इस तरह की स्थितियों को छोड़कर, आमतौर पर अपने जिले या बेस में मौजूदा पार्टी के हितों की रक्षा करना चाहता था. या यदि आप पेंटागन में काम करते थे, तो आप बड़े मुख्य ठेकेदारों के साथ काम करते थे और यह कॉस्ट-प्लस होता था. वह दौर अब खत्म हो गया है. एक नया युग शुरू हो चुका है. तो सवाल यह है: क्या हम पहले से कहीं अधिक तेजी से सैनिकों तक अधिक पैसा पहुँचा सकते हैं? हमने भारतीयों से, लेकिन विशेष रूप से यूक्रेनियन से सीखा है कि ऐसा करने का यही एकमात्र तरीका है.

ये भी पढ़ें: सऊदी अरब और लाल सागर में हूतियों ने बरपाया कहर...हवा में उड़ा इस्लामिक नाटो, मक्का एग्रीमेंट का क्या होगा?

Advertisement

यह भी पढ़ें

उदाहरण के लिए, देखिए कि एरिक श्मिट ने यूक्रेनियन के साथ 2000 डॉलर प्रति ड्रोन के साथ क्या किया. वे लगभग 40,000 डॉलर में एक एसएएम मिसाइल, एक एस400 को नष्ट कर सकते हैं. यह वास्तव में प्रभावशाली है. तो ऐसा हो रहा है. और मैं शर्त लगा सकता हूँ कि हमारी मुक्त बाजार प्रणाली, नवाचार और लागत में कमी के साथ, अंततः राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियों द्वारा संचालित चीनी अर्थव्यवस्था से बेहतर है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें