पाकिस्तान में तख्तापलट की आहट? राष्ट्रपति बनना चाह रहे आसिम मुनीर! आखिर मोहसिन नकवी को ही क्यों बनाया मोहरा?
अब तक पाकिस्तान की कमान संभालने वाली पाकिस्तानी फौज अब खुलकर सामने आ रही है और तख्तापलट की कोशिश हो रही है. इसके लिए आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने अपने सबसे बड़े मोहरे मोहसिन नकवी को खुल्ले सांड की तरह छोड़ दिया है, ताकि वो अपनी ही सरकार को गिरा सकें,
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पाकिस्तान में सरकार और सेना के बीच में ठनती नजर आ रही है. सेना जो अब तक सरकार को पर्दे के पीछे से कंट्रोल कर रही थी, प्रधानमंत्री को कठपुतली की तरह नचा रहे थे, लेकिन अब एक कदम आगे बढ़ते हुए फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अपने किसी बंदे को पाकिस्तान का पीएम बनाना चाह रहे. यानी कि पाक फौज एक और तख्तापलट की तैयारी कर रही है. इसलिए तो पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी अपनी ही सरकार के खिलाफ खुलकर बयान दे रहे हैं और सरकार कुछ कर भी नहीं पा रही है.
नकवी को आसिम मुनीर का रिश्तेदार माना जाता है. नकवी ने हाल में दो ताबड़तोड़ बयान दिए जिसकी वजह से अपनी ही सरकार कटघरे में खड़ी नजर आई. मामला तूल पकड़ने के बावजूद प्रधानमंत्री अपने ही मंत्री से सवाल तक नहीं पूछ पा रहे हैं. यहां तक कि सत्ताधारी PML-N के सुप्रीमो नवाज शरीफ ने किसी भी नेता-मंत्री को नकवी के बयान पर पलटवार और सार्वजनिक टिप्पणी से मना किया है. उन्होंने झगड़े को बढ़ने से रोकने के लिए ऐसा किया है ताकि फौज-सरकार में तनातनी ना बढ़े, जो कि आसिम मुनीर मौका खोज रहे हैं.
पाकिस्तान में तख्तापलट की आहट!
आपको बता दें कि पाकिस्तान में 21 साल पुराने घोटाले पर बड़ा बयान देते हुए मोहसिन नक़वी ने इसे पूरे 'सिस्टम की नाकामी' करार दिया है. नकवी ने इसके लिए कथित तौर पाकिस्तान में सिस्टम कोलेप्स करार दिया. उन्होंने खुलासा किया कि दो दशकों से भी अधिक (21 वर्षों) समय तक लगातार पैसों का अवैध लेन-देन होता रहा, लेकिन व्यवस्था इसे रोकने में नाकाम रही. नक़वी के अनुसार, इस पूरे खेल में देश के जज, नौकरशाह, नेता और बैंकर तक शामिल रहे, जिसके चलते यह घोटाला इतने लंबे समय तक बिना किसी बाधा के चलता रहा. उन्होंने One Constitution Avenue स्कैम का जिक्र कर कहा कि ये लोग पैसे खिलाते रहे और पूरी मशीनरी, सिस्टम पैसा खाते रहे. इसलिए हिसाब एक बिल्डिंग तक सीमित ना रहे, पूरी तरह अकाउंटिबिलिटी होनी चाहिए.
नकवी के बयान पर पाकिस्तान की सियासत में भूचाल
इससे पहले उन्होंने एक और कार्यक्रम में बात करते हुए कहा कि मौजूदा प्रशासनिक ढांचे को बिल्कुल खराब बताया और कहा कि आप मानें या न मानें, यह सिस्टम पूरी तरह से ढह चुका है. नकवी ने कहा कि 10 साल बाद भी इसी तरह बात होती रहेगी, लेकिन कुछ बदलने वाला नहीं है. आपको बता दें कि नकवी ने ये बातें इस्लामाबाद में पाकिस्तान इकोनॉमिक समिट को संबोधित करते हुए कहीं.
इतना ही नहीं नक़वी ने भारत के जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट का भी ज़िक्र किया और कहा, "हम अपने युवाओं को वो नहीं दे पा रहे हैं जो वो चाहते हैं. आप उनको नौजवान कहें, या कॉकरोच कहें या जो मर्ज़ी कहें. लेकिन अगर ये कॉकरोच एक साथ इकट्ठा हो गए, तो यह सब कुछ उलट-पुलट कर सकते हैं."
इसी बीच मोहसिन नकवी के बयान के बाद शहबाज शरीफ से उनकी मुलाकात भी हुई, लेकिन पीएम की उनसे बयान पर जवाब मानने की हिम्मत नहीं हुई. अब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा शरीफ, जो कि शरीफ खानदान के करीबी भी रहे हैं, ने नकवी के बयान पर तीखा पलटवार किया है. "पाकिस्तान के 'ध्वस्त हो चुके सिस्टम' को बदलने से पहले, वो अपने मंत्रालय को ठीक करना शुरू करें. वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने मोहसिन नकवी के बयान को उनका निजी विचार बताते हुए, कहा कि इसका कोई मतलब नहीं है. ख्वाजा आसिफ ने पूछा कि नकवी की अकाउंटिबिलिटी क्या है जो खुद संसद और कैबिनेट बैठक में नहीं आते. वो पंजाब के इंटरिम सीएम रहे, पावरफुल मिनिस्टर रहे, वो कुछ नहीं कर पा रहे तो हमें घर चले जाना चाहिए.
मुनीर-नकवी के बीच ये रिश्ता क्या कहलाता है?
ऐसे में पाकिस्तान की राजनीति और मीडिया में यह सवाल लगातार चर्चा में है कि आखिर फील्ड मार्शल सह पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर ने अपने राष्ट्रपति बनने और सत्ता पर काबिज होने के मंसूबों को पूरा करने के लिए मोहसिन नक़वी को ही क्यों चुना? आखिर नकवी से मुनीर क्या चाह रहे हैं और बदले में नकवी को क्या मिलेगा, दोनों के बीच इस गठजोड़ की जड़ क्या है.
मालूम हो कि असीम मुनीर 27वें संविधान संशोधन के जरिए 'चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस' (CDF) बनकर तीनों सेनाओं की कमान संभाल चुके हैं, जिसके तहत उन्हें आजीवन कानूनी सुरक्षा (इम्युनिटी) और राष्ट्रपति के बराबर दर्जा हासिल हो गया है. वहीं दूसरी ओर मोहसिन नक़वी उनके सबसे भरोसेमंद मोहरे, फ्रंटमैन और करीबी रिश्तेदार (साले) हैं, क्योंकि नक़वी की पत्नी असीम मुनीर की कज़न लगती हैं.
यही वजह है कि नवंबर 2022 में असीम मुनीर के आर्मी चीफ बनते ही नक़वी की राजनीतिक किस्मत चमक गई और उन्हें पंजाब प्रांत का केयरटेकर सीएम बनाया गया, जहाँ उन्होंने सेना के इशारे पर इमरान खान और उनकी पार्टी पर कड़ा क्रैकडाउन किया. नक़वी पर असीम मुनीर का भरोसा इतना गहरा है कि उन्होंने नक़वी को देश का गृह मंत्री बनाकर सुरक्षा व खुफिया तंत्र सौंप दिया.
पाकिस्तान की सत्ता पर अब सीधा कंट्रोल चाह रहे मुनीर!
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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक नकवी को मुनीर ने ही अपने हित साधने के लिए PCB में 6.5 करोड़ के घोटाले के बावजूद संरक्षण दिया. यहां तक कि ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता के लिए विदेश मंत्री इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, विदेश मंत्रालय के अधिरकारियों की जगह नक़वी को वाशिंगटन सहित दूसरी जगहों पर भेजा गया. इससे साबित होता है कि आसिम मुनीर पूरी ताकत अपने पारिवारिक तंत्र के भीतर ही सीमित रखना चाहते हैं, जबकि मोहसिन नक़वी लगातार बयानबाज़ी करके अपनी ही PML-N सरकार की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं. नकवी ही हैं मुनीर के वो मोहरे जो उन्हें राष्ट्रपति बना सकते हैं, बदले में नकवी को कठपुतली पीएम या अन्य बड़ा पद दिया जाएगा.