देश के सच्चे नायकों को मिल रही पहचान, 'भारत गौरव अवार्ड फाउंडेशन' की मुहिम को उत्तराखंड के गवर्नर ने भी सराहा, NMF News के फाउंडर भी सम्मानित
भारत प्रतिभाशाली, देशभक्ति और बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्तियों की भूमि है. ऐसे ही देश के सच्चे नायक यानी कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले रियल हीरोज़ को भारत गौरव फाउंडेशन की मुहिम राष्ट्रीय स्तर पर ला रही है, विमर्श का हिस्सा बना रही है.
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भारत प्रतिभाशाली, देशभक्त और बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्तियों की भूमि है. ऐसे ही देश के सच्चे नायक यानी कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले रियल हीरोज़ को 'भारत गौरव अवार्ड फाउंडेशन' की मुहिम राष्ट्रीय स्तर पर ला रही है, विमर्श का हिस्सा बना रही है. सेना, पत्रकारिता, खेल, कला, समाजसेवा आदि क्षेत्रों में अपनी कड़ी मेहनत से एक मुकाम हासिल करने वाली और एक सार्थक बदलाव में अपनी महती भूमिका निभाने वाली ऐसी विभूतियों को 'भारत गौरव अवार्ड फाउंडेशन' खोज-खोजकर बाहर लाता है, उन्हें सम्मानित करता है, दुनिया से उनका परिचय कराता है. इस बार का अवॉर्ड समारोह तो अपने आप में यादगार बन गया, जिस तरह उत्तराखण्ड के राज्यपाल ने न सिर्फ 11 राज्यों से आए 22 लोगों को सम्मानित किया बल्कि उनकी डिटेल भी राजभवन की वेबसाइट पर बीते दिनों साझा की गई.
आपको बता दें कि 'भारत गौरव अवार्ड फाउंडेशन' का मूल ध्येय वाक्य है 'Dedicated to recognising India’s real heroes' (भारत के असली नायकों को पहचान दिलाने का संकल्प). देहरादून में बीते दिनों यह संकल्प तब और मजबूत हुआ जब सीमा पर गोलियां खाने वाले परमवीर चक्र विजेता से लेकर पत्रकारिता, पर्यावरण और समाज के सजग प्रहरियों का एक साथ जुटान हुआ. और तो और इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रिटायर्ड) की मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामयी उपस्थिति ने इसमें चार-चांद लगा दिए. राजभवन उत्तराखंड की इस पूरी मुहिम और पहल में महती भूमिका रही.
राष्ट्र के इन्हीं सच्चे नायकों की खोज की मुहिम के सिलसिले में डिजिटल मीडिया के दिग्गज और NMF News के प्रधान संपादक परमानंद खेतान उर्फ गुड्डू खेतान को प्रतिष्ठित ‘भारत यूथ अवार्ड-2026’ से अलंकृत किया गया.
क्यों खास है 'भारत गौरव अवार्ड फाउंडेशन' की ये पहल?
किसी भी सम्मान की वास्तविक साख इस बात से तय होती है कि वो मिल किसे रहा है, दे कौन रहा है, उसकी सोच कैसी है और उस पर किसकी मुहर लग रही है. ऐसे में देखें तो 'भारत गौरव अवार्ड फाउंडेशन' का विभिन्न श्रेणियों में दिया जाने वाला ये पुरस्कार बीते कुछ सालों में देश में काफी प्रतिष्ठित बनकर उभरा है. इसीलिए तो उत्तराखंड के राज्यपाल के हाथों विभूतियों का सम्मान हुआ और राजभवन की ओर से भी पुरस्कृत प्रतिभागियों की डिटेल शेयर की गई. आमतौर पर निजी आयोजनों तक सिमटने वाले पुरस्कारों से इतर, यह आयोजन कई मायनों में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व रहा.
संवैधानिक पद पर बैठी शख्सियत, राज्य के संवैधानिक प्रमुख, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रिटायर्ड) ने न केवल इस समारोह की गरिमा बढ़ाई, बल्कि स्वयं अपने हाथों से सभी 22 प्रतिभाओं को यह सम्मान सौंपा.
राजभवन की वेबसाइट पर भी शेयर हुई अवार्डियों की डिटेल: इस समारोह और सम्मानित विभूतियों की सूची को उत्तराखंड लोकभवन द्वारा अपनी आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सार्वजनिक किया गया. शासन के सर्वोच्च मंच से मिली यह आधिकारिक स्वीकृति बताती है कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में जुटी शख्सियतों के योगदान का सरकारी दस्तावेज बन चुका है.
चकाचौंध और प्रमोशन से दूर, असली भारत की खोज: 'भारत गौरव अवार्ड फाउंडेशन' की यह मुहिम इसलिए सफल हो रही है क्योंकि यह पीआर (PR) और ग्लैमर की दुनिया से बाहर निकलकर ज़मीनी धरातल पर सरोकारी काम करने वालों को राष्ट्रीय पहचान देती है.
राज्यपाल ने भी अपने संबोधन में माना कि जब कोई प्रतिभा राष्ट्र की प्रगति में योगदान देती है, तो वह पूरे देश की पूंजी बन जाती है. इस मंच की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि NMF News के गुड्डू खेतान ने यह सम्मान उन शख्सियतों के साथ साझा किया जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च त्याग किए हैं:
- कारगिल युद्ध के परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव
- वन संरक्षण में नजीर पेश करने वालीं प्रधान मुख्य वन संरक्षक मीनाक्षी नेगी
- अर्जुन पुरस्कार विजेता अंतरराष्ट्रीय पहलवान दीपक निवास हुड्डा
- भारतीय वायुसेना के पूर्व स्क्वाड्रन लीडर प्रफुल्ल राज सिंह
इसी मंच पर स्वतंत्र डिजिटल पत्रकारिता के प्रतिनिधि के रूप में NMF News के प्रधान संपादक परमानंद खेतान उर्फ गुड्डू खेतान को 'भारत युवा पुरस्कार' मिलना इस बात का सीधा प्रमाण है कि आज डिजिटल पत्रकारिता केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त स्तंभ बन चुकी है.
NMF News का अब तक का सफर
यह सम्मान NMF News और 'खेतान मीडिया क्रिएशन' (KMC) के उस साहसिक सफर की जीत है, जिसने स्थापित टीवी चैनलों के एकाधिकार को चुनौती देकर लेफ्ट विंग इकोसिस्टम और प्रधानमंत्री ने जिसे कभी खान मार्केट गैंग कहा था, उस कॉकस से बाहर लाकर 'राष्ट्र प्रथम' और राष्ट्रवाद के एजेंडे को मुख्यधारा में स्थापित किया.
1200 करोड़+ व्यूज का माइलस्टोन: चैनल ने अब तक 1.2K करोड़ (12 अरब) से ज्यादा व्यूज और 55.5 करोड़ वॉच टाइम ऑवर्स दर्ज किए हैं, जो स्वतंत्र डिजिटल कमेंट्री में देश का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है.
True achievement finds its highest purpose when it contributes to the progress of society and the nation. Honoured distinguished individuals across science, technology, research, sports, industry, art, and social service at the Bharat Gaurav Award ceremony in Dehradun.… pic.twitter.com/vrvovjfQLK
— LT GEN GURMIT SINGH, PVSM, UYSM, AVSM, VSM (Retd) (@LtGenGurmit) August 31, 2026
2.32 करोड़ का सब्सक्राइबर बेस: 'डिजिटल वन' के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, NMF News देश का नंबर-1 इंडिपेंडेंट पॉलिटिकल कमेंट्री नेटवर्क है, जिसके यूट्यूब पर 2.32 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स और मेटा प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों की फॉलोइंग है.
नेशनल लेवल प्रेजेंस: उत्तर प्रदेश में 2.77 करोड़ की विशाल रीच के साथ-साथ बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे भाषाई विविधता वाले राज्यों में भी चैनल ने निर्भीक पहचान बनाई है.
100+ पत्रकारों और वर्कफोर्स का पूल: संस्थापक परमानंद खेतान और डायरेक्टर संगीता त्रिपाठी के विजन से खड़ा हुआ यह नेटवर्क आज 24×7 कार्यबल के साथ NMF News, News Express, Sports Hour, Being Ghummakad और Dharm Gyan जैसे साथी, डिफरेंट टेस्ट वाले कई चैनलों के जरिए करोड़ों दर्शकों तक रियल, एनालिटिकल न्यूज़ पहुंचा रहा है.
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ऐसे में सम्मान मिलने पर परमानंद खेतान (गुड्डू खेतान) ने कहा कि यह पुरस्कार उन करोड़ों दर्शकों के भरोसे की जीत है, जिन्होंने स्वतंत्र और राष्ट्रवादी सोच को राष्ट्रीय विमर्श बनाया. जब देश का सर्वोच्च तंत्र ज़मीनी पत्रकारिता को 'रियल हीरो' के रूप में स्वीकार करता है, तो यह सच दिखाने और जिसे सब छुपाते हैं उसे सामने लाने के संकल्प को और अजेय बना देता है.