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आतंकियों से लिया लोहा, अब दिल्ली में करेंगी क्राइम कंट्रोल, कौन हैं लेडी ऑफिसर तनुश्री? जिनके ट्रांसफर ने रुलाया

IPS तनुश्री ने अपनी सेवा, समर्पण और साहस से कश्मीर के लोगों के दिलों में ऐसी छाप छोड़ी कि आज जब इनका ट्रांसफर दिल्ली हुआ तो घाटी के लोगों का दर्द छलक पड़ा.

आतंकियों से लिया लोहा, अब दिल्ली में करेंगी क्राइम कंट्रोल, कौन हैं लेडी ऑफिसर तनुश्री? जिनके ट्रांसफर ने रुलाया
Image Source- Instagram/@tanushree_ips
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IPS Tanushree: जम्मू कश्मीर का पुलवामा, वो जगह जो आतंकी घटनाओं के लिहाज से काफी सेंसिटिव जोन मानी जाती है. उसी पुलवामा में 11 अक्टूबर 2026 को एक लेडी ऑफिसर की एंट्री होती है, जिसके चेहरे पर तीखे तेवर हैं, अंदाज बिल्कुल बेखौफ है और चाह कुछ बड़ा करने की. ये लेडी ऑफिसर हैं IPS तनुश्री, जिन्होंने बिहार के मोतिहारी से निकलकर कश्मीर में आतंकियों से लोहा लिया, आज घाटी के हर इंसान की जुंबा पर इनका नाम है और आंखों में नमी, क्योंकि उनकी इस ईमानदार अफसर को अब कश्मीर छोड़ना होगा. 

IPS तनुश्री ने अपनी सेवा, समर्पण और साहस से कश्मीर के लोगों के दिलों में ऐसी छाप छोड़ी कि आज जब इनका ट्रांसफर दिल्ली हुआ तो घाटी के लोगों का दर्द छलक पड़ा. बिहार की बेटी तनुश्री को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घाटी में अहम जिम्मेदारी सौंपी थी. अब ये लेडी ऑफिसर देश की राजधानी में क्राइम कंट्रोल करेंगी. यह एक तरह गर्व का पल है तो दूसरी ओर इमोशनल लम्हा, IPS तनुश्री के दिल्ली ट्रांसफर की खबर सुनते ही लोगों का दर्द छलक पड़ा. लोग कह रहे हैं, ‘जम्मू-कश्मीर ने एक ईमानदार अफसर खो दिया, दीदी आपकी बहुत याद आएगी.'

कौन हैं IPS तनुश्री और जानिए इनके बिहार से दिल्ली पहुंचने तक का सफर 

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तनुश्री की कहानी शुरू होती है बिहार के छोटे से जिले मोतिहारी से, परिवार सामान्य था, साधारण जीवन लेकिन सोच बड़ी थी, चाह कुछ बड़ा कर गुजरने की थी. पहले मोतिहारी, फिर झारखंड के बोकारो और फिर दिल्ली के मिरांडा हाउस से इतिहास में ग्रेजुएशन किया. इसके साथ ही उन्होंने गांधी नगर के NIFT से टेक्सटाइल डिजाइनिंग भी सीखी. 

इतिहास पढ़ते पढ़ते तनुश्री ने देश, समाज और सिस्टम को करीब से समझते हुए पुलिस सेवा में जाने की ठान ली. उनके पिता CRPF के रिटायर्ड DIG थे, ऐसे में तनुश्री की शुरुआत भी यहीं से हुई. साल 2014 में उन्होंने CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में अपना करियर शुरू किया. यानी जोखिम से लड़ने की शुरुआत यहीं से हो चुकी थी.

2017 में UPSC में 652 रैंक हासिल कर IPS बनीं, इससे पहले 2015 में उनकी शादी हो चुकी थी. घर की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने UPSC क्रैक करने के लिए सारे आराम त्याग दिए. शादी के एक साल बाद आखिरकार उनका सपना पूरा हुआ और वह IPS बनीं. 

तनुश्री की ये कहानी और भी खास और इंस्पायरिंग तब बन जाती है जब उन्हें पहली ही पोस्टिंग में जम्मू कश्मीर जैसे संदेवनशील इलाके की जिम्मेदारी मिलती है. उन्होंने शोपियां और पुलवामा में 
SSP के रूप में काम किया, साथ ही साथ State Investigation Agency (SIA) Kashmir में SP के रूप में आतंकवाद संबंधी कई बड़े मामलों की जांच का नेतृत्व किया. 

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आतंकियों से लड़ाई का वो किस्सा जो PM मोदी से शेयर किया  

तनुश्री ने जम्मू कश्मीर में कार्यक्रम के दौरान PM मोदी से बातचीत की थी.इस दौरान उन्होंने एक किस्सा शेयर किया था. तनुश्री ने बताया था, ‘उन्हें जम्मू-कश्मीर कैडर अलोकेट हुआ. पुलिस कैसे इंटेलिजेंस और फोर्सेस का इस्तेमाल कर देश की सुरक्षा का काम कर रही है, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण उन्हें देखने को मिला. उन्होंने आतंकियों से मुठभेड़ के बारे में बताते हुए कहा, 

‘सिक्योरिटी फोर्सेस एक जुनैद नाम के आतंकवादी को काफी लंबे समय से पकड़ने की कोशिश कर रही थी. जुनैद हिजबुल मुजाहिद्दीन का एक कमांडर था और वैली में रिक्रूटमेंट का काम करता था. 18 मई को जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को खबर मिली कि वो अपने एक साथी के साथ अपने किसी समर्थक के घर पर है. इसके बाद पुलिस, SOG और सीआरपीएफ की टीम ने घर को घेरा और आतंकियों को पकड़ने की कोशिश की, जैसे ही हम घर में घुसे तो आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, लेकिन ऑपरेशन को तब तक चालू रखा, जब तक हमने दोनों आतंकियों को मार नहीं गिराया.’

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PM मोदी ने क्या जिम्मेदारी दी थी? 

PM मोदी को बातचीत के दौरान जब पता चला कि तनुश्री ने टेक्सटाइल की पढ़ाई की है तो उन्होंने कहा, ‘ये टेक्सटाइल और टेरर...कैसे गुजारा होगा? टेक्सटाइल में धागे जोड़ने होते हैं और टेरर में धागे खोलने होते हैं, ऐसे में आपको अलग-अलग पहलू के काम करने होंगे.’

ये कहते हुए PM मोदी ने तनुश्री को कश्मीर के लोगों की सेवा का जिम्मा सौंपा, ऐसा काम जिसमें उनके टेक्सटाइल के अनुभव लोगों के काम आ सकें. इसके बाद तनुश्री ने पुलिसिंग के साथ कश्मीर की बहनों के कुछ समूह बनाए, उनके साथ घुल-मिलकर टेक्सटाइल स्किल्स साझा किए और उन्हें मॉर्डन डिजाइनिंग सिखाई. जिसने कश्मीर की महिलाओं को ताकतवर बनाने में बड़ी मदद की. 2026 Republic Day पर उन्हें Gallantry Medal से भी सम्मानित किया गया था. 

IPS तनुश्री का सरल मिजाज और महिलाओं से उनके खास लगाव ने दिलों में उनके लिए जगह बना दी. 9 जुलाई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 61 अधिकारियों का ट्रांसफर किया, जिसमें तनुश्री का भी नाम है. ऐसे में कश्मीर की महिलाएं भावुक हैं. वो अपनी ईमानदार अफसर को याद करते हुए सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं, WE Miss You दीदी. 

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IPS तनुश्री ने संवेदनशील इलाकों में सिक्योरिटी ऑपरेशन के साथ-साथ जनता के बीच ऐसा जुड़ाव बनाया, जिससे पुलिस-जनता संबंध बेहतर हुए. अब ये लेडी ऑफिसर दिल्ली में क्राइम कंट्रोल का जिम्मेजारी संभालने जा रही हैं. 

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