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चीन पर मैरिटाइम स्ट्राइक, भारत के नियंत्रण में आया श्रीलंका का कोलंबो डॉकयार्ड, मझगांव डॉक ने किया अधिग्रहण

भारत ने चीन को उसी के इलाके में धराशायी कर दिया है. श्रीलंका के कोलंबो डॉकयार्ड का भारतीय सरकारी कंपनी मझगांव डॉक ने अधिग्रहण कर लिया है. इसे ड्रैगन के हम्बनटोटा पोर्ट को कब्जे में लिए जाने की घटना की काट के तौर पर देखा जा रहा है.

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12 Apr 2026
( Updated: 12 Apr 2026
06:00 PM )
चीन पर मैरिटाइम स्ट्राइक, भारत के नियंत्रण में आया श्रीलंका का कोलंबो डॉकयार्ड, मझगांव डॉक ने किया अधिग्रहण
कोलंबो डॉकयार्ड का मझगांव डॉक ने किया अधिग्रहण/ सांकेतिक तस्वीर/ @CANVA
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हिंद महासागर में भारत ने चीन को पीछे छोड़ते हुए एक बड़ी रणनीतिक बढ़त हासिल कर ली है. भारत के पड़ोस श्रीलंका में कुछ ऐसा हुआ है जिसने चीनी चाल को नाकाम कर दिया है. ड्रैगन के फन को कुचल दिया गया है. जो बीजिंग भारत के बगल में बैठना चाहता था, भारतीयों पर नजर रखना चाहता था, हम्बनटोटा पोर्ट के जरिए जासूसी करना चाह रहा था, उसका बचा खुचा मंसूबा भी फेल हो गया.

दरअसल रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने श्रीलंका के सबसे बड़े शिपयार्ड, कोलंबो डॉकयार्ड PLC (CDPLC) में 51% की नियंत्रक हिस्सेदारी खरीद ली है. आपको बता दें कि $26.8 मिलियन (लगभग 225 करोड़ रुपये) का यह निवेश न केवल MDL का पहला अंतर्राष्ट्रीय अधिग्रहण है, बल्कि चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने की दिशा में भारत का एक मास्टरस्ट्रोक भी है.

इसे भारत की चीन पर 'मैरीटाइम' स्ट्राइक की भी संज्ञा दी जा रही है. इसे श्रीलंका में कभी चीन द्वारा Debt Trap के जरिए कब्जा में लिए गए हम्बनटोटा के तोड़ के तौर पर देखा जा रहा है.

हम्बनटोटा की काट: श्रीलंका में चीन के हम्बनटोटा पोर्ट के जवाब में भारत ने अब कोलंबो डॉकयार्ड पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है. यह हिंद महासागर में भारत के दबदबे को कई गुना बढ़ा देगा.
अमेरिका को पछाड़ा: रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका लंबे समय से कोलंबो डॉकयार्ड को हासिल करने की कोशिश में था, लेकिन बाजी भारत के हाथ लगी.
बड़ा रणनीतिक निवेश: $26.8 मिलियन की यह डील श्रीलंका के साथ भारत की अब तक की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डिफेंस-इंफ्रास्ट्रक्चर डील मानी जा रही है.
अमृत काल विजन 2047: यह कदम भारत सरकार के 'मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047' के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य वैश्विक स्तर पर भारतीय शिपयार्ड्स का विस्तार करना है.

कोलंबो डॉकयार्ड के बोर्ड का पुनर्गठन: कमान अब भारत के हाथ

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अधिग्रहण के साथ ही कोलंबो डॉकयार्ड के बोर्ड का पुनर्गठन भारतीय अधिकारियों के साथ किया गया है:
1. कैप्टन जगमोहन (Retd): MDL के CMD अब 7 अप्रैल 2026 से CDPLC के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष (Non-Executive Chairman) की जिम्मेदारी संभालेंगे.
2. श्री बीजू जॉर्ज: निदेशक (जहाज निर्माण), MDL—नामित निदेशक.
3. श्री रुचिर अग्रवाल: निदेशक (वित्त), MDL—नामित निदेशक.
4. श्री थिमिरा एस. गोडाकुम्बुरा: वे CDPLC के MD और CEO के रूप में अपने पद पर बने रहेंगे.
5. श्री विश गोविंदासामी: सनशाइन होल्डिंग्स PLC के उपाध्यक्ष, MDL के नामित निदेशक के रूप में शामिल.

भारत ने चीन से लिया बदला!

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यानी कि मझगांव डॉक द्वारा किया गया यह अधिग्रहण केवल एक समुद्री सौदा या MoU नहीं है, बल्कि भारत को मिली मैरिटाइम जीत भी है. ये आने वाले दिनों में ना सिर्फ के रणनीतिक लक्ष्यों को संरक्षित करेगा बल्कि दुश्मन के घुसपैठ को भी रोकेगा. एक वो भी दिन था जब भारत को महिंद्रा राजपक्षे के शासनकाल में चीन को रोकने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही थी, और ये एक दिन है जब भारत श्रीलंका में भी अपना दबदबा कायम कर रहा है. कोलंबो डॉकयार्ड की मदद से भारत अब न केवल व्यापारिक जहाजों बल्कि रक्षा जहाजों की मरम्मत और निर्माण के क्षेत्र में पूरे दक्षिण एशिया में अपनी धाक जमाएगा. यह सौदा साफ संदेश देता है कि भारत अपने पड़ोस में किसी भी बाहरी शक्ति के एकाधिकार को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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