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Vijaypat Singhania Died: रेमंड साम्राज्य खड़ा किया, बेटे ने किया बेदखल तो किराए के घर रहने को हुए मजबूर, जानें पूरी कहानी

एक बार विजयपत सिंघानिया ने भावुक होकर कहा था, 'अपनी सारी संपत्ति बेटों के नाम कभी नहीं करनी चाहिए. बेटा उन्हें सड़क पर देखकर खुश होता है.'

Vijaypat Singhania Died: रेमंड साम्राज्य खड़ा किया, बेटे ने किया बेदखल तो किराए के घर रहने को हुए मजबूर, जानें पूरी कहानी
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Raymond Ex Chairman Vijaypat Singhania Died: रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का निधन हो गया है. उन्होंने शनिवार शाम 87 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. उनके निधन की जानकारी बेटे गौतम सिंघानिया ने पोस्ट के जरिए दी. मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. 

पिता के निधन की जानकारी देते हुए गौतम सिंघानिया ने उन्हें एक दूरदर्शी नेता और समाजसेवी इंसान बताया. जिनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी, लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब गौतम सिंघानिया पर पिता विजयपत सिंघानिया को घर से बाहर निकालने के आरोप लगे, पिता अपना बंगला छोड़ किराए के छोटे से घर में रहने को मजबूर हुए. कानूनी विवाद ने पिता और बेटे के बीच एक लकीर खींच दी थी. इस विवाद के बाद गौतम सिंघानिया और विजयपत सिंघानिया सुर्खियों में काफी दिन तक छाए रहे. 

क्या था विजयपत सिंघानिया का बेटे के साथ संपत्ति विवाद? 

साल 2015 में विजयपत सिंघानिया ने रेमंड कंपनी की पूरी कमान बेटे गौतम सिंघानिया को सौंप दी थी. साथ ही साथ अपनी हिस्सेदारी का 37% भी बेटे के नाम कर दिया था. बेटे को बागडोर सौंपने के बाद दोनों के बीच नया कानूनी विवाद खड़ा हो गया. साल 2017 में विजयपत सिंघानिया ने आरोप लगाया कि उनके बेटे गौतम सिंघानिया ने उन्हें जेके हाउस से निकाल दिया. यह प्रॉपर्टी मुंबई के मालाबार हिल में स्थित है. इसके बाद मीडिया रिपोर्ट्स में उन्हें किराए के घर में दिखाया गया. 

इस विवाद के बाद विजयपत सिंघानिया ने भावुक होकर कहा था, अपनी सारी संपत्ति बेटों के नाम कभी नहीं करनी चाहिए. बेटा उन्हें सड़क पर देखकर खुश होता है. विजयपत सिंघानिया ने यह भी दावा किया था कि बेटे गौतम ने उन्हें घर से बेदखल करने के साथ-साथ, उनसे कार-ड्राइवर जैसी सुविधाएं भी छीन ली थीं. उन्होंने गौतम पर बॉम्बे हाई कोर्ट में केस दायर करते हुए उन पर लालच और धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. 

गौतम सिंघानिया और विजयपत सिंघानिया में कब हुई सुलह? 

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बेटे से भरोसे और प्यार के बदले मिले धोखे के बाद विजयपत सिंघानिया बुरी तरह टूट गए थे. हालांकि दोनों के बीच कड़वाहट की ये बर्फ उस समय पिघलती दिखी. जब गौतम सिंघानिया ने साल 2024 में पिता विजयपत सिंघानिया के साथ फोटो पोस्ट की थी. गौतम ने फोटो शेयर करते हुए दावा किया कि  'आज अपने पिता को घर पर पाकर और उनका आशीर्वाद पाकर खुश हूं। सदैव आपके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं पापा.’

गौतम ने दोनों के बीच सब कुछ ठीक होने का दावा किया लेकिन इसके 6 दिन बाद ही विजयपत सिंघानिया ने सुलह के दावों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, उनके बेटे ने उन्हें जेके हाउस में मिलने के लिए मजबूर किया था. साथ में फोटो केवल दुनिया को दिखाने और अपनी इमेज सही करने के मकसद से खींची गई थी. हालांकि इसके बाद दोनों के बीच सुलह की बात सामने आई थी. 

विजयपत सिंघानिया से जुड़ीं बड़ी बातें 

4 अक्टूबर 1938 में जन्में विजयपत उद्योगपति, टेक्सटाइल क्षेत्र के दिग्गज और साहसी एविएटर थे. उन्होंने कंपनी को वैश्विक पहचान दिलाई. उन्होंने कंपनी को सूटिंग और फैब्रिक्स से आगे बढ़ाकर एक प्रमुख लाइफस्टाइल ब्रांड बनाया. उनके समय में रेमंड ने टेक्सटाइल, डेनिम, स्टील और अन्य क्षेत्रों में विस्तार किया. बिजनेस के साथ उन्होंने एडवेंचर में भी किस्मत आजमाई और रिस्क लेने से कभी नहीं डरे. साल 1988 में विजयपत सिंघानिया ने लंदन से दिल्ली तक माइक्रोलाइट विमान से अकेले 23 दिनों में उड़ान भरी और स्पीड ओर टाइम एंड्योरेंस रिकॉर्ड बनाया. 

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2005 में 67 साल की उम्र में हॉट एयर बैलून से 69,852 फीट (लगभग 21 किमी) की ऊंचाई पर पहुंचकर विश्व रिकॉर्ड बनाया. साल 1994 में भारतीय वायुसेना ने उन्होें Honorary Air Commodore बनाया. विजयपत सिंघानिया ने एक किताब भी लिखी है, जिसका नाम है एन एंजल इन ए कॉकपिट.

विजयपत सिंघानिया के बेटे गौतम सिंघानिया के पास कितनी संपत्ति है? 

गौतम सिंघानिया ही अब रेमंड ग्रुप के कर्ता-धर्ता हैं, उनकी संपत्ति करीब 12 हजार करोड़ रुपए अनुमानित है. इसके साथ ही उनके पास मुंबई में 6000 हजार करोड का 34 मंजिला जेके हाऊस और कई लग्जरी कार हैं. 

रेमंड कंपनी के बारे में जानें 

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  • रेमंड मेंस वियर ब्रांड हैं, जो 1925 में शुरू हुई थी 
  • शुरुआत में यह कंपनी सेना के लिए वर्दी बनाती थी 
  • इसके बाद कई शहरों में छोटे-छोटे शोरूम खोले 
  • रेमंड कंपनी ऊन और मिक्स फैब्रिक बनाने शुरू किए
  • रेमंड में करीब एक लाख टेलर काम करते हैं 
  • ये कारीगर 20 हजार से ज्यादा डिजाइन में कपड़े तैयार करते हैं 
  • भारत के 600 से ज्यादा शहरों में रेमंड के शोरूम हैं 
  • भारत के बाहर 60 देशों में रेमंड का कारोबार है 

एक बार विजयपत सिंघानिया ने कहा था, ‘एक समय मेरे पास बहुत सारा पैसा, पावर और अधिकार थे. मुझे नहीं लगता कि भगवान की कृपा से यह कभी मेरे सिर पर चढ़ा. इस दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो इसे अपने सिर पर चढ़ने देते हैं. पैसा पावर है, पावर ईगो है, ईगो अहंकार है.’

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