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गामा-रे बर्स्ट… ब्रह्मांड में रोजाना होने वाले धमाके, जानिए क्या है और क्यों होता है?

गामा-रे बर्स्ट (Gamma Ray Burst) ब्रह्मांड के वे भीषणतम विस्फोट हैं जो विशाल तारों के टूटने या टकराने से पैदा होते हैं और पल भर में अथाह ऊर्जा छोड़ते हैं.

गामा-रे बर्स्ट… ब्रह्मांड में रोजाना होने वाले धमाके, जानिए क्या है और क्यों होता है?
Image Source: Nasa/Portal/IANS
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ब्रह्मांड में सबसे शक्तिशाली और रहस्यमयी घटनाओं में से एक है गामा-रे बर्स्ट. ये इतने तीव्र और एनर्जेटिक विस्फोट हैं कि इनकी चमक हमारे सूर्य से कई गुना ज्यादा हो सकती है. खगोलविदों का कहना है कि ये ब्रह्मांड के सबसे बड़े धमाके हैं, जो लगभग हर दिन कहीं न कहीं होते रहते हैं. 

ब्रह्मांड के शक्तिशाली विस्फोटों का रहस्य सुलझा

1970 के दशक में सैटेलाइट्स के जरिए इनका पहली बार पता चला था. दशकों की रिसर्च के बाद अब वैज्ञानिक समझ गए हैं कि ये विस्फोट बहुत दूर करोड़ों प्रकाश वर्ष दूर होते हैं, फिर भी इतनी शक्तिशाली ऊर्जा छोड़ते हैं कि उन्हें पृथ्वी से आसानी से देखा जा सकता है.

न्यूट्रॉन तारों की टक्कर से बनते हैं छोटे धमाके

गामा-रे बर्स्ट दो प्रकार के होते हैं. पहला शॉर्ट गामा-रे बर्स्ट या शॉर्ट जीआरबीएस इनका विस्फोट दो सेकंड से भी कम समय तक रहता है. ये मुख्य रूप से न्यूट्रॉन तारों की टक्कर या न्यूट्रॉन तारा और ब्लैक होल के आपस में मिलने से होते हैं. टक्कर के बाद एक नया या बड़ा ब्लैक होल बनता है. वहीं, लॉन्ग गामा-रे बर्स्ट या लॉन्ग जीआरबीएस ये दो सेकंड या उससे ज्यादा समय आमतौर पर एक मिनट तक तक चलते हैं। ये बहुत बड़े और विशाल तारों के खत्म होने से जुड़े होते हैं. जब ऐसे तारे का केंद्र का ईंधन खत्म हो जाता है, तो तारा अपने गुरुत्वाकर्षण में ढह जाता है और उसके केंद्र में ब्लैक होल बन जाता है.

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गैस और धूल से टकराकर भयंकर विस्फोट

अब सवाल है कि ये धमाके कैसे होते हैं? तो बता दें कि दोनों ही मामलों में नया बना ब्लैकहोल बेहद तेज गति वाली कणों की संकरी किरणें यानी जेट दोनों विपरीत दिशाओं में छोड़ता है. ये जेट प्रकाश की गति के करीब चलते हैं. जब ये जेट आसपास की गैस और धूल से टकराते हैं, तो भयंकर गामा किरणें पैदा होती हैं. जैसे-जैसे ये जेट आगे बढ़ते हैं, उनकी गति धीमी पड़ती जाती है और वे अपनी ऊर्जा खोते जाते हैं. इस प्रक्रिया में ‘आफ्टरग्लो’ यानी विस्फोट के बाद की चमक बनती है, जो गामा किरणों से शुरू होकर एक्स-किरणों, दृश्य प्रकाश, इंफ्रारेड और रेडियो तरंगों तक जाती है.

ब्रह्मांड की सबसे खतरनाक और रहस्यमयी घटना

खास बात है कि वैज्ञानिकों को जीआरबीएस की सबसे ज्यादा जानकारी इन्हीं आफ्टरग्लो से मिलती है, जिन्हें कई दिनों या वर्षों तक ट्रैक किया जा सकता है. गामा-रे बर्स्ट न सिर्फ ब्रह्मांड की सबसे खतरनाक घटनाएं हैं बल्कि ये ब्लैक होल, न्यूट्रॉन स्टार और विशाल तारों की मौत जैसे रहस्यों को समझने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. वैज्ञानिक अभी भी इनकी कई पहेलियों को सुलझाने में जुटे हुए हैं. 

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