रेलवे का मास्टरस्ट्रोक! अब AI की नजर से नहीं बचेगी गड़बड़ी! ट्रेन के खाने पर 24x7 पहरा
Railway: रेलवे ने अपने किचन और फूड प्रोडक्शन यूनिट्स में AI बेस्ड सर्विलांस सिस्टम लगाना शुरू कर दिया है. इसका मतलब यह है कि किचन में होने वाले काम पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी.
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Railway: लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले लाखों लोग खाने के लिए रेलवे और IRCTC पर भरोसा करते है.. हालांकि, समय-समय पर यात्रियों की तरफ से खाने की क्वालिटी, साफ- सफाई और हाइजीन को लेकर शिकायतें भी सामने आती रही हैं. यात्रियों को ताजगी और सुरक्षित खाना देने के लिए अब भारतीय रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है.
रेलवे ने अपने किचन और फूड प्रोडक्शन यूनिट्स में AI बेस्ड सर्विलांस सिस्टम लगाना शुरू कर दिया है. इसका मतलब यह है कि किचन में होने वाले काम पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी. रेलवे का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों तक पहुंचने वाला खाना साफ-सुथरा, सुरक्षित और तय मानकों के अनुसार तैयार किया जाए.
AI तकनीक से कैसे सुधार होगा
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि AI तकनीक की मदद से खाने की क्वालिटी में सुधार आएगा और यात्रियों का भरोसा भी बढ़ेगा. आने वाले समय में इस सिस्टम को और अधिक रेलवे किचन तक बढ़ाने की योजना है. यात्रियों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. कई बार खाने में गड़बड़ी, खराब पैकिंग, साफ-सफाई की कमी या कर्मचारियों द्वारा नियमों का पालन न करने जैसी शिकायतें आती रही हैं. अब तकनीक की मदद से इन समस्याओं पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी.
नया AI सिस्टम कैसे काम करेगा
रेलवे किचन में लगे AI कैमरे सामान्य CCTV से अलग हैं. ये सिर्फ रिकॉर्डिंग नहीं करेंगे, बल्कि वीडियो का एनालिसिस भी करेंगे.
अगर कोई कर्मचारी बिना ग्लव्स काम कर रहा है
या हेड कैप नहीं पहन रहा है
या साफ-सफाई के नियमों का पालन नहीं कर रहा है
तो AI सिस्टम इसे पहचानकर संबंधित अधिकारियों को अलर्ट भेज सकता है. यानी अब सिर्फ कैमरा देखने तक बात सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तकनीक खुद संभावित गड़बड़ियों को पकड़ने में मदद करेगी.
खाने की क्वालिटी पर बेहतर निगरानी
रेलवे की प्राथमिकता है कि यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित भोजन मिले. AI आधारित सिस्टम की मदद से यह सुनिश्चित किया जाए'गा कि खाना तैयार करने की प्रक्रिया तय मानकों के अनुसार हो. अगर कहीं कोई कमी दिखाई देती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जा सकती है.. इससे न केवल भोजन की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि शिकायतों की संख्या भी कम होने की उम्मीद है.
यात्रियों को मिलेगा फायदा
इस नए कदम से सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को ही होगा. अब उन्हें ट्रेन में साफ-सुथरा, सुरक्षित और स्वादिष्ट भोजन मिलने की संभावना बढ़ जाएगी.
साथ ही, खाने को लेकर आने वाली शिकायतों में भी कमी आ सकती है. अगर यह सिस्टम सफल रहा, तो यात्रियों का भरोसा पहले से भी ज्यादा मजबूत होगा.
रेलवे में तेजी से बढ़ रहा AI का इस्तेमाल
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रेलवे सिर्फ किचन तक ही AI का इस्तेमाल नहीं कर रहा. पिछले कुछ वर्षों में रेलवे ने टिकटिंग, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और निगरानी जैसे कई क्षेत्रों में नई तकनीक अपनाई है. अब AI का उपयोग यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए किया जा रहा है. आने वाले वर्षों में यह तकनीक रेलवे के कई अन्य विभागों में भी देखने को मिल सकती है.