Samsung यूजर्स के लिए जरूरी खबर! AI सेटिंग नहीं मानी तो डेटा पर पड़ सकता है असर
Samsung: हेल्थ डेटा किसी भी व्यक्ति की सबसे निजी जानकारियों में गिना जाता है. इसमें किसी की दिनचर्या, स्वास्थ्य, नींद और शरीर से जुड़ी संवेदनशील जानकारी शामिल होती है. ऐसे में अगर इस डेटा का इस्तेमाल AI को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है, तो कई लोग इसे लेकर सहज महसूस नहीं करते.
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Samsung Health सिर्फ आपकी रोजाना की गतिविधियों का रिकॉर्ड नहीं रखता, बल्कि यह आपकी सेहत से जुड़ी कई अहम जानकारियां भी सेव करता है. इसमें रोज कितने कदम चले, कितनी देर सोए, नींद की गुणवत्ता कैसी रही, महिलाओं की पीरियड या साइकिल ट्रैकिंग की जानकारी और स्मार्टवॉच से रिकॉर्ड होने वाला हार्ट रेट, एक्सरसाइज और दूसरी हेल्थ डिटेल्स भी शामिल होती हैं. यह पूरा डेटा Samsung अकाउंट के जरिए क्लाउड पर सिंक होता है, जिससे आप फोन बदलने के बाद भी अपनी पुरानी हेल्थ हिस्ट्री आसानी से देख सकते हैं.
AI ट्रेनिंग को लेकर क्या है नया बदलाव?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ यूजर्स ने जब AI ट्रेनिंग के लिए अपने डेटा के इस्तेमाल की अनुमति वापस लेने की कोशिश की, तो उन्हें एक नया नोटिस दिखाई दिया. इस नोटिस में बताया गया कि यदि वे AI से जुड़ी इन शर्तों को स्वीकार नहीं करते या बाद में अपनी सहमति वापस लेते हैं, तो उनका हेल्थ डेटा Samsung अकाउंट के साथ सिंक नहीं होगा. इतना ही नहीं, पहले से क्लाउड में मौजूद कुछ डेटा पर भी असर पड़ सकता है. इसी वजह से कई यूजर्स के बीच इस बदलाव को लेकर चिंता बढ़ गई है.
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प्राइवेसी को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
हेल्थ डेटा किसी भी व्यक्ति की सबसे निजी जानकारियों में गिना जाता है. इसमें किसी की दिनचर्या, स्वास्थ्य, नींद और शरीर से जुड़ी संवेदनशील जानकारी शामिल होती है. ऐसे में अगर इस डेटा का इस्तेमाल AI को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है, तो कई लोग इसे लेकर सहज महसूस नहीं करते. प्राइवेसी विशेषज्ञों का मानना है कि यूजर्स को यह अधिकार होना चाहिए कि वे तय करें उनका डेटा किस काम के लिए इस्तेमाल होगा. साथ ही, उन्हें ऐसा फैसला लेने पर किसी जरूरी सुविधा से वंचित भी नहीं होना चाहिए.
कंपनी की ओर से अभी नहीं आई पूरी जानकारी
फिलहाल Samsung ने इस पूरे मामले पर विस्तार से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है. अभी यह भी साफ नहीं है कि कंपनी AI ट्रेनिंग के दौरान यूजर्स के हेल्थ डेटा का इस्तेमाल किस तरीके से करेगी, डेटा को सुरक्षित रखने के लिए कौन-कौन से सुरक्षा उपाय अपनाए जाएंगे और यूजर्स की निजी जानकारी की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी. उम्मीद की जा रही है कि कंपनी जल्द ही इस बारे में विस्तृत जानकारी जारी करेगी ताकि लोगों की शंकाएं दूर हो सकें.
यूजर्स की नजर अब कंपनी के अगले कदम पर
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अगर भविष्य में इस तरह का नियम पूरी तरह लागू होता है, तो कई यूजर्स इसके खिलाफ अपनी राय भी रख सकते हैं. आज के समय में लोग अपनी निजी जानकारी और डिजिटल प्राइवेसी को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं. ऐसे में हर कोई चाहता है कि उसके डेटा का इस्तेमाल पूरी पारदर्शिता के साथ हो और उसे यह फैसला लेने की आजादी मिले कि वह अपना डेटा AI के लिए साझा करना चाहता है या नहीं. अब सभी की नजर Samsung के अगले आधिकारिक बयान पर है, जिससे इस पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी.