20 साल बाद मूल कैडर लौटे, 24 घंटे में दिल्ली पुलिस की कमान, 2 घंटे में ज्वाइनिंग...अनुराग कुमार की नियुक्ति की INSIDE STORY
सतीश गोलचा की जगह अनुराग कुमार को दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उन्हें IB से मूल कैडर में वापसी के 24 घंटे के अंदर ये कमान दी गई है. इसका जंतर मंतर प्रोटेस्ट से भी लेना देना है, क्या? जानिए INSIDE STORY.
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दिल्ली के जंतर मंतर से बीते दिन सोनम वांगचुक को उठाकर सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया. वांगचुक का भूख हड़ताल क़रीब 21 दिनों से जारी था. ऐसे में संसद के मॉनसून सत्र से पहले उनकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए पुलिस ने फौरन उठाकर एडमिट करा दिया. हैरानी की बात ये है कि दिल्ली पुलिस की ये कार्रवाई नए दिल्ली पुलिस अनुराग कुमार की अचानक हुई तैनाती के चंद घंटों के अंदर हुई. ऐसे में सवाल ये उठता है कि आख़िर अनुराग कुमार हैं कौन जिन्हें सतीश गोलचा की जगह राजधानी की कमान सौंपी गई, वो भी निवर्तमान दिल्ली पुलिस गोलचा को पद से छुट्टी कर.
दो घंटे में संभाला पदभार, चंद घंटे में जंतर मंतर पर एक्शन!
कहा जा रहा है कि सतीश गोलचा के पुलिस कमिश्नर रहते जंतर मंतर पर क्रॉक्रोज जनता पार्टी का प्रोटेस्ट कई दिनों से जारी था. संसद का सत्र शुरू होने वाला है और 20 तारीख़ को संसद की ओर मार्च का भी ऐलान किया गया था. ऐसे में गोलचा की ओर से कोई एक्शन प्लान सामने नहीं आने के बाद उनकी फौरन छुट्टी की गई और IB के पूर्व डायरेक्टर को दिल्ली पुलिस की कमान सौंप दी गई. उन्होंने आते ही चंद घंटे के अंदर आदेश दिया कि वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया जाए.
IB के पूर्व डायरेक्टर बने दिल्ली पुलिस कमिश्नर, फिर दिखाया एक्शन करते कैसे हैं?
इसके बाद दिल्ली पुलिस तड़के सुबह सफेद चादर के साथ जंतर मंतर पहुंची और खामोशी से वांगचुक को उठा ले गई. इससे पहले पुलिस के कुछ जवानों को सादे कपड़े में भी वहां रात से ही तैनात किया गया था. इतना ही नहीं पूरे ऑपरेशन के लिए मॉक ड्रिल भी किया गया था.
इसको लेकर पुलिस कमिश्नर के स्पष्ट निर्देश थे कि कार्रवाई के दौरान अनावश्यक भीड़ या अफरा-तफरी न हो और कैमरे में तस्वीरें कैद न हों. इस लिहाज़ से ही पुलिस अपने साथ सफेद कपड़े भी लाई थी और पूरे मंच को सफेद चादरों से ढक दिया गया. इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें मंच से उठाकर सुरक्षित बाहर ले आए.
कुल मिलाकर देखें तो जिस काम के लिए आनन-फ़ानन में अनुराग कुमार की तैनाती की गई, उन्होंने उसे फौरन कर दिया गया. ये अपने आप में भी अहम है कि राजधानी की सुरक्षा और मिले इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर एक IB के पूर्व डायरेक्टर को दिल्ली पुलिस कमिश्नर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई.
कौन हैं दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर?
आपको बता दें कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के पूर्व विशेष निदेशक अनुराग कुमार को दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर के तौर पर जिम्मेदारी सौंपी गई है. केंद्र सरकार ने सतीश गोलचा की रिटायरमेंट से पहले ही उन्हें पद से हटाते हुए अनुराग कुमार को कार्यभार सौंपा है.
रिटायरमेंट से पहले ही गोलचा की हो गई छुट्टी!
एक आधिकारिक आदेश में कहा गया, "सक्षम अधिकारी की मंजूरी से, 1994 बैच के आईपीएस अनुराग कुमार को पद संभालने की तारीख से और अगले आदेश तक दिल्ली का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया जाता है."
IB में काम करने का रहा है लंबा अनुभव?
आईपीएस अनुराग कुमार की नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) की ओर से उन्हें इंटेलिजेंस ब्यूरो से उनके मूल कैडर में वापस भेजने के बाद हुई है. भारत की प्रमुख एजेंसी खुफिया ब्यूरो में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी रणनीति, खुफिया जानकारी जुटाने और उसके विश्लेषण समेत अन्य संवेदनशील सुरक्षा मामलों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं.
क्यों खास है अनुराग कुमार की अचानक हुई दिल्ली CP के तौर पर नियुक्ति?
आपको बता दें कि 18 जुलाई 2026 की सुबह दिल्ली पुलिस महकमे सहित जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों के लिए एक बड़ी सरप्राइज लेकर आई. बेहद गोपनीय तरीके और आनन-फानन में राजधानी की कानून-व्यवस्था की बागडोर 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार को सौंप दी गई. इस अचानक हुए बदलाव ने पूरे प्रशासनिक अमले को चौंका दिया. सबसे खास बात यह रही कि गृह मंत्रालय का आदेश जारी होने के महज दो घंटे के भीतर ही अनुराग कुमार ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार भी ग्रहण कर लिया. दिल्ली पुलिस के इतिहास में यह पहला मौका माना जा रहा है, जब किसी नवनियुक्त पुलिस आयुक्त ने इतनी तेज गति से अपनी कमान संभाली हो.
20 साल पहले मूल कैडर में वापसी, 24 घंटे में दिल्ली पुलिस की कमान!
नए 'कप्तान' की नियुक्ति की यह पूरी प्रक्रिया केवल 24 घंटे के भीतर अंजाम दी गई. दरअसल, गुरुवार (16 जुलाई 2026) को ही इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से आईपीएस अनुराग कुमार की यूटी (UT) कैडर में आधिकारिक रूप से वापसी हुई थी. इसके अगले ही दिन, शुक्रवार को उन्हें दिल्ली का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त करने का फरमान आ गया. इतनी त्वरित कार्रवाई और पदभार ग्रहण करने की इस रफ्तार ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है.
मूल रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रहने वाले अनुराग कुमार का पुलिसिंग और प्रशासनिक करियर बेहद बेदाग और शानदार रहा है. यूटी कैडर के इस अनुभवी अधिकारी का दिल्ली पुलिस के साथ पुराना नाता है. करीब दो दशक पहले वे उत्तरी दिल्ली के डीसीपी (DCP) के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जो मुख्य ढांचे में उनकी आखिरी तैनाती थी. इसके बाद वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में चले गए थे. दिल्ली पुलिस के शीर्ष पद पर इस शानदार वापसी से ठीक पहले तक, वे आईबी में स्पेशल डायरेक्टर जैसे बेहद संवेदनशील और अहम पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
नए सीपी के कंधों पर होगी राजधानी की सुरक्षा!
इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अनुराग कुमार को पुलिसिंग में उनकी बेहतरीन सेवा के लिए कुछ सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा जा चुका है. उन्हें 2010 में सराहनीय सेवा के लिए पुलिस मेडल और बाद में 2016 में फोर्स में उनके असाधारण योगदान के लिए विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया.
दिल्ली पुलिस के प्रमुख के तौर पर अनुराग कुमार पर राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी. राष्ट्रीय राजधानी में संसद, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय, सुप्रीम कोर्ट और कई विदेशी दूतावासों सहित देश के प्रमुख संवैधानिक और प्रशासनिक संस्थान स्थित हैं. राष्ट्रीय राजधानी की संवेदनशील प्रकृति और उससे जुड़ी लगातार सुरक्षा जरूरतों के कारण दिल्ली पुलिस को भारत के सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पुलिस बलों में से एक माना जाता है.
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सतीश गोलचा को LG ऑफ़िस में रिपोर्ट करने के आदेश!
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अनुराग कुमार 1992 बैच के अधिकारी सतीश गोलचा की जगह लेंगे, जिन्होंने पिछले साल अगस्त में दिल्ली पुलिस कमिश्नर का पद संभाला था. हालांकि, गोलचा का कार्यकाल अप्रैल 2027 तक था, लेकिन सरकार ने उन्हें दिल्ली उपराज्यपाल कार्यालय में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है.