Dhurandhar-2 वाले Atiq Ahmad की चर्चा के बीच सुर्खियों में आया योगी का ये असली 'धुरंधर' IPS, बताई माफियाओं को मिट्टी में मिलाने की कहानी!
Dhurandhar The Revenge के रिलीज होते ही योगी के धुरंधर की क्यों छिड़ी चर्चा, कौन है माफिया अतीक अहमद का साम्राज्य मिट्टी में मिलाने वाला योगी का वो असली धुरंधर जिसकी हो रही चर्चा और आखिर क्या है प्रोफाइल.
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उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाल रहे भगवाधारी योगी आदित्यनाथ की दहाड़ के बाद कभी अपराध की दुनिया का बेताज बादशाह रहा माफिया अतीक अहमद मिट्टी में मिला दिया गया. 15 अप्रैल साल 2023 के दिन प्रयागराज की सड़कों पर दिनदहाड़े अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के अपराध के साम्राज्या का खात्मा उसी तरह हुआ जिसके लिए उसकी पहचान होती थी.
Dhurandhar-2 फिल्म की चर्चा के बीच क्या आप जानते हैं कि यूपी में भी CM योगी का एक असली धुरंधर, तेजतर्रार IPS अफसर है, जिसके बारे में कहा जाता है कि उसने उत्तर प्रदेश में माफिया के साम्राज्य को मिट्टी में मिला दिया. वो फिर से धुरंधर-2 रिलीज होते ही चर्चा में आ गया है.
धुरंधर-2 के बीच माफिया अतीक अहमद चर्चाओं में आया!
इस शूटआउट के बाद माफिया अतीक अतीत के पन्नों में सिमट गया, लेकिन इसके बावजूद उसके खौफनाक कारनामों के चर्चों का अंत नहीं हुआ क्योंकि वो कहते हैं ना कि माफिया कितना ही बड़ा क्यों ना हो, एक ना एक दिन उसका अंत होना निश्चित है, लेकिन कुछ माफिया ऐसे होते हैं. जो जरायम की दुनिया अपराध का ऐसा काला अध्याय लिख जाते हैं, जिसकी चर्चा उसके मौत के बाद भी होती रहती है, कुछ ऐसा ही माफिया था अतीक अहमद, जिसका अंत तो साल 2023 में ही हो गया था, लेकिन इसके बावजूद एक बार फिर उसके खौफनाक कारनामों की चर्चा हो रही है क्योंकि 19 मार्च को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली मोस्ट अवेटेड फिल्म धुरंधर- द रिवेंज के एक किरदार आतिफ अहमद ने उसे फिर से जिंदा कर दिया.
दरअसल आतंकवाद के खिलाफ भारत के मिशन और अंतरराष्ट्रीय जासूसी पर आधारित आदित्य धर की फिल्म धुरंधर- द रिवेंज में आतिफ अहमद नाम का एक किरदार है, जिसे यूपी का माफिया अतीक अहमद बताया जा रहा है. और जब फिल्म धुरंधर में माफिया अतीक अहमद का जिक्र आएगा तो योगी सरकार के उस धुरंधर IPS अफसर का भी जिक्र जरूर होना चाहिए, जिसने माफिया अतीक के साम्राज्य को मिट्टी में मिलाने का काम किया, जिनका नाम है पूर्व IPS अफसर प्रशांत कुमार.
चर्चा में आए योगी के असली धुरंधर IPS अफसर!
सीएम योगी आदित्यनाथ के भरोसेमंद अफसरों में से एक पूर्व आईपीएस अफसर प्रशांत कुमार कभी यूपी जैसे बड़े राज्य के डीजीपी हुआ करते थे… जिन्हें कोई एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहता था, कोई सिंघम कहता था, तो कोई योगी आदित्यनाथ का संकटमोचक कहता था, इसी बात से समझ सकते हैं प्रशांत कुमार योगी के कितने भरोसेमंद अफसर थे, जब साल 2023 में उमेश पाल हत्याकांड के बाद सीएम योगी ने विधानसभा में कहा था माफिया को मिट्टी में मिला देंगे, तब अतीक गैंग के खिलाफ ऑपरेशन को अंजाम देने वाले मुख्य सूत्रधार प्रशांत कुमार ही थे, जो उस वक्त एडीजी लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, यही वजह है कि फिल्म धुरंधर- द रिवेंज में जब आतिफ अहमद का जिक्र आया तो सोशल मीडिया पर पूर्व आईपीएस अफसर प्रशांत कुमार की चर्चा होने लगी, यहां तक कि प्रशांत कुमार पर किताब लिखने वाले लेखक अनिरुद्ध मित्रा ने सोशल मीडिया पर लिखा,“ये देख कर बेहद खुशी हो रही है कि असली जज्बे और हिम्मत को उसका हक मिल रहा है, मेरी किताब The Enforcer में पूर्व डीजीपी डॉ. प्रशांत कुमार के यूपी के माफिया प्रभावित इलाकों में उनके अथक अभियान का वर्णन है और अब उन्हीं से प्रेरित एक किरदार ब्लॉकबस्टर धुरंधर के सीक्वल में चमक रहा है, हकीकत शायद कुछ और भी हो सकती है”लेखक अनिरुद्ध मित्रा के इस ट्वीट का जवाब देते हुए पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार ने लिखा,“Humbled by this generous mention. माफिया के खिलाफ जो कुछ भी हम हासिल कर पाए वो केवल माननीय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ही संभव हो सका है, उनके जीरो टॉलरेंस के संकल्प ने हमें दिशा भी दी और साहस भी, वास्तविक श्रेय हर उस अधिकारी और हर सिपाही को जाता है जो जमीन पर डटे रहे, अक्सर बड़े व्यक्तिगत जोखिम उठाकर, वही असली धुरंधर हैं.”
Ex DGP ने सीएम योगी को दिया सारा श्रेय!
लेखक अनिरुद्ध मित्रा ने अतीक गैंग के खिलाफ ऑपरेशन का असली धुरंधर प्रशांत कुमार को बताया, तो वहीं उन्होंने बड़ी ही विनम्रता के साथ इसका पूरा क्रेडिट सीएम योगी आदित्यनाथ को दे दिया, जिनके राज में अतीक अहमद के साम्राज्य को मिट्टी में मिलाया गया, क्योंकि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री तो इससे पहले भी थे लेकिन किसी ने भी अतीक अहमद के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया, मुलायम सिंह यादव के राज में तो अतीक अहमद को टिकट देकर चुनाव लड़वाया जाता था, यहां तक कि साल 2004 में अतीक अहमद पहली बार सपा के टिकट पर ही सांसद बना था, तो फिर सपा से उसके खिलाफ कोई एक्शन लेने की उम्मीद करना भी बेमानी ही थी, वो तो भला हो यूपी की जनता का, जिसने साल 2017 में बीजेपी को जिताया और योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री की शपथ लेकर सत्ता संभाली, जिसके बाद अतीक अहमद के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन शुरू हुआ.
योगी के सिंघम ने कैसे किया अतीक अहमद का खात्मा?
साल 2023 में जब अतीक अहमद के बेटे असद अहमद और शूटर गुलाम का झांसी में एनकाउंटर किया गया उस वक्त पूरी रणनीति और ऑपरेशनल कमांड प्रशांत कुमार और तत्कालीन ADG STF अमिताभ यश के हाथों में ही थी. अतीक अहमद के करीब 1200 करोड़ रुपये के अवैध साम्राज्य को कुर्क करने के लिए जो अभियान चलाया गया था उसका भी नेतृत्व तत्कालीन एडीजी L&O प्रशांत ने ही किया था.
यही वजह है कि धुरंधर-द रिवेंज में जब आतिफ अहमद को दिखाया गया तो उसके साथ-साथ पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार की भी चर्चा होने लगी क्योंकि जब तक उनके हाथ में यूपी की कानून व्यवस्था रही उनके राज में अतीक अहमद ही नहीं मुख्तार अंसारी जैसे माफिया के खौफ का भी खात्मा हो गया इतना ही नहीं यूपी की कानून व्यवस्था सुधारने में बड़ी भूमिका निभाने वाले पूर्व आईपीएस अफसर प्रशांत कुमार सीएम योगी के कितने भरोसेमंद अफसर हैं. ये इसी बात से समझ सकते हैं कि जब वो रिटायर हुए तो सीएम योगी ने उनकी काबिलियत को देखते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष बना दिया.
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रिपोर्ट: धीरेंद्र रावत
एडिट: केशव झा
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