गोंडा में ड्यूटी करने आईं साउथ इंडियन डॉक्टर ने ऐसी अवधी बोली, सुनकर लोगों के चेहरे पर आ गई मुस्कान; VIDEO वायरल
गोंडा में ड्यूटी कर रहीं दक्षिण भारत की महिला डॉक्टर को स्थानीय भाषा अवधी इतनी पसंद आई कि उन्होंने इसे सीखना शुरू कर दिया. सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में महिला ने बताया की मरीज किस तरह से अपनी समस्या बताते हैं.
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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक महिला डॉक्टर का वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है. वजह उनकी मेडिकल ड्यूटी नहीं, बल्कि गोंडा में रहते हुए सीखी गई स्थानीय भाषा अवधी है. दक्षिण भारत से ताल्लुक रखने वाली यह डॉक्टर उत्तर प्रदेश के गोंडा में अपनी ड्यूटी कर रही हैं और इसी दौरान उन्होंने अवधी बोलना भी सीख लिया. अब वह बड़े ही दिलचस्प अंदाज में अवधी के शब्द बोलती नजर आती हैं. उनका यह अंदाज लोगों को खूब पसंद आ रहा है.
वायरल वीडियो में डॉक्टर ने खुद बताया कि वह साउथ इंडियन हैं और शादी के बाद उन्होंने हिंदी बोलना सीखा. लेकिन गोंडा आने के बाद उन्हें यहां की अवधी भाषा इतनी पसंद आई कि उन्होंने इसे सीखने की कोशिश शुरू कर दी. शुरुआत में किसी नई बोली को समझना उनके लिए आसान नहीं रहा होगा, लेकिन स्थानीय लोगों और मरीजों से लगातार बातचीत के दौरान वह धीरे-धीरे इसके शब्दों और लहजे से परिचित होती गईं.
A South Indian doctor on duty in Gonda UP enjoys Awadhi language. It has its own style. Own words. Her experience is remarkably funny. Do listen. pic.twitter.com/Xt5sC2a5BV
— Sanket Upadhyay (@sanket) September 2, 2026
मरीजों की अवधी सुनकर मिलती है खुशी
डॉक्टर के वीडियो का सबसे दिलचस्प हिस्सा उनका अवधी के प्रति लगाव है. वह कहती हैं कि जब कोई उनसे अवधी में बात करता है तो उन्हें बहुत अच्छा लगता है. खासकर जब मरीज अपनी परेशानी अवधी में बताते हैं, तो उन्हें यह अनुभव बेहद खास लगता है. उनके मुताबिक, मरीज जब अवधी में अपनी समस्या बताते हैं तो उन्हें ऐसा लगता है जैसे कोई उन्हें कविता सुना रहा हो. डॉक्टर का यह अंदाज सोशल मीडिया यूजर्स को भी पसंद आ रहा है. उनकी बातों में स्थानीय भाषा के लिए उत्सुकता के साथ-साथ अपनापन भी साफ दिखाई देता है.
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गोंडा ने दिया एक अलग अनुभव
आमतौर पर किसी दूसरे शहर या राज्य में जाने पर लोग वहां के खान-पान, रहन-सहन और संस्कृति को करीब से जानने की कोशिश करते हैं. लेकिन इस डॉक्टर का अनुभव थोड़ा अलग है. उन्होंने गोंडा की स्थानीय बोली को अपने जीवन के अनुभव का हिस्सा बना लिया. मरीजों और स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए उन्हें अवधी के कई ऐसे शब्द भी सुनने को मिले, जिनके अर्थ उनके लिए नए थे. कई शब्दों को समझना उनके लिए मजेदार रहा और इसी वजह से भाषा सीखने में उनकी दिलचस्पी और बढ़ती गई. उनके इस वीडियो को लोग खूब पसंद करते हुए सोशल मीडिया पे कॉमेंट के ज़रिए उनकी प्रशंसा कर रहे हैं.
लोग कर रहे मजेदार कॉमेंट
डॉ अनवर हुसैन ने लिखा 'ये डॉ. अनीता मिश्रा (स्त्री रोग विशेषज्ञ) हैं, जो पिछले दो दशकों से गोंडा में एक अस्पताल चला रही हैं. मूल रूप से बेंगलुरु की रहने वाली हैं.' एक अन्य यूज़र ने लिखा 'अवधी, ब्रज वगैरह की एक समृद्ध परंपरा रही है, जिसे खड़ी हिंदी के बढ़ते प्रभाव के कारण नज़रअंदाज़ किया जा रहा है. यह देखकर अच्छा लगता है कि किसी दूसरे भाषाई क्षेत्र का व्यक्ति किसी भाषा की गहराई में उतरकर उसका आनंद ले रहा है. लेकिन उन्हें अपनी दक्षिण भारतीय भाषा का नाम बताना चाहिए था.' एक अन्य यूज़र ने कहा कितना सुंदर है. आप किसी भी भाषा का आनंद ले सकते हैं और उसे जी सकते हैं, या फिर उसके साथ गंदी सियासत कर सकते हैं.'
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बताते चलें कि डॉक्टर का यह वीडियो सिर्फ एक भाषा सीखने की कहानी नहीं है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किसी जगह के लोगों से जुड़ने के लिए उनकी भाषा को समझना कितना खूबसूरत तरीका हो सकता है. दक्षिण भारत से आई डॉक्टर ने गोंडा की अवधी को जिस खुले मन से अपनाया, उसने उनके यहां रहने के अनुभव को भी यादगार बना दिया है.