सबरीमाला सोना चोरी मामले में बवाल, आरोपी की पहुंच सोनिया गांधी तक! क्या होगी गांधी परिवार की भी जांच?
सबरीमाला मामले को लेकर केरल में बवाल मच गया है. इस मामले के मुख्य आरोपी के साथ सोनिया गांधी की कथित तौर पर तस्वीर सामने आने के बाद बीजेपी हमलावर है. कहा जा रहा है कि जांच की आंच अब गांधी परिवार तक पहुंच सकती है.
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भारत में सेक्युलरिज़्म का पाठ केवल हिंदुओं को ही पढ़ाया जाता है. धर्मनिरपेक्षता का ठेका जैसे सिर्फ हिंदुओं ने ले रखा हो. सरकारें हिम्मत भी सिर्फ हिंदुओं के मंदिरों और धार्मिक संस्थानों पर ही कब्जे की दिखा पाती हैं….हिंदुओं के दान से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल उन्हीं लोगों पर किया जाता है जो हिंदुओं पर पत्थर और गोलियां चलाते हैं. अब तक कभी प्रसाद में मिलावट, कभी धार्मिक परंपराओं से छेड़छाड़ कर सनातनियों की आस्था पर चोट की जाती रही, और अब बात मूर्तियों, दरवाज़ों, सोने-चांदी की चोरी तक पहुंच चुकी है. सबसे गंभीर बात यह है कि इन घटनाओं के पीछे बड़े-बड़े और प्रभावशाली नाम सामने आ रहे हैं. ऐसी ही एक तस्वीर ने दक्षिण भारत के राज्य केरल में राजनीतिक भूचाल ला दिया है.
हम बात कर रहे हैं केरल के सबसे चर्चित और सबसे गर्म मुद्दे सबरीमाला मंदिर सोना चोरी मामले की. इस केस के सामने आते ही न सिर्फ केरल, बल्कि पूरे देश की राजनीति में उबाल आ गया. यह वही मामला है जिस पर सुप्रीम कोर्ट से लेकर केरल हाईकोर्ट तक को कड़ी टिप्पणियां करनी पड़ीं. यह वही मामला है जिसने वामपंथी सरकार के शासन में, उनकी नाक के नीचे हुई चोरी की परतें खोल दीं और कांग्रेस-यूडीएफ की नींद उड़ा दी. कहा जा रहा है कि यही केस गांधी परिवार की रातों की नींद और दिनों का चैन छीनने की वजह बना है. यही वजह रही कि केरल दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस पर कार्रवाई का आश्वासन देना पड़ा. राजनीतिक जानकार तो यहां तक कह रहे हैं कि ओडिशा के बाद केरल में भी सत्ता के उलटफेर की जमीन इसी मामले ने तैयार कर दी है.
सोनिया गांधी के साथ सबरीमाला सोना चोरी के आरोपी की तस्वीर!
सबरीमाला सोना चोरी मामला कई महीनों से केरल की राजनीति के केंद्र में है. इस केस का मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी है, जिसे जमानत मिलने और जेल से बाहर आने के बाद मामला एक बार फिर भड़क उठा. वजह बनी सोनिया गांधी के साथ उसकी वायरल होती तस्वीरें. इन्हीं तस्वीरों के सहारे वामपंथी सरकार खुद पर लगे भ्रष्टाचार के दाग धोने की कोशिश में लगी है, जबकि कांग्रेस इस मामले को न निगल पा रही है, न उगल पा रही है. विधानसभा से लेकर सड़कों तक इसी तस्वीर को लेकर बवाल मचा हुआ है.
एसआईटी द्वारा दाखिल चार्जशीट में पोट्टी पहले आरोपी के तौर पर नामित है. वह उन 13 आरोपियों में शामिल है, जिन्हें सोने की चोरी के दो मामलों में जेल भेजा गया था. अब उसके बाहर आने के बाद, सोनिया गांधी के साथ उसकी तस्वीरें फिर से सुर्खियों में हैं. आरोप सिर्फ कांग्रेस पर ही नहीं, बल्कि वामपंथी सरकार पर भी हैं. कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की भी पोट्टी से मुलाकातें हुई थीं, जिनका आज तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया.
गांधी फैमिली पर बीजेपी हमलावर!
बीजेपी और आम लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर गोल्ड स्मगलिंग के आरोपी को सोनिया गांधी के आवास तक पहुंच कैसे मिली? बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस शासनकाल में हुई इन मुलाकातों का एजेंडा सार्वजनिक किया जाना चाहिए, क्योंकि बिना राजनीतिक संरक्षण के इतनी बड़ी चोरी संभव ही नहीं थी. दावा किया जा रहा है कि ओमन चांडी सरकार के दौरान पोट्टी की सोनिया गांधी से कई मुलाकातें हुईं, लेकिन कांग्रेस इस पर चुप्पी साधे हुए है.
जांच एजेंसियों के मुताबिक, वर्ष 2019 में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड की अनुमति के बाद पोट्टी ने द्वारपालक प्रतिमाओं और श्रीकोविल के फ्रेम से सोना निकालकर धोखाधड़ी की. केरल हाईकोर्ट ने वजन घटने के आधार पर इस चोरी की पुष्टि भी की. फिलहाल पोट्टी एसआईटी की हिरासत में है और जांच एजेंसियां इस पूरे मामले में एक बड़े राजनीतिक और संगठित षड्यंत्र की आशंका के तहत हाई-प्रोफाइल कड़ियों की जांच कर रही हैं.
सबरीमाला गोल्ड केस ED की भी एंट्री
सबरीमाला गोल्ड केस अपने आप में अनोखा है, क्योंकि इसमें सरकार, सत्ता पक्ष, विपक्ष और देवस्वोम बोर्ड से जुड़े कई नाम सामने आए हैं. बीते साल केरल पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस गोल्ड प्लेटिंग घोटाले में औपचारिक केस दर्ज किया था. इस केस में जिन 10 लोगों को नामजद किया गया, उनमें स्पॉन्सर उन्नीकृष्णन पोट्टी, उसके सहयोगी और देवस्वोम बोर्ड के अधिकारी शामिल हैं.
बीजेपी पूछ रही कि दूसरे कांग्रेसियों को नहीं मिलता मिलने का मौका…पोट्टी कैसे सोनिया तक पहुंचा?
केरल बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने सोनिया गांधी-पोट्टी तस्वीर को लेकर कांग्रेस और गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने सवाल उठाया कि 2017 में एक सोना चोरी और तस्करी के आरोपी से सोनिया गांधी की मुलाकात क्यों हुई? उन्होंने इस मुलाकात की टाइमिंग को बेहद संदिग्ध बताया और कहा कि सोनिया गांधी की बहन और रिश्तेदारों का इटली में मूर्तियों के कारोबार से जुड़ा होना भी कई सवाल खड़े करता है.
उन्होंने मांग की कि एसआईटी को सोनिया गांधी से भी पूछताछ करनी चाहिए. साथ ही यूडीएफ संयोजक अदूर प्रकाश और सांसद एंटो एंटनी से भी जवाब मांगा. सुरेंद्रन ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस के बड़े नेता और मुख्यमंत्री तक सोनिया गांधी से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट नहीं पा सकते, तो गोल्ड स्मगलर को यह पहुंच कैसे मिल जाती है? सवाल ये उठता है कि क्या बीजेपी जो आरोप लगा रही है उसकी जांच की आंच गांधी परिवार तक पहुंचेगी?
कैसे की गई सोना की चोरी!
केरल पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एफआईआर में चोरी, जालसाजी, विश्वासघात और आपराधिक साजिश के एंगल शामिल किए. शुरुआती जांच में सामने आया कि जुलाई 2019 में सोने की प्लेटों को बदलने के दौरान गंभीर प्रक्रियात्मक उल्लंघन हुए. सतर्कता रिपोर्ट में अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के संकेत मिले. कथित तौर पर, सोने की प्लेटों को नियमों को ताक पर रखकर केरल से बेंगलुरु और फिर हैदराबाद ले जाया गया.
हालांकि शुरुआती रिपोर्ट में 989 ग्राम सोना गायब बताया गया था, लेकिन बाद की जांच में चोरी की मात्रा कहीं अधिक होने की आशंका जताई गई. महाजार रिकॉर्ड संकेत देते हैं कि मूल प्लेटों की अदला-बदली या उनका अन्यत्र इस्तेमाल किया गया.
बीते महीने इस मामले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज किया और एसआईटी ने सबरीमाला मंदिर के तंत्री कांतारू राजीव को हिरासत में लिया. ईडी अब उन्नीकृष्णन पोट्टी, गोवर्धन और पंकज भंडारी सहित मुख्य आरोपियों के वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है.
“आपने भगवान को भी नहीं छोड़ा.”
सबरीमाला सोना चोरी का मामला पहले ही अपने धार्मिक महत्व और संगठित अपराध के कारण सुर्खियों में था. अब ईडी की एंट्री और गांधी परिवार पर बढ़ते राजनीतिक हमलों के बाद केरल की राजनीति निर्णायक मोड़ पर खड़ी है. बीजेपी इसे सत्ता परिवर्तन का मौका मान रही है, जबकि एलडीएफ एंटी-इनकंबेंसी से जूझ रही है. यही वजह है कि बीजेपी के हमलों के बाद राहुल गांधी को भी केरल कांग्रेस की बैठक में नाराज़गी जतानी पड़ी कि उनकी मां का नाम क्यों घसीटा जा रहा है.
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एसआईटी और ईडी की जांच तेज होने के साथ आने वाले दिन तय करेंगे कि यह मामला किस हद तक जाएगा. सुप्रीम कोर्ट और केरल हाईकोर्ट दोनों की नजर इस केस पर है. याद दिला दें कि इसी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था
“आपने भगवान को भी नहीं छोड़ा.”
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