'76 साल के PM को गाली देकर कूल हो गए?', Gen Z पर कुमार विश्वास का करारा तंज, बोले- बाद में याद आएंगे हनुमान जी
Kumar Vishwas On Gen Z Abuse PM Modi: जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्द कहे जाने की घटना का जिक्र करते हुए कुमार विश्वास ने युवाओं को समझाने की कोशिश की कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक जगहों पर किसी के खिलाफ गाली-गलौज करना कोई बहादुरी या 'कूल' होने की निशानी नहीं है. उनके मुताबिक, जिंदगी सिर्फ लाइक्स, कमेंट्स और सोशल मीडिया की बहसों तक सीमित नहीं है.
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Kumar Vishwas: अपनी बेबाक बातों और कविताओ के लिए मशहूर डॉ. कुमार विश्वास एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं.. इस बार उन्होंने देश की युवा पीढ़ी यानी Gen Z को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है. हाल ही में जंतर-मंतर (Jantar Mantr) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्द कहे जाने की घटना का जिक्र करते हुए कुमार विश्वास ने युवाओं को समझाने की कोशिश की कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक जगहों पर किसी के खिलाफ गाली-गलौज करना कोई बहादुरी या 'कूल' होने की निशानी नहीं है. उनके मुताबिक, जिंदगी सिर्फ लाइक्स, कमेंट्स और सोशल मीडिया की बहसों तक सीमित नहीं है.
'असली दुनिया की कसौटी अभी बाकी है'
कुमर विश्वास ने आजतक के विशेष कार्यक्रम 'सुरक्षा सभा' में युवाओं से जुड़ी अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि आज अगर कोई युवा चौराहे पर खड़े होकर देश के प्रधानमंत्री जैसे बड़े पद पर बैठे व्यक्ति के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करता है और खुद को कूल समझता है, तो उसे यह समझना चाहिए कि असली जिंदगी की परीक्षा अभी बाकी है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने बच्चा को माफ करने की बात कही, लेकिन हर कोई इतना बड़ा दिल नहीं रखता। कुमार विश्वास का इशारा इस बात की तरफ था कि गुस्से या जोश में बोले गए शब्द कई बार आगे चलकर परेशानी खड़ी कर सकते हैं.
🚨 कुमार विश्वास का करारा जवाब:
— Manoj Singh (@PracticalSpy) September 8, 2026
“अगर 76 साल के प्रधानमंत्री को गाली देने से तुम्हें कूल लगता है, तो दे दो। उन्होंने माफ भी कर दिया। लेकिन असली दुनिया की गर्मी में आओ।
5-6 साल बाद जब नौकरी ढूंढोगे, घर का खर्च संभालोगे, ऑल्टो लेनी है या सेडान — तब घर के हर भगवान याद आएंगे।
‘हे… pic.twitter.com/SY2aBuUCTD
नौकरी, परिवार और जिम्मेदारिया आएंगी तो बदल जाएगी सोच?
युवाओ को समझाते हुए कुमार विश्वास ने जिंदगी की उन जिम्मेदारियों का जिक्र किया, जिनसे हर इंसान को एक न एक दिन गुजरना पड़ता है. उन्होंने कहा कि कुछ साल बाद यही युवा नौकरी की तलाश करेंगे, घर का खर्च संभालेंगे, शादी करेंगे और परिवार की जिम्मेदारियां उठाएंगे. तब जिंदगी सिर्फ सोशल मीडिया पर अपनी बात रखने जितनी आसान नहीं होगी. उन्हो‘मुस्लिम पति को हिंदू बनाया?’ देवोलीना को मिले धर्म के ताने, बच्चे पर बात आई तो...ने इसी बात को अपने अंदाज में समझाते हुए कहा कि जब घर-परिवार की चिंता सामने आएगी, तब इंसान को अपनी परेशानियों का हल और ईश्वर का सहारा याद आएगा.
युवाओं को मर्यादा और जिम्मेदारी का संदेश
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कुमार विश्वास के इस बयान ने एक बार फिर युवाओ की भाषा, व्यवहार और सोशल मीडिया की संस्कृति को लेकर बहस छेड़ दी है. उनकी बात का मुख्य संदेश यही है कि किसी भी विचार से असहमति होना गलत नहीं है, लेकिन अपनी बात रखने का तरीका भी उतना ही जरूरी है. गुस्से में बोले गए शब्द पलभर के लिए तालियां या लाइक्स जरूर दिला सकते हैं, लेकिन जिंदगी की असली चुनौतियों के सामने इंसान को अपने व्यवहार, संस्कार और जिम्मेदारियों की कीमत समझ आती है. यही वजह है कि कुमार विश्वस ने Gen-Z को जोश के साथ-साथ होश और मर्यादा बनाए रखने कि नसीहत दी ह.