'इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा...', DDU में छात्रों के धरने के बीच दारोगा का वीडियो वायरल, जानें पूरा मामला
गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों के धरने के बीच दारोगा का वीडियो वायरल, कथित तौर पर 'इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा' कहते आए नजर. बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक दारोगा धरने पर बैठे छात्रों से सख्त लहजे में बात करते हुए नजर आ रहे हैं. वायरल वीडियो में कथित तौर पर दारोगा कहते सुनाई दे रहे हैं, 'इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा, जान नहीं रहे हो, ये गोरखपुर पुलिस है.'
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर खूब चर्चा हो रही है. हालांकि, यह पूरा मामला केवल वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है. इसके पीछे विश्वविद्यालय परिसर में कई दिनों से चल रहा छात्रों का धरना, भूख हड़ताल और प्रशासन के साथ बढ़ता विवाद भी जुड़ा हुआ है. इस वीडियो पर कई लोगों का कहना है कि दरोगा ने शांति व्यवस्था को क़ायम बनाए रखने के लिए सख्त लहजे के इस्तेमाल किया होगा. तो कई का यह मानना है कि ये पुलिस अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को सीधे धमका रही है.
धरने पर बैठे छात्रों को हटाने पहुंचा था विश्वविद्यालय प्रशासन
दरअसल, DDU में छात्र नेताओं का धरना 25 अगस्त से प्रशासनिक भवन के सामने चल रहा था. छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय से जुड़ी उनकी कई समस्याओं और कथित अनियमितताओं पर प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है. बाद में 5 सितंबर से छात्रों ने धरने को भूख हड़ताल में बदल दिया. छात्र नेता सतीश प्रजापति और उज्जवल सिंह सहित अन्य छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे. उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. इसी बीच 8 सितंबर को विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को प्रशासनिक भवन परिसर से हटाने की कोशिश की. बताया जा रहा है कि एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय पुलिस और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे थे.
कैसे शुरू हुई बहस की शुरुआत?
जानकारी के मुताबिक, एडिशनल प्रॉक्टर छात्रों से बातचीत करने और भूख हड़ताल खत्म कराने के उद्देश्य से प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर पहुंचे थे. छात्रों ने उनके सामने अपनी मांगें रखीं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद माहौल धीरे-धीरे गर्म होने लगा. छात्रों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बहस हुई और देखते ही देखते नोकझोंक की स्थिति बन गई. मौके पर मौजूद लोगों के बीच धक्का-मुक्की होने की बात भी सामने आई. स्थिति बिगड़ती देख एडिशनल प्रॉक्टर को पुलिस और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों की मदद से वहां से बाहर निकाला गया. वायरल हुए एक वीडियो में वह छात्रों के बीच से निकलकर परिसर के बाहर जाते दिखाई दे रहे हैं. पुलिसकर्मी और गार्ड उन्हें सुरक्षित बाहर ले जाते नजर आते हैं.
कब सामने आया दारोगा का वीडियो?
इसी घटनाक्रम के दौरान पुलिस की मौजूदगी में एक दारोगा का वीडियो भी रिकॉर्ड हुआ. वायरल वीडियो में वह छात्रों से सख्त अंदाज में बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं. इसी दौरान उनके मुंह से कथित तौर पर 'इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा, ये गोरखपुर पुलिस है.' जैसी बातें सुनाई देती हैं. वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचते ही लोगों का ध्यान इस ओर चला गया. कुछ लोग दारोगा के कथित बयान को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो वहीं पूरा घटनाक्रम छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच चल रहे विवाद को भी चर्चा में ले आया है. बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम 8 सितंबर की दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच का है. उस समय प्रशासनिक भवन परिसर में छात्रों का धरना चल रहा था और पुलिस तथा विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी भी मौके पर मौजूद थे.
छात्र किन मांगों को लेकर कर रहे हैं आंदोलन?
छात्र नेताओं का आंदोलन विश्वविद्यालय से जुड़ी समस्याओं और कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा है. छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर लंबे समय से संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें धरना और फिर भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा. दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों को प्रशासनिक भवन परिसर से हटाने की कोशिश की गई. इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई.
बताते चलें कि गोरखपुर विश्वविद्यालय का यह मामला अब सिर्फ परिसर तक सीमित नहीं रह गया है. छात्रों का कई दिनों से चल रहा आंदोलन, प्रशासन के साथ हुई नोकझोंक और उसके बाद वायरल हुआ पुलिसकर्मी का वीडियो, तीनों ने मिलकर इस पूरे घटनाक्रम को चर्चा में ला दिया है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के सीनियर अधिकारियों की ओर से इस विवाद को लेकर आगे क्या कदम उठाया जाता है.