दुश्मन तक किसने पहुंचाए अमेरिकी सेना के सीक्रेट इनपुट? रडार पर 50 ऑफिसर, पॉलीग्राफ टेस्ट बताएगा ‘भेदिए’ का पता!
ईरान के साथ जंग के बीच सुपरपावर अमेरिका के साथ खेल हो गया. अमेरिकी ऑपरेशन की सीक्रेट जानकारी लीक होने के बाद हड़कंप मच गया. सच पता लगाने के लिए तीनों सेनाओं के 50 अधिकारियों का पॉलीग्राफ टेस्ट हो रहा है.
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ईरान से जंग के बीच सुपरपावर अमेरिका इन दिनों एक अलग तरह के खौफ में है. अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारियों का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाया जा रहा है इसकी वजह सीक्रेट इनपुट का लीक होना है. जिसके बाद अमेरिकी सेना, सरकार और रक्षा विभाग डरा हुआ है.
अमेरिका में घर का भेदी लंका ढहाए कौन है? इन दिनों इस सवाल ने ट्रंप सरकार की नींद उड़ाकर रख दी है. एक सवाल जो बार-बार उठ रहा है कि फौज के अंदर ऐसा कौन बैठा है जो दुश्मन देश तक अहम और सीक्रेट इनपुट भेज रहा है.
एयरफोर्स से लेकर आर्मी के अधिकारियों का टेस्ट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शक तब गहराया जब ईरान के साथ जंग के बीच जब अमेरिका में हथियारों की कमी का मामला सामने आया. US में जरूरी हथियारों की कमी की खबर ने अमेरिका में हड़कंप मचा दिया था. खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका में हथियारों का कोई संकट नहीं है. लेकिन सवाल ये उठा की सैन्य व्यवस्था के भीतर इस कमी की जानकारी किसने दी.
बताया जा रहा है करीब 50 आर्मी अफसर जांच के घेरे में हैं. उनके मोबाइल की जांच की जा रही है सामने बैठकर उनसे पूछताछ और यहां तक कि पॉलीग्राफ टेस्ट किया जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुपरपावर की नींद इसलिए भी उड़ी हुई है क्योंकि मिडिल ईस्ट और अलग-अलग देशों में तैनात अमेरिकी सैनिकों के मोबाइल और रक्षा विभाग के कंप्यूटर ट्रेस किए जा रहे हैं. इसमें हैकर्स की मदद मोबाइल में लगे एड डिवाइस और परमिशन हैं, ऐड के जरिए सीधे मोबाइल की लोकेशन पहुंच रही है. जिससे अमेरिकी सैनिकों की तैनाती का पता लग रहा है. इस डर से अमेरिकी अधिकारियों ने जवानों को ऑर्डर दिए हैं कि वे फोन और कंप्यूटर के एडवरटाइजिंग ट्रैकर्स को बंद रखें. जल, थल और नभ तीनों सेनाओं डिवाइस से ट्रैकर्स और ऐड से जुड़े फिचर्स को बंद कर दिया है. इससे साफ होता है कि ईरान ने कई मोर्चों पर अमेरिका की घेराबंदी कर दी है. अमेरिका के खिलाफ ईरान उसी के तरीके का इस्तेमाल कर रहा है.
अमेरिका ने युद्ध में अभी तक क्या हासिल किया? इससे बड़ा सवाल ये है कि कितना गंवा दिया. एक तो ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका भारी-भरकम राशि खर्च कर रहा है. ऊपर से लोग महंगाई से जूझ रहे हैं, इसके बाद सेना में सेंधमारी और भेदिया बड़ा चैलेंज बन गए हैं.
कैसे ट्रैस हो रही अमेरिकी सैनिकों की लोकेशन?
मोबाइल एडवरटाइजिंग आईडी यानी MAID जो कि एक डिजिटल नंबर है जिससे यूजर की पसंद-नापसंद की पहचान होती है. इसी आईडी के जरिए मोबाइल के सभी ऐप, लोकेशन और टाइमिंग की जानकारी मिल जाती है. ज्यादातर कंपनियां ग्राहकों का डेटा यहीं से लेती हैं. अमेरिका के दुश्मन इस डेटा को आसानी से खरीद सकते हैं और सैनिकों के हर मूवमेंट की जानकारी हासिल कर लेते हैं.
अमेरिका-ईरान में जारी है जंग
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान के एक तेल टैंकर पर हमले का दावा किया है. सेंटकॉम ने बताया कि यह हमला ईरान के एम/टी काइलो नाम के जहाज पर किया गया. हमले के बाद जहाज समुद्र की तलहटी में समा गया.
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सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमेरिकी सैनिकों की सटीक कार्रवाई और पेशेवर कौशल की बदौलत, एमटी काइलो ओमान की खाड़ी में डूब गया और समुद्र की तलहटी में ईरानी नौसेना के साथ जा मिला.
परमाणु हथियार बनाने से रोकना है मकसद
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अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट के आसपास हमलों का सिलसिला रुक-रुक कर बना हुआ है। दोनों देशों के बीच एक बार फिर से टकराव की वजह से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही ईरान के साथ अमेरिका के टकराव को पूर्ण युद्ध के बजाय रुक-रुक कर होने वाला 'सैन्य संघर्ष' बता चुके हैं. उन्होंने दावा किया कि होर्मुज पर वॉशिंगटन का नियंत्रण है और उसने तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी सेना जब चाहे तब ईरान पर नए हमले करने के लिए तैयार है.