'भारत ने पहले ही चेता दिया था, नहीं सुनीं, परिणाम भुगत रहे...', चीन-अमेरिका पर निर्भरता पर बोले बेल्जियम के PM
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने उर्जा, सुरक्षा, व्यापार के मामले में अमेरिका-चीन पर निर्भरता को लेकर भारत की दी गई चेतावनी पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही चेता दिया था, हमने नहीं सुनी, अब यूरोप को दिक्कत हो रही है.
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बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने बीते दिनों यूरोप के समक्ष के खतरों और भारत की ओर से दी गई चेतावनी पर जो कहा वो सोशल मीडिया पर वायरल है. उन्होंने कहा कि यूरोप को अब आर्थिक निर्भरता के खतरे के बारे में समझ आ रही है. इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत ने यूरोप को इस बारे में काफी पहले ही चेताया था, लेकिन तब उनकी बातों को इग्नोर किया गया. अब हम लोग सुन रहे हैं.
'भारत ने पहले ही चेताया था, हमने नहीं सुनीं!'
दिल्ली में CII के एक कार्यक्रम में उन्होंने यूरोप की थम रही विकास और व्यापार की रफ्तार पर कहा कि दुनिया तो तेजी से बदल रही है, लेकिन यूरोप इस बदलाव के साथ कदम मिलाकर नहीं चल पा रहा है मिला पा रहा, वह अब बूढ़ा हो चुका है.
वेवर के मुताबिक चीन और अमेरिका, यूरोप से बहुत आगे निकल चुके हैं. इनोवेशन और प्रोडक्टिविटी में यूरोप बहुत पीछे चला गया है, इसलिए उसे हर तरफ से झटके लग रहे हैं. वह खुद की भी हिफाजत नहीं कर सकता.
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मानें तो PM मोदी ने 6 साल में कम से कम 6 बार यूरोपीय देशों को उर्जा और मैन्युफैक्चरिंग के लिए चीन, और सुरक्षा के अमेरिका पर निर्भरता के लिए बिना किसी देश का नाम लिए चेताया था. भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में लिखा:
जब-जब भारत ने दुनिया को चेताया
सितंबर 2020: डेनमार्क
कोरोना ने बता दिया कि जरूरी सामान के लिए सिर्फ एक ही देश पर भरोसा करना कितना जोखिम भरा हो सकता है.
अप्रैल 2021: नीदरलैंड
सेमीकंडक्टर, जरूरी खनिज और दूसरी अहम तकनीकों के लिए सप्लाई चेन मजबूत करनी होगी, ताकि दूसरे देशों पर ज्यादा निर्भर न रहना पड़े.
मई 2022: जापान
दुनिया को ऐसी मजबूत सप्लाई चेन चाहिए, जिसमें सेमीकंडक्टर जैसी जरूरी चीजों के लिए कुछ ही देशों पर निर्भर न रहना पड़े.
नवंबर 2023: दिल्ली
सेमीकंडक्टर, जरूरी खनिज और अहम तकनीकों की सप्लाई चेन मजबूत करनी होगी, ताकि इन चीजों के लिए दूसरे देशों पर ज्यादा निर्भर न रहना पड़े.
जनवरी 2026: दिल्ली
भारत-यूरोप को मिलकर दूसरे देशों पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए. ऐसी सप्लाई चेन बने, जो मुश्किल समय में काम आए.
मई 2026: स्वीडन
भारत और यूरोप को मिलकर ऐसी सप्लाई चेन बनानी चाहिए, जो किसी एक देश पर निर्भर न हो.
यानी कि भारत की ओर बार-बार चेताया गया, लेकिन यूरोपीय देशों ने तब ध्यान नहीं दिया और अब जब अमेरिका टैरिफ ठोक रहा है, सुरक्षा के लिए धमका रहा है, चीन की ओर से मसल फ्लैक्सिंग की जाती है तो भारत की ओर से कही गई बात याद आ रही है.
भारत के बढ़ते वैश्विक महत्व को रेखांकित करते हुए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने गुरुवार को कहा कि भारत न केवल दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में बल्कि तेजी सी बढ़ती अर्थव्यवस्था, एक तकनीकी और आर्थिक महाशक्ति के साथ ही एक प्रभावशाली भू-राजनीतिक राष्ट्र के रूप में भी उभरा है, जिसकी आवाज इस क्षेत्र से कहीं आगे तक सुनी जाती है यानी जिसका प्रभाव असीमित है.
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, वेवर ने कहा कि भारत का 'लंबे अंतराल' के बाद उनका दौरा (जो 20 वर्षों में किसी बेल्जियम के प्रधानमंत्री का पहला दौरा) "काफी अहम" था. उन्होंने भारत में हुए बड़े बदलावों की भी सराहना की, खासकर इन वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के कारण आए बदलाव की.
वेवर ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री मोदी को उनके गर्मजोशी भरे स्वागत, मेहमाननवाजी और हमारे बीच खुलकर हुई द्विपक्षीय बातचीत के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं. प्रधानमंत्री ने जैसा कहा, कि एंटवर्प के एक नागरिक के तौर पर आखिरकार भारत आना मेरे लिए सचमुच व्यक्तिगत खुशी की बात है. लेकिन 20 वर्षों में बेल्जियम के पहले प्रधानमंत्री के तौर पर यहां आना भी खास तौर पर अहम है, और यह बहुत लंबा समय है. यह बहुत लंबा समय है. इन 20 वर्षों में भारत में बहुत बदलाव आया है, और निश्चित रूप से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के दौर में ही ये हुआ है."
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उन्होंने आगे कहा, "आज, भारत न केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भी है. ये एक आर्थिक और तकनीकी पावरहाउस और एक प्रमुख भू-राजनीतिक कारक बन गई है, जिसकी आवाज इस क्षेत्र से कहीं आगे तक सुनी जाती है. भारत का बढ़ता रुतबा बेल्जियम के लिए भी अहम है और यही भारत को एक अहम साझेदार बनाता है, और मेरा मानना है कि बदले में मेरा देश भी भारत को बहुत कुछ दे सकता है. हम आकार में थोड़े छोटे हैं, बस थोड़े से, लेकिन हम दुनिया की सबसे खुली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं. व्यापार और वैश्विक बाजारों तक पहुंच के आधार पर ही हम समृद्ध हुए हैं."
'भारत ने, पीएम मोदी ने हमें पहले ही चेताया था, तब यूरोप ने इग्नोर किया, अब समझ आ रहा है, अब हम सुन रहे हैं...',
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) September 5, 2026
बेल्जियम के प्रधानमंत्री Bart De Wever ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वह दुनिया के सबसे इंस्पिरेशनल नेताओं में से एक हैं, सुनिए उन्होंने अपने दो अल-अलग भाषणों… pic.twitter.com/uJSjsibKOK
बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने 26 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की.
प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बातचीत का एक अहम हिस्सा सिक्योरिटी भी थी. उन्होंने कहा कि बेल्जियम दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को गहरा करना चाहता है इसलिए उसके रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आए हैं.
बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कहा, "अभी हमने जिस 'लेटर ऑफ इंटेंट' का आदान-प्रदान देखा है, वह उस सहयोग को एक नया ढांचा देता है—सरकार से-सरकार के संपर्क और सैन्य आदान-प्रदान से लेकर रिसर्च, इनोवेशन, को-डेवलपमेंट और उम्मीद है कि को-प्रोडक्शन तक."
ईयू-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के सफल समापन को एक "बड़ी उपलब्धि" बताते हुए, वेवर ने कहा कि बेल्जियम में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर करना 2026 का एक शानदार समापन होगा.
उन्होंने कहा, "बेल्जियम की तरफ से हम यह पक्का करना चाहते हैं कि इस समझौते से हमारे नागरिकों के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और असल नतीजे मिलेंगे. इस तरह का संतुलित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट मार्केट तक पहुंच बेहतर बना सकता है, निवेश को बढ़ावा दे सकता है और कंपनियों को भरोसे के साथ लंबे समय तक निवेश करने के लिए स्पष्ट नियम दे सकता है. लगभग बीस साल की बातचीत के बाद, भारत और यूरोप ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं को करीब लाने का फैसला किया है, ऐसे समय में जब दुनिया के बाकी हिस्सों में आर्थिक बंटवारा बढ़ रहा है. यह दुनिया के लिए एक अहम संकेत है."
अपनी बात पर विराम लगाते हुए, बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कहा कि वे दिसंबर में पीएम मोदी का ब्रसेल्स में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने ईयू-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने के लिए भारतीय नेतृत्व की आधिकारिक यात्रा की मेजबानी करने को "बहुत सम्मान" का विषय बताया.
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वेवर ने कहा, "आपकी यात्रा हमारी बातचीत को आगे बढ़ाने का एक शानदार मौका देगी. भारत और बेल्जियम का साझा इतिहास सदियों पुराना है. आज हमने दिखाया है कि हमारा भविष्य भी साझा है. मैं नई दिल्ली इसलिए आया क्योंकि मेरा मानना है कि हमारे रिश्ते का सबसे अच्छा दौर अभी आना बाकी है. और आज हमारी बातचीत के बाद, मुझे इस बात का और भी यकीन हो गया है."