लॉर्ड्स के मैदान पर एक इंटरव्यू और हिल गया पाकिस्तान...जेल में बंद इमरान खान को लेकर हाई कोर्ट का बड़ा आदेश
लॉर्ड्स के मैदान पर इंटरव्यू का असर पाकिस्तान में दिखने लगा है. जेल में फौज की ज्यादती झेल रहे इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा को लेकर इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. कोर्ट ने टीवी, फोन पर बात, मुलाकात, हेल्थ ट्रीटमेंट पर बड़ा आदेश दिया है.
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पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच हाल में खेले गए टेस्ट सिरीज के बीच, लॉर्ड्स मैच में, लंच ब्रेक के दौरान पीसीबी के भारी विरोध, बॉयकॉट की धमकी के बावजूद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के दो बेटों के इंटरव्यू स्काई स्पोर्ट्स पर प्रसारित किए जाने का असर दिखने लगा है. इमरान के साथ हो रही ज्यादती को लेकर उनके बेटों के खुलासे के बाद इस्लामाबाद पर दबाव साफ-साफ दिखने लगा है.
इमरान खान को लेकर इस्लामाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश
आपको बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को एकांत कारावास में न रखे जाने का आदेश जेल प्रशासन को दिया है. अदालत ने मंगलवार को सख्त निर्देश दिया कि दोनों को जेल मैनुअल के मुताबिक सभी सुविधाएं दी जाएं. इसके साथ ही कोर्ट ने इमरान खान को उनके बेटों से फोन पर बात कराने का भी आदेश दिया है.
रावलपिंडी की अडियाला जेल में कैद हैं इमरान खान
क्रिकेटर से राजनेता बने 73 वर्षीय खान और उनकी पत्नी अभी रावलपिंडी की अडियाला जेल में कैद हैं. दोनों भ्रष्टाचार और उससे जुड़े अन्य मामलों में जेल की सजा काट रहे हैं. पाकिस्तानी दैनिक डॉन ने बताया कि इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) के जस्टिस खादिम हुसैन सूमरो ने यह फैसला सुनाया. उन्होंने खान और बीबी को कथित तौर पर एकांत कारावास में रखने को चुनौती देनी वाली याचिकाओं को सुनवाई के काबिल माना.
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि खान के पारिवारिक सदस्यों को जेल नियमों के अनुसार उनसे मिलने की इजाजत दी जाए और अधिकारियों को आदेश दिया कि वे खान और उनके बेटों के बीच टेलीफोन पर बातचीत की व्यवस्था करें.
इमरान खान की जेल मैनुवल वाले हक बहाल करने के आदेश
आईएचसी ने अदियाला जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे खान को रोजाना अखबार और किताबें उपलब्ध कराएं और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें जेल के नियमों के अनुसार चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाएं. अदियाला जेल अधीक्षक को निर्देश दिया गया कि वे कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें और 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट सौंपें.
जस्टिस सूमरो ने इससे पहले 6 अगस्त को खान की बहन अलीमा खानम और बीबी की बेटी मुबाशरा खावर मानेका की ओर से अलग-अलग दायर याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. इन याचिकाओं में कथित तौर पर एकांत कारावास में रखे जाने को चुनौती दी गई थी.
खान अगस्त 2023 से जेल में हैं. उन्हें दोषी ठहराए जाने के बाद जेल भेजा गया था. इस फैसले को खान और उनकी पार्टी 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' राजनीति से प्रेरित बताती रही है.
उनके समर्थकों और रिश्तेदारों का आरोप है कि जेल प्रशासन ने परिवार के सदस्यों से उनकी मुलाकात पर रोक लगा रखी है. उनका कहना है कि खान को उचित चिकित्सा सुविधा तक नहीं मिल पा रही है. हालांकि सरकार की ओर से इन आरोपों को लगातार खारिज किया जाता रहा है.
हालांकि आदियाला जेल के सुपरिटेंडेंट साजिद बेग ने कोर्ट को बताया कि इमरान को चौबीसों घंटे एक ही सेल में बंद नहीं रखा जाता था; उन्हें सात सेल वाले एक कंपाउंड में जाने की सुविधा थी, जहां वे दिन के समय घूम-फिर सकते थे.
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क्या है इमरान खान पर मामला?
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वहीं, खान की पत्नी को भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पहली बार 31 जनवरी, 2024 को जेल भेजा गया था. करीब 9 महीने जेल में रहने के बाद उन्हें उसी साल 24 अक्टूबर को जमानत पर रिहा किया गया. फिर एक दूसरे मामले में उन्हें 17 जनवरी, 2025 को फिर गिरफ्तार कर लिया गया. भ्रष्टाचार से जुड़े कुछ अन्य मामलों में उन्हें सजा सुनाई गई और इसके बाद से ही वह अदियाला जेल में बंद हैं. जेल अधिकारियों ने खान की तरह ही बुशरा बीबी को सुरक्षा कारणों से अलग रखने की बात कही थी.