पहले विदेश दौरे पर भारत आएंगे नेपाली PM बालेन शाह? बाढ़ संकट के बीच मोदी सरकार ने भेजी बड़ी मदद
नेपाल में भीषण बाढ़ के बीच पीएम बालेन शाह के पहले विदेश दौरे को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले के मुताबिक, शाह की पहली विदेश यात्रा भारत की हो सकती है और साल के अंत से पहले दौरे की संभावना है.
Follow Us:
नेपाल इस वक्त भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है. नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं. बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने सड़कें, पुल और कई इलाकों का संपर्क तक काट दिया है. इस मुश्किल घड़ी में भारत ने नेपाल की मदद के लिए तेजी से कदम बढ़ाए हैं.
इसी बीच नेपाल की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह अपने पहले विदेश दौरे के लिए भारत को चुन सकते हैं. नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने NDTV के अन्वीक्षा समिट में कहा कि प्रधानमंत्री बालेन शाह की पहली विदेश यात्रा भारत की होने की पूरी उम्मीद है. उन्होंने बताया कि दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन इस साल के अंत से पहले यात्रा होने की संभावना है.
बाढ़ के बीच भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
नेपाल में आई इस आपदा ने पूरे क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्टों के मुताबिक, नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाकों में आई फ्लैश फ्लड से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं. नेपाल में मृतकों का आंकड़ा 390 के आसपास पहुंच चुका है और 1400 से अधिक लोगों के लापता होने की खबर है. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. ऐसे वक्त में भारत ने नेपाल के साथ खड़े होकर मानवीय सहायता का भरोसा दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत कर आपदा में हुई जनहानि पर संवेदना जताई. पीएम मोदी ने साफ कहा कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है और भारतीय टीमें राहत तथा बचाव कार्यों में समन्वय कर रही हैं. भारत की इस त्वरित प्रतिक्रिया को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भी भारत की मदद के लिए आभार जताते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में नेपाल को जिस तरह की सहायता मिल रही है, वह महत्वपूर्ण है.
यह भी पढ़े: नेपाल में भीषण बाढ़ से हाहाकार, 469 लोगों की मौत; 1500 से ज्यादा लापता, फिर बाढ़ का खतरा
बालेन शाह की पहली विदेश यात्रा भारत क्यों अहम?
बालेन शाह का भारत दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद पहला विदेश दौरा होगा. नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने कहा है कि सरकार ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर चर्चा शुरू कर दी है और उन्हें पूरा भरोसा है कि पहली यात्रा भारत की होगी. अगर यह दौरा तय होता है तो इसे भारत-नेपाल संबंधों के लिहाज से एक अहम संकेत माना जाएगा. दोनों देशों के बीच भौगोलिक निकटता के साथ-साथ लोगों के बीच गहरे सामाजिक और सांस्कृतिक रिश्ते हैं. ऐसे में नेपाल की नई सरकार के प्रमुख का पहला विदेश दौरा भारत होना दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने वाला कदम हो सकता है.
आपदा ने दोनों देशों की दोस्ती को भी दिखाया
नेपाल की इस त्रासदी ने एक बार फिर यह दिखाया है कि प्राकृतिक आपदा की घड़ी में पड़ोसी देशों का सहयोग कितना जरूरी होता है. भारत की ओर से राहत और बचाव में मदद का भरोसा और बालेन शाह की ओर से जताया गया आभार दोनों देशों के रिश्तों की अहमियत को सामने लाता है.
यह भी पढ़े: नेपाल में फ्लैश फ्लड से मचा हाहाकार... 288 भारतीय फंसे, मोदी सरकार ने शुरू किया बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
यह भी पढ़ें
बहरहाल, नेपाल का सबसे बड़ा फोकस राहत और बचाव अभियान पर है. वहीं, बालेन शाह के संभावित भारत दौरे की तारीख पर अंतिम फैसला होना बाकी है. लेकिन इतना साफ है कि आपदा के बीच भारत-नेपाल सहयोग और दोनों देशों के रिश्तों पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है.