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बचने के लिए पहाड़ पर जा रहे थे लोग, तभी आया सैलाब और मची चीख पुकार, नेपाल बाढ़ का खौफनाक Video

नेपाल बाढ़ में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. जहां तक नजर जा रही है तबाही और बर्बादी का मंजर है. इस बीच आपदा की भयावह तस्वीरें लोगों को झकझोर रही हैं.

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27 Aug 2026
( Updated: 27 Aug 2026
06:35 PM )
बचने के लिए पहाड़ पर जा रहे थे लोग, तभी आया सैलाब और मची चीख पुकार, नेपाल बाढ़ का खौफनाक Video
Image Source- Screengrab/Viral Video
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Nepal Flood Video: नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 260 से ज्यादा हो गई है. प्रशासन के मुताबिक, ये आंकड़ा बढ़ सकता है. चीन के तिब्बती इलाके से शुरू हुई जबरदस्त बाढ़ सीमा पार बहने वाली भोटेकोशी नदी से होते हुए नेपाल में तबाही मचाती हुई गुजरी. इस भीषण आपदा के जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, वो विचलित करने वाले हैं. 

सोशल मीडिया पर बाढ़ की भयंकर तस्वीरे और वीडियो वायरल हो रहे हैं. नेपाल की बाढ़ का एक और वीडियो सामने आया है. जिसमें देखा गया कि लोगों सड़क से ऊपर वाले जंगल के रास्ते की ओर जा रहे थे. तभी सैलाब आया और अपने साथ लोगों को बहा ले गया. 

देखें Video

वीडियो में देख सकते हैं स्कूली बच्चे और महिलाएं ऊपर के रास्ते की ओर जा रहे हैं. तभी पानी तेज बहाव के साथ आता है इस दौरान जो ऊपर की ओर चढ़ पाए वो तो बच गए लेकिन जो कुछ ही दूरी पर पहुंचे थे वो तेज धार की चपेट में आ गए और बहाव के साथ बह गए. 

ये मंजर किसी ज्वालामुखी के विस्फोट की तरह था. मौके पर चीख पुरार मच गई. लोग चिल्लाते रह गए कुछ समझ पाते उससे पहले सैलाब कुछ लोगों को अपने साथ बहा ले गया. सैलाब आता देख लोग पहाड़ पर भाग रहे थे. कुछ लोग ऊंचाई तक पहुंच पाते हैं कुछ पीछे छूट जाते हैं. सैलाब की धार इतनी ज़बरदस्त है कि यहां से भी लोगों को बहा ले जाती है. लोग अपनों को बहते देख चीख पुकार मचाते हैं, लेकिन कुदरती कहर के आगे बस नहीं चला.

तहस-नहस हुए रिहायशी इलाके 

पुलिस के अनुसार, सबसे ज्यादा 108 शव दक्षिणी मैदानी इलाकों के चितवन जिले से बरामद किए गए, इसके बाद नवलपरासी ईस्ट से 62, धाडिंग से 27 और रसुवा से 17 शव मिले हैं. नेपाल की सरकार ने कहा कि बाढ़ के कारण रिहायशी इलाकों, पनबिजली परियोजनाओं, कस्टम कार्यालयों और बिजली के बुनियादी ढांचे तहस-नहस हो गए और इस वजह से 800 से ज्यादा लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है. 

हाइड्रो-पॉवर प्रोजेक्ट्स की वजह से आई बाढ़!

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स्थानीय मीडिया का दावा है कि कुछ हाइड्रो-पावर प्रोजेक्ट्स भी बाढ़ की वजह हो सकते हैं. बिजली डेवलपर्स संगठन 'इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, नेपाल' (आईपीपीएएन) ने कहा कि अलग-अलग पनबिजली परियोजनाओं में काम करने वाले कई कर्मचारी लापता हैं. 

यहां 216-मेगावाट की 'अपर त्रिशूली-1 पनबिजली परियोजना' में काम करने वाले 'एंड्रिट्ज हाइड्रो' के 76 कर्मचारी लापता हैं. इनमें से लगभग आधे नेपाली और आधे विदेशी नागरिक हैं.

परियोजना डेवलपर 'नेपाल वॉटर एंड एनर्जी डेवलपमेंट कंपनी' के 11 कर्मचारी भी लापता हैं. परियोजना पर काम कर रहे आठ दक्षिण कोरियाई नागरिक भी इस मिसिंग लिस्ट में शामिल हैं. 

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इसी तरह, 111-मेगावाट की 'रसुवागढ़ी पनबिजली परियोजना' में काम करने वाले 51 लोग, जबकि 5-मेगावाट की 'मैलुंग खोला पनबिजली परियोजना' के पावरहाउस में काम करने वाले आठ कर्मचारी भी लापता हैं. 

कैलाश मानसरोवर जाने वाले पर्यटक लापता 

120-मेगावाट की 'रसुवा भोटेकोशी पनबिजली परियोजना' में काम करने वाले सिविल कॉन्ट्रैक्टर 'सिनोहाइड्रो' के दो कर्मचारी लापता हैं. इस बीच, नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने पुष्टि की कि हिमालयी देश में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद करीब 300 भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर है, जिनमें से ज्यादातर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्री थे. खनाल ने कहा, ‘भारतीयों समेत कई विदेशी नागरिक मानसरोवर यात्रा के लिए आपदा ग्रस्त इलाके से होकर गुजरते हैं, लगभग 300 भारतीयों के लापता होने की खबर है और सरकार उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रही है.’

काठमांडू में एनडीटीवी वर्ल्ड अन्वीक्षा समिट में खनाल ने कहा कि रसुवा इलाके में हुई इस त्रासदी के बाद हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है, जबकि अधिकारी तबाही के पैमाने का आकलन करने और लापता लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. 

खनाल ने कहा, ‘कुछ ही घंटों में एक के बाद एक कई शहर तबाह हो गए. हजारों परिवारों के घर उजड़ गए और वे अभी लापता हैं. हम अभी भी इस आपदा से हुए कुल नुकसान का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.’

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मंत्री शिशिर खनाल ने कहा, नेपाल सरकार लापता विदेशी नागरिकों की सुरक्षा और उनके ठिकाने के बारे में अलग-अलग देशों के दूतावासों से जानकारी जमा कर रही है.

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