अमेरिका-ईरान में डील डन! ट्रंप ने नए हमले रोकने के दिए आदेश, होर्मुज के पूरी तरह खोलने, न्यूक्लियर थ्रेट खत्म करने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने जा रहे ताजा हमले रोकने को लेकर सहमति जताई है. ट्रूथ सोशल पर अपने दावे में उन्होंने होर्मुज को फिर से खोलने और न्यूक्लियर थ्रेट को खत्म करने को लेकर संभावित डील का हवाला दिया है. इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि अटैक रोकने के मांग खाड़ी देशों-ईरान की ओर से की गई है.
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अमेरिका और ईरान के बीच करीब 5 महीनों से जारी जंग के खात्मे के संकेत मिलते दिख रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों की मानें तो ईरान और खाड़ी देशों की ओर अपील और मांग के बाद उन्होंने ताजा हमले रोकने के आदेश दिए हैं. इतना ही नहीं उन्होंने ये भी दावा किया है कि दोनों देशों के बीच समझौते के मापदंड पर भी सहमति बन गई है. इजरायल के भी मान जाने की बात सामने आ रही है. इसके तहत होर्मुज को पूरी तरह खोला जाएगा और न्यूक्लियर थ्रेट को भी पूरी तरह समाप्त करना शामिल है.
ईरान और अमेरिका में हमले रोकने पर सहमति
इस संबंध में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि तेहरान और कई मिडिल ईस्ट देशों की तरफ से हमले रोकेने की अपील के बाद, अमेरिका ईरान के खिलाफ प्लान किए गए सैन्य कार्रवाई को रोकने पर सहमत हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि एक संभावित समझौते का फ्रेमवर्क बन गया है.
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन डिप्लोमेसी को आगे बढ़ने देने के लिए प्लान किए गए स्ट्राइक को रोकने का फैसला किया है.
खाड़ी देशों की ओर से की गई अपील! ट्रंप का दावा
ट्रंप ने लिखा, "अमेरिका पूरी तरह तैयार तथा हमला करने की स्थिति में है और पूरी ताकत के साथ इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ जाने के लिए तैयार है." ट्रंप ने आगे कहा कि हालांकि ईरान और मिडिल ईस्ट के दूसरे देशों ने वाशिंगटन से सैन्य कार्रवाई में देरी करने की अपील की है. ट्रंप के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत, पूरी तरह से खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना शामिल होगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “इस अपील के आधार पर, मैं दुनिया के भविष्य के लिए और इसी तरह, एक सफल और खुशहाल ईरान के बने रहने के लिए, हमला रोकने पर सहमत हो गया हूं, बशर्ते हम जल्दी से कोई डील कर सकें.”
उन्होंने यह भी दावा किया कि इजरायल ने डिप्लोमैटिक रास्ता अपनाने के फैसले का समर्थन किया और कहा, “इजरायल इस कमिटमेंट में मेरे साथ है. सब लोग काम पर लग जाओ और इसे पूरा करो.” ट्रंप ने प्रस्तावित समझौते, उसकी टाइमलाइन या ईरान या इजरायल ने उनके पोस्ट में किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि की है या नहीं, इस बारे में और जानकारी नहीं दी.
“The U.S.A. is locked and loaded and ready to go against the Islamic Republic of Iran, at levels of Military Terror, Strength, and Power not seen since World War II. Despite this, we have just been asked by Iran, and other Middle Eastern Countries, to hold off any attack in that… pic.twitter.com/Ylmlm06j3E
— The White House (@WhiteHouse) August 2, 2026
न्यूक्लियर थ्रेट को पूरी तरह समाप्त करेगा ईरान!
इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि जब तक ईरान अमेरिकी सेना को धमकी देना बंद नहीं करता और परमाणु हथियार बनाने की कोशिशें नहीं रोकता, तब तक अमेरिका उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई करता रहेगा. उन्होंने ईरानी नेतृत्व के साथ बातचीत के सफल होने की संभावना पर भी संदेह जताया.
कैंप डेविड में हुई पहली लाइव टेलीविजन कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता करने के बाद रिपोर्टरों से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा कि सरकार ईरान पर दबाव बनाए रखेगी, भले ही डिप्लोमैटिक बातचीत चल रहे हों.
जब राष्ट्रपति से पूछा गया कि आने वाले हफ्तों में क्या उम्मीद करें, तो उन्होंने कहा, “हम उन पर हमला करेंगे और आप जानते हैं किसी समय वे कहेंगे, हम अब और बर्दाश्त नहीं कर सकते.”
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उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना वाशिंगटन का मुख्य मकसद है. ट्रंप ने कहा, “उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता. ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा. अगर उनके पास होता, तो मिडिल ईस्ट अब तक खत्म हो चुका होता.” राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को बहुत ज्यादा सैन्य नुकसान हुआ है, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि अभी भी उसकी सीमित क्षमताएं बची हुई हैं.