7 दिन, 38 हमले, 32 सैनिकों की मौत...बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तान में मचाया हाहाकार, PAK फौज के उड़ाए परखच्चे
बीएलए ने पाकिस्तान में ताबड़तोड़ हमले को लेकर बड़ा दावा किया है. बीएलए ने कहा कि 32 पाकिस्तानी सैनिकों को 38 हमलों में मार गिराया है. इतना ही नहीं पाकिस्तान को भारी जान और माल का नुकसान हुआ है.
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बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाकर किए गए 38 हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिसमें 32 से ज्यादा सैन्यकर्मी और उनके सहयोगी मारे गए तो बड़ी संख्या में लोग घायल हुए.
बलूचिस्तान में एक 7 दिन में BLA ने किए 32 हमले
मंगलवार को जारी बयान में BLA प्रवक्ता जीयंद बलूच ने कहा कि ये हमले 1 से 8 अगस्त के बीच किए गए. सशस्त्र समूह ने पाकिस्तानी सैन्य काफिलों, कैंप, पैदल दस्तों, पुलों, रेलवे लाइनों, पुलिस चेक पोस्ट और सामान ढो रहे वाहनों को निशाना बनाया.
बयान के अनुसार, BLA के लड़ाकों ने कई सैन्य वाहनों, क्वाडकॉप्टर, पुलों और रेलवे ट्रैक को उड़ाया. समूह ने सैन्य उपकरण जब्त किया और पाकिस्तानी सेना के इंटेलिजेंस ऑपरेटिव को मार दिया गया.
BLA ने 38 पाक सैनिकों को मारने का किया दावा!
बयान में बताया गया है कि पहला हमला 1 अगस्त को कलात जिले के दश्त इलाके में हुआ. द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना की बख्तरबंद गाड़ियों पर रॉकेट और दूसरे भारी हथियारों से हमला किया गया, जिससे बहुत नुकसान हुआ.
ग्रुप ने दावा किया कि उसी रात मस्तुंग के कुंड उमरानी इलाके में एक पैदल गश्ती दल पर किए हमले में पाकिस्तानी सेना के दो जवान मारे गए और कई घायल हो गए. बीएलए ने आगे कहा कि, 2 अगस्त को उसके लड़ाकों ने वाशुक जिले के सेची इलाके में घुसने की कोशिश कर रही पाकिस्तानी सेना पर हमला किया, जिसमें दो जवान मारे गए. उसने आगे कहा कि उसके लड़ाकों ने अगले दिन कई हमले किए, जिसमें क्वेटा-कराची हाईवे पर बेला के नामी इलाके में एक पुलिस चेकपॉइंट पर कब्जा करना भी शामिल था.
बीएलए ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने चगाई जिले के याकमच इलाके में जोजकी ट्रेड रूट पर एक पुल को तोड़ दिया, और फिर उसी जगह पर पाकिस्तानी सेना और कमर्शियल गाड़ियों पर हमला किया. खबर है कि यह हमला करीब 40 मिनट तक चला, जिसमें पाकिस्तानी सेना के कई जवान मारे गए, जबकि एक क्वाडकॉप्टर को नष्ट कर दिया गया.
पाकिस्तान में BLA ने किए ताबड़तोड़ हमले
बीएलए ने कहा कि उसके लड़ाकों ने 5 अगस्त को भी अपने हमले जारी रखे, और दलबंदिन के बार्टागजी इलाके में और क्वेटा-ताफ्तान रूट पर गैस प्लांट के पास पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों और एक काफिले को निशाना बनाया.
ग्रुप के मुताबिक, उसके लड़ाकों ने बाद में नोशकी के पास सुल्तान चरहाई में दो पाकिस्तानी सैन्य वाहनों पर हमला किया जिसमें दो जवान मारे गए और चार घायल हो गए. बयान में कहा गया कि बीएलए के लड़ाकों ने 6 अगस्त को दलबंदिन के चेहतर इलाके में एक पाकिस्तानी मिलिट्री काफिले को निशाना बनाया, जिससे बड़ा नुकसान हुआ. इसने आगे दावा किया कि खारान के डाली इलाके में पाकिस्तानी मिलिट्री के पैदल गश्ती जवानों पर हमले में एक जवान मारा गया.
इसके अलावा, 7 अगस्त को, BLA ने कहा कि उसकी हवाई और ड्रोन युद्ध इकाई, 'कहार' ने नोश्की के सुल्तान चरहाई में एक पाकिस्तानी सैन्य शिविर पर हमला किया, जिससे कथित तौर पर उस जगह को नुकसान पहुंचा.
अगले दिन भी हमले जारी रहे. बीएलए का दावा है कि उसके लड़ाकों ने मंड के रेडिग इलाके में रिमोट-संचालित आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) का इस्तेमाल करके पाकिस्तान के फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन (एफडब्ल्यूओ) के एक वाहन को निशाना बनाया जिसमें कई लोग मारे गए.
पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में क़रीब 30 से ज्यादा बेगुनाह लोगों की गई जान
इतना ही नहीं एक रिपोर्ट के मुताबिक़ बलूचिस्तान के सुराब में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में क़रीब 30 से ज्यादा बेगुनाह लोगों की जान चली गई है. ख़बर के मुताबिक बलूचिस्तान के सुराब जिले पर बुधवार को पाकिस्तानी सेना ने हवाई हमला किया. इस एयरस्ट्राइक में महिलाओं और बच्चों समेत 30 से ज्यादा बेगुनाह मारे गए जबकि कई घायल हो गए. बलूच कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार समूहों ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है.
स्थानीय रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए, मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने कहा कि पाकिस्तानी एयर फोर्स ने सुराब के गिदर इलाके में आम लोगों के इलाकों पर “जबरदस्त बमबारी” की, जिसमें आम लोग मारे गए और उनकी संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा.
मीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “इन रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहां बम बरसाए गए वहां के अस्पतालों को सेना ने घेर रखा है. ये लोग चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ को डरा-धमका कर पीड़ितों का इलाज करने से रोक रहे हैं. रिपोर्ट्स से यह भी पता चला है कि कुछ लोगों की मौत समय पर इलाज न मिल पाने की वजह से हुई. लोगों ने यह भी बताया है कि ड्रोन और कोबरा गनशिप हेलीकॉप्टर इलाके के आसमान में लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं.”
हमले की निंदा करते हुए, बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) की नेता सबिहा बलूच ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि पाकिस्तान कैसे बेगुनाह बलूचों (जिसमें बच्चे भी शामिल हैं) की हत्या कर अपने होने का एहसास कराता है. सबिहा ने इसे “नरसंहार” बताया.
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अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सबिहा ने कहा, “वो इलाका पाकिस्तानी सेना से घिरा हुआ है. बचाव टीम, मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस और पत्रकारों के आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई है. मानवीय मदद और स्वतंत्र दस्तावेजीकरण होने देने से रोकना गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है और इस पर तुरंत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ध्यान देने की जरूरत है.”