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13 साल पहले नक्सलियों ने खून से रंगी थी झीरम घाटी, मारे गए थे कांग्रेस के टॉप लीडर्स, अब कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

नक्सलियों ने 25 मई 2013 को कांग्रेस की 'परिवर्तन यात्रा' को निशाने बनाते हुए हमला किया था. जिसमें कांग्रेस नेताओं समेत 31 लोगों की मौत हो गई थी.

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05 Sep 2026
( Updated: 05 Sep 2026
05:48 PM )
13 साल पहले नक्सलियों ने खून से रंगी थी झीरम घाटी, मारे गए थे कांग्रेस के टॉप लीडर्स, अब कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
Representative Image/Anti Naxal Operation
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Jhiram Valley Naxal Attack Verdict: साल 2013 में छत्तीसगढ़ की झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले के मामले में NIA की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने इस मामले में 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है. जबकि एक दोषी की मौत हो चुकी है. 

अदालत ने इस प्रकरण के 13 साल बाद आरोपियों पर दोष सिद्ध किया है. उनकी सजा 16 सितंबर को तय की जाएगी. नक्सलियों ने 25 मई 2013 को कांग्रेस की 'परिवर्तन यात्रा' को निशाने बनाते हुए हमला किया था. जिसमें कांग्रेस नेताओं समेत 31 लोगों की मौत हो गई थी. 

NIA स्पेशल कोर्ट ने इन्हें माना दोषी 

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  • प्रमिला मोडियम
  • महादेव
  • चैतु लेकाम उर्फ मुन्ना
  • सुमित्रा उर्फ सुमित्रा पुनेम मोडियम
  • मुक्का मांडवी
  • कोसा कवासी उर्फ कोसाराम
  • आयत मरकाम
  • मड़कामी देवा
  • जोग मड़कामी
  • बंजमी सेना उर्फ चमरू उर्फ देंगा

घात लगाकर बैठे थे नक्सली 

नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं को उस वक्त निशाना बनाया जब वे परिवर्तन यात्रा से लौट रहे थे. नक्सली झीरम घाटी के कोने-कोने में घात लगाकर पहले से लौटे थे. काफिला सुकमा से जगदलपुर की ओर लौट रहा था. तभी नक्सलियों ने सड़क पर पेड़ गिराकर रास्ता रोका. इसके बाद IED/लैंडमाइन ब्लास्ट किया और कोई कुछ समझ पाता इससे पहले ही गोलियां बरसा दीं. 

बताया जा रहा है इस हमले में करीब 200-250 माओवादी शामिल थे. जिन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक खून-खराबा किया. जिसमें 31 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा घायल हो गए थे. इस हमले में कई मंत्री, तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष, विधायक और सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी. इस घटना को सबसे खौफनाक नक्सली हमलों में से एक माना जाता है. बताया गया कि इस पूरे हमले की प्लानिंग से लेकर अंजाम तक पहुंचाने में नक्सली कमांडर हिड़मा सर्वेसर्वा था. जो कि मारा गया. 

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कोर्ट के फैसले पर सियासत तेज

कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस नेताओं ने असंतोष जताया. छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, सच्चाई सामने है. घटना क्यों घटने दी गई. इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए तभी चलकर आगे की तस्वीर साफ हो पाएगी. 

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कांग्रेस का कहना है कि छोटे नक्सलियों को पकड़ा गया।, जबकि षड्यंत्रकारी अभी भी बाहर घूम रहे हैं, न्याय नहीं मिला. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने NIA की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा था कि मामले की जांच सही तरीके से नहीं की गई. NIA ने दरभा थाने में दर्ज FIR में नामजद लोगों से पूछताछ ही नहीं की. इसके साथ-साथ जिन नक्सलियों ने सरेंडर किया उनसे भी कोई पूछताछ नहीं की गई. वहीं, BJP का कहना है कि झीरम घाटी हत्याकांड छत्तीसगढ़ के लिए बहुत दुखदाई और हृदय विदारक घटना थी. NIA को साधुवाद देना चाहिए उसने दोषियों को सजा दिलवाई है. जहां तक कांग्रेस की बात है, तो पांच साल उनकी सरकार रही दोषियों को सजा दिलवाने की तत्परता उन्होंने नहीं दिखाई. बस जेब में सबूत रखने की बात ही कहते रहे. 

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