JNU में लगे उमर खालिद और शरजील इमाम की रिहाई के नारे! लेफ्ट के विरोध में उतरा ABVP, बीच कार्यक्रम मचा बवाल
नारेबाजी का एक वीडियो सामने आया है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि JNUSU ने ‘उमर खालिद रिहा करो’ और ‘जेल के ताले टूटेंगे, सारे साथी छूटेंगे’ के नारे लगाए.
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दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्विद्यालय एक बार फिर चर्चा में हैं. आरोप है कि यहां दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद की रिहाई को लेकर नारेबाजी की गई है. नारेबाजी का एक वीडियो सामने आया है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि JNUSU ने ‘उमर खालिद रिहा करो’ और ‘जेल के ताले टूटेंगे, सारे साथी छूटेंगे’ के नारे लगाए.
दरअसल, JNU में सोमवार को उमर खालिद की किताब Fractured Communities का विमोचन था. इस दौरान तब बवाल मच गया था जब लेफ्ट और ABVP से जुड़े छात्र आमने सामने आ गए. आरोप है कि लेफ्ट ने पहले उमर खालिद रिहा करो और शरजील इमाम की रिहाई के लिए नारे लगाए.
ABVP ने कहा- फांसी दो
उमर खालिद की रिहाई के नारों के बीच ABVP ने विरोध किया. ABVP ने छात्रों ने 'उमर खालिद को फांसी दो' के नारे लगाए. दावा किया कि इस दौरान उमर खालिद के पिता के आतंकवादी संगठन सिमी से रिश्तों को लेकर पोस्टर भी दिखाए गए. वहीं, हिंदुओं पर अलग-अलग देशों और जगहों पर हुए अत्याचार का मुद्दा भी उठाया गया.
जेएनयू में लेफ्ट छात्र संगठनों और ABVP के बीच भिड़ंत, उमर खालिद और शरजील इमाम को लेकर लगे नारे.#JNU #UmarKhalid #ABVP pic.twitter.com/1xJjnHaXUt
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) August 10, 2026
इस दौरैन ABVP छात्रों ने उमर खालिद के लिए फांसी की सजा की मांग भी की.
बीच में ही रद्द करना पड़ा कार्यक्रम
बताया जा रहा है UAPA के आरोपों के तहत जेल में बंद उमर खालिद की किताब Fractured Communities पर JNU के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के ऑडिटोरियम के बाहर लॉन में चर्चा का कार्यक्रम था, लेकिन जब लेफ्ट और ABVP के बीच नारेबाजी शुरू हुई तो डीन की ओर से कार्यक्रम को रद्द करने के लिए कहा गया. हालांकि कार्यक्रम की इजाजत भी डीन ने ही दी थी.
जानकारी के मुताबिक, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ की ओर से विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर उमर खालिद की किताब पर चर्चा का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम के लिए स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज-1 के सभागार की बुकिंग की गई थी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम से पहले इस बुकिंग को रद्द कर दिया. इसके बावजूद छात्र संघ ने कार्यक्रम को रद्द नहीं किया और चर्चा आयोजित कराने का फैसला किया. विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सभागार की बुकिंग रद्द किए जाने के बाद कार्यक्रम का स्थान बदल दिया गया.
चर्चा सोमवार दोपहर करीब 3 बजे स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज-2 भवन के बाहर शुरू हुई. कार्यक्रम में कई छात्र और कुछ शिक्षक शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद की स्थिति पैदा हो गई, जब जेएनयू छात्रसंघ से जुड़े छात्रों की ओर से उमर खालिद की रिहाई की मांग संबंधी नारे लगाए गए. आरोप है कि छात्रों ने ‘उमर खालिद को रिहा करो’ और ‘जेल के ताले टूटेंगे, सारे साथी छूटेंगे’ जैसे नारे लगाए.
इसके बाद कार्यक्रम का विरोध कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रों की ओर से भी नारेबाजी किए जाने की बात सामने आई. आरोप है कि विरोध कर रहे छात्रों ने ‘खालिद पाकिस्तानी है’ जैसे नारे लगाए. नारेबाजी को लेकर परिसर में दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी. जेएनयू छात्रसंघ का दावा है कि प्रशासन की ओर से कार्यक्रम की अनुमति आखिरी समय में रद्द किए जाने के बावजूद छात्र इस चर्चा में पहुंचे.
छात्रसंघ के मुताबिक, उनकी मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि विश्वविद्यालय में बहस, संवाद और असहमति की लोकतांत्रिक परंपरा को बनाए रखने के लिए छात्र प्रतिबद्ध हैं. घटना के बाद जेएनयू छात्रसंघ ने ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन पर कार्यक्रम की अनुमति अंतिम समय में रद्द की. इस तरह के कदम विश्वविद्यालय में बहस, चर्चा और असहमति की संस्कृति को सीमित करने की कोशिश है.
वहीं, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि गलत और सीमित जानकारी देकर सभागार की बुकिंग कराई गई थी. जब विश्वविद्यालय को सभी बातों का पता लगा तो सभा के लिए अनुमति रद्द कर दी गई.
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इस बीच ABVP और JNU के बीच लगे विवादित नारों को लेकर अभी तक दोनों ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि वायरल Video की सच्चाई के दावों की भी NMF NEWS पुष्टि नहीं करता. फिलहाल इस मामले में पुलिस की पुष्टि का इंतजार है.