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पाकिस्तान में PTI के लॉन्ग मार्च से पहले एक्शन शुरू, हिरासत में इमरान खान की बहन, कोटलखपत जेल भेजा गया

पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान की बहन अलीमा खान को पुलिस ने हिरासत में लेकर कोट लखपत जेल भेज दिया. PTI ने ये दावा किया है. पाक सरकार PTI के 27 सितंबर की रैली से डरी हुई है.

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20 Sep 2026
( Updated: 20 Sep 2026
05:53 PM )
पाकिस्तान में PTI के लॉन्ग मार्च से पहले एक्शन शुरू, हिरासत में इमरान खान की बहन, कोटलखपत जेल भेजा गया
Image Source-IANS
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पाकिस्तान में 27 सिंतबर को होने वाले पीटीआई के लॉन्ग मार्च और भारी विरोध प्रदर्शन के बीच पार्टी के बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर एक्शन शुरू हो गया है. इसी बीच पूर्व पीएम इमरान खान की बहन को भी हिरासत में ले लिया गया है. उन्हें कोट लखपत जेल भेज दिया गया है.

इमरान खान की बहन को पुलिस ने हिरासत में लिया

जियो न्यूज के अनुसार पीटीआई ने रविवार को बताया कि अलीमा खान को पुलिस ने 'मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर, 1960' (एमपीओ) की धारा 3 के तहत हिरासत में लिया. अलीमा लाहौर के अपर मॉल स्थित अपने घर से जिम जा रही थीं, तभी उन्हें हिरासत में लिया गया और बाद में कोट लखपत जेल भेज दिया गया.

बताया गया कि उनकी गाड़ी को पुलिस स्टेशन में खड़ा कर दिया गया. पीटीआई संस्थापक की दूसरी बहन, नूरीन नियाजी, ने जियो न्यूज को बताया कि अलीमा को घर से निकलते समय हिरासत में लिया गया और उन्हें जानकारी मिली है कि उन्हें कोट लखपत जेल ले जाया जा रहा है. नूरीन ने कहा, "मुझे नहीं पता कि वे इतने परेशान क्यों हैं कि महिलाओं को भी गिरफ्तार कर रहे हैं."

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इमरान खान की बहन को कोटलखपत जेल भेजा 

वहीं, डॉन ने बताया कि लाहौर के डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय से जारी एक आदेश में पुष्टि की गई कि उन्होंने उन्हें 30 दिनों के लिए हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने का आदेश दिया था. 20 सितंबर के इस आदेश में कहा गया कि डिप्टी कमिश्नर (डीसी) मुहम्मद अली एजाज ने कानूनी धारा के तहत उन्हें हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने का आदेश दिया था.

डीसी ने अपने आदेश में मुहम्मद अमीर की गिरफ्तारी का भी निर्देश दिया और कहा, "उन्हें कोट लखपत, लाहौर की सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट की कस्टडी में रखा जाएगा. उन्हें इस आदेश के खिलाफ प्रांतीय सरकार के सामने अपनी बात रखने की छूट होगी." इस बीच, पीटीआई अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने एक्स पोस्ट कर बताया कि उन्हें अलीमा की बहन नूरीन नियाजी से अलीमा के हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली.

पाकिस्तान में क्यों हो रही है ये रैली?

यह घटनाक्रम 27 सितंबर को होने वाले पीटीआई के विरोध प्रदर्शन से पहले पार्टी पर की जा रही कार्रवाई की खबरों के बीच हुआ है. पार्टी ने यह प्रदर्शन इमरान की जेल से रिहाई की मांग करने और संविधान की रक्षा के लिए लोगों को एकजुट करने के मकसद से बुलाया है.

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आपको बता दें कि पाकिस्तान में हालात ठीक नहीं हैं; बलूचिस्तान और पीओके जल रहा है, तो पूर्व वजीर-ए-आजम जेल में कैद हैं. अर्थव्यवस्था भी विश्व बैंक के सहारे घिसट-घिसट कर चल रही है. इस बीच प्रमुख विपक्षी पार्टी पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ और जमात-ए-इस्लामी (जेआई) ने अलग-अलग धरना प्रदर्शन का ऐलान कर दिया.
 
पीटीआई ने अपने नेता इमरान खान की रिहाई, संविधान और देश में कानून के राज को लेकर 27 सितंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन तो जेआई ने इससे इतर इस्लामाबाद मार्च की घोषणा की है.

इस बीच, इस्लामाबाद पुलिस ने पीटीआई के चार कार्यकर्ताओं और सदस्यों को हिरासत में ले लिया है. पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेजी दैनिक 'डॉन' ने बताया कि एक सब-इंस्पेक्टर की शिकायत पर इन कार्यकर्ताओं को अलग-अलग आरोपों में गिरफ्तार किया गया.

पाकिस्तान में उठाए जा रहे PTI के कार्यकर्ता

पुलिस के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि पीटीआई कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में बैठक कर रहे हैं. दावा है कि जब पुलिस ने बैठक स्थल पर छापा मारा, तो कार्यकर्ताओं ने पुलिस टीम के साथ मारपीट की, उनकी वर्दी फाड़ दी और उन्हें बंधक बना लिया. पुलिस और राजधानी प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पीटीआई के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का मुकाबला करने की तैयारी शुरू कर दी है. सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और विरोध प्रदर्शन को रोकने की योजना बनाने के लिए इस्लामाबाद के सेंट्रल पुलिस ऑफिस में एक बैठक हुई.

पुलिस विरोध प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी भी इकट्ठा कर रही थी, जिसमें राजनीतिक पार्टी की तैयारियां और उसके नेताओं, कार्यकर्ताओं और सदस्यों की गतिविधियां शामिल थीं. गेस्ट हाउस, सराय, बस टर्मिनल और उन संभावित ठेकेदारों पर नजर रखी जा रही थी जो विरोध प्रदर्शन के लिए भोजन, पानी, रहने की जगह और परिवहन की व्यवस्था कर सकते थे. पुलिस की खुफिया शाखाएं/इकाइयां - स्पेशल ब्रांच और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट भी सतर्क हैं.

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सरकार सख्त एक्शन के मूड में!

वे पीटीआई के उन नेताओं, सदस्यों और कार्यकर्ताओं की जानकारी भी इकट्ठा कर रहे हैं जिनका विवरण उनके पास उपलब्ध है. उन नेताओं, सदस्यों और कार्यकर्ताओं के घरों और अन्य जगहों के आसपास भी निगरानी रखी जा रही है जहां वे गिरफ्तारी से बचने के लिए रह रहे हैं या ठहरे हुए हैं.

दूसरी ओर देश के वित्त मंत्री औरंगजेब का तर्क है कि धरना-प्रदर्शन से देश के सरकारी खजाने को रोजाना 120 अरब रुपये का नुकसान हो सकता है.

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जियो न्यूज के अनुसार, रविवार को अपने संदेश में औरंगजेब ने कहा कि ऐसे विरोध-प्रदर्शनों को समझना मुश्किल है, खासकर तब जब पाकिस्तान ने आर्थिक स्थिरता हासिल करने के लिए काफी कोशिशें की हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि आर्थिक गतिविधियों में रुकावट से देश की स्थिरता से आर्थिक विकास की ओर बढ़ने की प्रक्रिया कमजोर हो सकती है.

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