जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

तिरुपति के लड्डू प्रसाद में किसने, कैसे और क्या मिलावट की? ED ने सब पता लगाया! ‘मास्टरमाइंड’ को भी दबोचा!

ED ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के घी में मिलावट के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कैलाश चंद मंगला को गिरफ्तार किया है. ईडी ने ये भी पता लगा लिया है कि आख़िर तिरुपति के प्रसाद में किस तरह मिलावट की गई, किन चीजों का इस्तेमाल हुआ और कैसे धोखाड़ी हुई.

Author
19 Sep 2026
( Updated: 19 Sep 2026
12:37 PM )
तिरुपति के लड्डू प्रसाद में किसने, कैसे और क्या मिलावट की? ED ने सब पता लगाया! ‘मास्टरमाइंड’ को भी दबोचा!
Image Source: TTD/tirumala.org
Advertisement

तिरुपति लड्डू प्रसाद के साथ छेड़छाड़ के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धन शोधन के आरोप में घी बनाने वाली कंपनी के प्रवर्तक कैलाश चंद मंगला को गिरफ्तार कर लिया है. ED ने मंगला की गिरफ्तारी के बाद कहा कि उन्होंने तिरुपति लड्डू प्रसाद तैयार करने में इस्तेमाल किया गया घी कथित तौर पर रिफाइंड पाम ऑयल, पामोलीन और विभिन्न रसायनों से बनाया गया था. 

तिरुपति के प्रसाद के मामले में ED की बड़ी कार्रवाई

सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर कैलाश चंद मंगला को गुरुवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया. ED ने कहा कि उन्हें आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित विशेष न्यायालय (PMLA) के समक्ष पेश किया गया, जिसने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया. ईडी ने तिरुपति पूर्व पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर जांच शुरू की, जिसमें TTD को मिलावटी घी की फर्जी आपूर्ति से संबंधित आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है.

Advertisement

तिरुपति के लड्डू प्रसाद में किन चीजों का हुआ इस्तेमाल

ED के जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि मिलावटी घी कथित तौर पर परिष्कृत ताड़ के तेल (पाम ऑयल), ताड़ के बीज के तेल, पामोलिन और एमजी-90, मोनोग्लिसराइड्स, मायवेसेट सॉफ्ट 400 और एसिटिक एसिड एस्टर सहित विभिन्न रसायनों का उपयोग करके बनाया गया था. बाद में इसे टीटीडी द्वारा उपयोग के लिए एगमार्क स्पेशल ग्रेड गाय के घी के रूप में आपूर्ति की गई.

Advertisement

ED ने मिलावट के मामले में और क्या खुलासा किया?

2019-2024 के दौरान टीटीडी को कथित तौर पर धोखाधड़ी से की गई घी की आपूर्ति का मूल्य लगभग 230 करोड़ रुपए था. इसमें से लगभग 96 करोड़ रुपए मूल्य का मिलावटी घी कैलाश चंद मंगला द्वारा निर्मित किया गया था. ईडी ने कहा कि मंगला इस मामले में सह-साजिशकर्ताओं में से एक था और उसने मिलावट की खरीद और अपने कारखाने में मिलावटी घी के निर्माण में सहायता की.

ये भी पढ़ें: बंगाल में दुर्गा पूजा की बदली तस्वीर, भगवा में तैनात होंगे 20 हजार वॉलंटियर्स, इमारतों का रंग भी हुआ केसरिया!

उसने श्री वैश्नवी डेयरी स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड, मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और ए.आर. डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड सहित विभिन्न फर्जी कंपनियों के माध्यम से मिलावटी घी की आपूर्ति का समन्वय भी किया.

Advertisement

ये भी पढ़ें: ‘सच्चाई को छिपाने की कोशिश…’, समंदर में वॉरशिप टकराने के बाद पाक के आरोपों पर भारत का जवाब, दिखाया आईना

मंगला ने क्या साजिश की?

यह भी पढ़ें

जांच में यह भी पता चला कि मंगला ने घी और परिष्कृत ताड़ के तेल की बिक्री और खरीद से संबंधित फर्जी रिकॉर्ड बनाए और उन्हें बनाए रखा ताकि मिलावट की वास्तविक खपत को छिपाया जा सके और असली गाय के घी के वैध उत्पादन और और आपूर्ति का आभास कराया जा सके.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें