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'आप श्रीकृष्ण, मैं सुदामा...', PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर बचपन के दोस्त ने लिखी भावुक चिट्ठी, जानें क्या कहा

PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर वडनगर के बचपन के दोस्त शामलदास मोदी की चिट्ठी सामने आई है. उन्होंने पीएम मोदी को 'श्रीकृष्ण' और खुद को 'सुदामा' बताते हुए उनकी उपलब्धियों पर गर्व जताया.

'आप श्रीकृष्ण, मैं सुदामा...', PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर बचपन के दोस्त ने लिखी भावुक चिट्ठी, जानें क्या कहा
Image Source: IANS
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं. इस खास मौके पर देशभर से उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, केंद्रीय मंत्रियों और कई राज्यों के नेताओं ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी है. इसी बीच गुजरात के वडनगर से आई एक चिट्ठी ने इस खास दिन को भावनात्मक बना दिया है. यह चिट्ठी किसी राजनीतिक सहयोगी की नहीं, बल्कि पीएम मोदी के बचपन के दोस्त शामलदास मोदी की है.

दरअसल, शामलदास मोदी ने अपने पुराने दोस्त नरेंद्र मोदी को याद करते हुए खुद को सुदामा और प्रधानमंत्री मोदी को श्रीकृष्ण बताया है. चिट्ठी में उन्होंने बचपन की दोस्ती, पुराने दिनों की यादों और प्रधानमंत्री के लंबे सार्वजनिक जीवन का जिक्र किया है. शब्दों में एक दोस्त का अपनापन साफ दिखाई देता है. वर्षों पहले साथ समय बिताने वाला दोस्त आज देश की जिम्मेदारी संभाल रहा है, यह बात शामलदास के लिए गर्व का विषय है.

 बचपन से ही मजबूत इच्छाशक्ति का जिक्र

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शामलदास मोदी ने अपने पत्र में लिखा कि नरेंद्र भाई बचपन से ही दृढ़ निश्चयी और मजबूत इच्छाशक्ति वाले रहे हैं. उनके मुताबिक, सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर नरेंद्र मोदी ने जिस तरह अपनी पहचान बनाई, उसमें उनकी मेहनत, संकल्प और सेवा भावना की अहम भूमिका रही. बचपन के दोस्त ने प्रधानमंत्री के सफर को करीब से याद करते हुए उनके संघर्ष और आगे बढ़ने की कोशिशों का भी उल्लेख किया. उनके लिए यह सिर्फ एक पुराने मित्र की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि उस साथी की यात्रा है जिसके साथ उन्होंने वडनगर में बचपन के दिन बिताए थे.

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कृष्ण-सुदामा का रिश्ता क्यों किया याद?

चिट्ठी का सबसे खास हिस्सा वह है, जहां शामलदास ने अपनी और नरेंद्र मोदी की दोस्ती को कृष्ण-सुदामा के रिश्ते से जोड़ा. यह तुलना उन्होंने पुराने आत्मीय संबंध को व्यक्त करने के लिए की है. समय के साथ दोनों की जिंदगी अलग-अलग दिशाओं में आगे बढ़ी, लेकिन बचपन की दोस्ती की याद आज भी उनके मन में बनी हुई है. शामलदास ने प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियों पर गर्व जताया और कहा कि उनके दोस्त ने जीवन में जो लक्ष्य तय किए, उन्हें पूरा करने के लिए लगातार काम किया. एक समय वडनगर में साथ रहने वाला उनका दोस्त आज देश का प्रधानमंत्री है, यह बदलाव उनके लिए भावुक करने वाला है.

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वडनगर के विकास का भी किया जिक्र

शामलदास मोदी ने अपनी चिट्ठी में वडनगर के विकास का भी उल्लेख किया. जिस शहर में दोनों दोस्तों ने बचपन बिताया, उसी वडनगर को पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के लिहाज से मिल रहे महत्व पर उन्होंने खुशी जताई. उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार भी व्यक्त किया. वडनगर प्रधानमंत्री मोदी का जन्मस्थान भी है. इसलिए इस शहर से जुड़ी यादें उनके जीवन और सार्वजनिक सफर में खास स्थान रखती हैं. बचपन के दोस्त की चिट्ठी में शहर का जिक्र इस पुराने रिश्ते को और भावनात्मक बना देता है.

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हाटकेश्वर महादेव से की स्वस्थ जीवन की प्रार्थना

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शामलदास ने प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना भी की. उन्होंने वडनगर के आराध्य देव हाटकेश्वर महादेव से प्रार्थना करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी को देशसेवा के कार्य में आगे बढ़ने की शक्ति मिलती रहे.

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बताते चलें कि अब इस भावुक चिट्ठी के बाद शामलदास मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब का इंतजार कर रहे हैं. जन्मदिन के मौके पर सामने आई यह चिट्ठी राजनीतिक बधाइयों से अलग एक पुराने दोस्त की निजी यादों और भावनाओं को सामने लाती है. वडनगर की गलियों से शुरू हुई दोस्ती और देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचे नरेंद्र मोदी के सफर को शामलदास ने अपने शब्दों में याद किया है.

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