जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

कभी बांग्लादेश से भारत आती थी हिल्सा, अब उल्टा हुआ कारोबार, दिल्ली ने भेजी 500 टन मछली

Hilsa Fish: शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के बाद दोनों देशों के बीच हिलसा के निर्यात को लेकर तस्वीर पहले जैसी नहीं रही. इस बार तो कहानी ही पलट गई है, अब भारत से बांग्लादेश को हिलसा भेजी जा रही है.

Author
16 Sep 2026
( Updated: 16 Sep 2026
09:58 AM )
कभी बांग्लादेश से भारत आती थी हिल्सा, अब उल्टा हुआ कारोबार, दिल्ली ने भेजी 500 टन मछली
Image Source: IANS/ Pexels
Advertisement

Hilsa: दुर्गा पूजा आते ही भारत, खासकर पश्चिम बंगाल में, बांग्लादेश की हिलसा मछली यानी ‘इलिश’ का इंतजार शुरू हो जाता था. बंगाल के लोगों के लिए हिलसा सिर्फ एक मछली नहीं, बल्कि स्वाद और परंपरा से जुड़ी चीज है... आम तौर पर पूजा के दिनों में बांग्लादेश सरकार भारत को हिलसा निर्यात करने की अनुमति देती थी. लेकिन पिछले कुछ समय से यह सिलसिला बदल गया है. खासकर शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के बाद दोनों देशों के बीच हिलसा के निर्यात को लेकर तस्वीर पहले जैसी नहीं रही. इस बार तो कहानी ही पलट गई है, अब भारत से बांग्लादेश को हिलसा भेजी जा रही है.

दो महीनों में करीब 500 टन हिलसा भेजी गई

पश्चिम बंगाल की भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित पेट्रापोल लैंड पोर्ट के रास्ते पिछले करीब दो महीनों में लगभग 500 टन हिलसा बांग्लादेश भेजी जा चुकी है.. मछली कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में करीब 150 से 200 टन और हिलसा बांग्लादेश भेजी जा सकती है.. व्यापारियों के मुताबिक, इस खेप का बड़ा हिस्सा गुजरात से आ रहा है, खासकर भरूच इलाके से... कुछ मछली हावड़ा के थोक बाजार से होकर भी बांग्लादेश पहुंच रही है.

हावड़ा और बंगाल के मछली कारोबार से जुड़े फिश इम्पोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव सैयद अनवर मकसूद के मुताबिक, भारत से बांग्लादेश को हिलसा भेजा जाना पहली बार देखने को मिल रहा है.. उनके अनुसार, यह बदलाव मछली की उपलब्धता और दोनों देशों में बदलती मांग को दिखाता है..

UPI यूजर्स के लिए गुड न्यूज! इतने हजार रुपए तक के ट्रांजैक्शन पर नहीं लगेगा चार्ज

Advertisement

अब बांग्लादेश में भारतीय हिलसा की मांग

पेट्रापोल के कारोबारियों के मुताबिक, पहले भारतीय व्यापारी बांग्लादेश की पद्मा नदी से आने वाली हिलसा का इंतजार करते थे. अब हालात बदल गए हैं और भारत से ही हिलसा बांग्लादेश पहुंच रही है.. वहां चट्टोग्राम, सिलहट और दूसरे इलाकों में इसकी मांग बताई जा रही है.

हिलसा के अंडों की सबसे ज्यादा मांग

Advertisement

यह भी पढ़ें

बांग्लादेश में खास तौर पर रो यानी मादा हिलसा के अंडों वाली मछली की मांग ज्यादा है. इन अंडों से कई पारंपरिक और स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं. कुछ हिलसा को आगे प्रोसेस कर दोबारा दूसरे बाजारों में भेजने की तैयारी भी की जा रही है.. वहीं कुछ मछलियों का इस्तेमाल सूखी और नमकीन मछली से बनने वाले व्यंजनों में हो रहा है.
इस तरह जिस हिलसा के लिए कभी भारत बांग्लादेश की ओर देखता था, वही मछली अब भारत से बांग्लादेश जा रही है. बदलता कारोबार दोनों पड़ोसी देशों के मछली बाजार की बदलती तस्वीर को साफ तौर पर दिखाता है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें