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राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाले शख़्स की जान को खतरा? MHA ने 4 राज्यों को लिखी चिट्ठी, मिलेगी Z सुरक्षा!

राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाले कर्नाटक के एस विग्नेश शिशिर की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है! केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यूपी, केरल, कर्नाटक और दिल्ली पुलिस को चिट्ठी लिखी है और उनकी Z सुरक्षा की मांग पर आकलन करने को कहा है.

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13 Aug 2026
( Updated: 13 Aug 2026
07:08 PM )
राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाले शख़्स की जान को खतरा? MHA ने 4 राज्यों को लिखी चिट्ठी, मिलेगी Z सुरक्षा!
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कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष के ख़िलाफ़ कई याचिकाएं दाखिल करने वाले और उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ाने वाले बीजेपी कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की सुरक्षा चिंता पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 'संज्ञान' लिया है. MHA ने चार राज्यों को चिट्ठी लिखी है और कहा है कि उनकी सुरक्षा चिंताओं का समाधान करें. MHA ये बातें उत्तर प्रदेश, केरल, कर्नाटक और दिल्ली की पुलिस और उनके प्रमुखों को लिखे पत्र में कहा है.

मंत्रालय ने कहा कि पुलिस से शिशिर के खतरों का आकलन करके उसपर जरूरी कदम उठाने को कहा है. आपको बता दें कि शिशिर ने राहुल के खिलाफ केस लड़ने की वजह से पैदा हुए कथित सुरक्षा खतरा का कारण देते हुए z सिक्योरीटी की मांग की थी.

विग्नेश शिशिर की बढ़ेगी सुरक्षा?

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ET की रिपोर्ट के मुताबिक़ गृह मंत्रालय की ओर से इन राज्यों की पुलिस को ये चिट्ठी 8 मई, 2026 को भेजी गई थी. इसके मुताबिक़ चार महीनों में एस विग्नेश शिशिर की ओर से पांच ई-मेल भेजे गए. इसी के  आधार पर केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से सलाह-मशविरा लिया गया और विग्नेश की सुरक्षा इंतजामों का आकलन किया गया. हालांकि इस दौरान शिशिर की सुरक्षा को अपग्रेड कर जेड कैटेगरी में करने के सवाल पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया और ना ही कोई स्पष्ट स्टैंड लिया गया. 

मोदी सरकार ने एक ओर जहां राज्यों को इस मामले को देखने को कहा है वहीं ख़ुद इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है. यानी कि राज्य सरकार ने ये जिम्मेदारी राज्य सरकार, पुलिस और उनके मातहत इंटेलिजेंस एजेंसियों और कि थ्रेट परसेप्शन के आधार पर आकलन करने के ऊपर छोड़ दिया है.

इसके अलावा MHA ने राज्यों को लिखी चिट्ठी में ये भी नहीं बताया कि उन्होंने जो शिशिर के ईमेल पर सुरक्षा एजेंसियों से जो सलाह मशविरा किया, उसमें क्या मिला. यानी कि पता नहीं चल पाया कि शिशिर को किस प्रकार की, किस से और क्यों सुरक्षा और किस लेवल का खतरा है.

कौन हैं राहुल गांधी की नाक में दम करने वाले एस विग्नेश शिशिर?

आपको बता दें कि एस विग्नेश शिशिर कर्नाटक के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 36 वर्ष है. वो राहुल के ख़िलाफ़ कई केस करने को लेकर मशहूर रहे हैं, जिनमें से एक है राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में जनहित की याचिका (PIL), जो कि देश में ख़ास चर्चा की वजह से बना. 

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शिशिर की याचिका इसलिए भी चर्चा में आई क्योंकि इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस साल अप्रैल में अपने पहले के आदेश को बदल दिया था. इससे एक दिन पहले ही बेंच ने राहुल गांधी पर लगी दोहरी नागरिकता के आरोपों की पुलिस जांच की मंजूरी दी थी.

हालांकि इसके बाद में जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने अपने ख़िलाफ़ कथित तौर पर सोशल मीडिया पर शिशिर की टिप्पणियों के कारण खुद को राहुल गांधी के केस से अलग ही कर लिया था. वहीं शिशिर ने एक और PIL में इलाहाबाद हाई कोर्ट लखनऊ बेंच में राहुल के के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की भी शिकायत की है, जिसमें सीबीआई, ईडी और अन्य एजेंसियों से इसकी जांच की मांग की गई है. इसपर फिलहाल कोर्ट में सुनवाई हो भी रही है और राहुल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख भी किया है.

राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का किया रुख, आय से अधिक संपत्ति जांच के हाईकोर्ट आदेश को दी चुनौती

आपको बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें सीबीआई और ईडी को उन आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया गया था कि उनके पास आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति है. राहुल गांधी की याचिका पर 17 अगस्त को चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच सुनवाई करेगी.

कांग्रेस सांसद ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जो कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की शिकायत के संबंध में जारी किया गया था. शिशिर ने गांधी पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगाया था. मई में जारी अपने आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि अगर संबंधित एजेंसियों को शिकायत मिली है, तो उसमें लगाए गए आरोपों की कानून के अनुसार जांच की जानी चाहिए. कोर्ट ने यह भी कहा था कि सीबीआई और ईडी कानूनी ढांचे के तहत उचित कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं.

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20 जुलाई को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सीबीआई द्वारा दायर हलफनामे पर असंतोष जताया और कहा कि इसमें कोर्ट के पहले के निर्देशों का ठीक से पालन नहीं किया गया था. हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उठाए गए कदमों पर भी ध्यान दिया और कहा कि अगर सत्यापन या जांच के दौरान कोई कार्रवाई योग्य जानकारी मिलती है, तो एजेंसी कानून के अनुसार आगे बढ़ सकती है.

सीबीआई और ईडी के अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच ने डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग, राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस के निदेशक को भी याचिकाकर्ता के आरोपों पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया.

हाईकोर्ट के निर्देशों को चुनौती देने के अलावा इस मामले पर 20 अगस्त को सुनवाई करेगा.

याचिकाकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं, इसलिए वे चुनाव लड़ने या सांसद बने रहने के योग्य नहीं हैं. इसके लिए उसने कथित दस्तावेजों और ब्रिटेन की एजेंसियों से मिली जानकारी का हवाला दिया है.

याचिकाकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता, आधिकारिक गोपनीयता कानून, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है. यह शिकायत पहले रायबरेली की विशेष एमपी/एमएलए अदालत में दायर की गई थी, जिसे बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट में लाया गया.

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की नागरिकता क्‍या होगी खत्म?

आपको बता दें कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के पास ब्रिटेन की नागरिकता की बात कहकर भारत की नागरिकता रद्द करने के ल‍िए इलाहाबाद हाईकोर्ट में पीआईएल डालने वाले एस विग्नेश शिशिर ने कहा था कि, “ 25 नवंबर 2024 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई. माननीय न्यायालय ने भारत सरकार से पूछा कि, जो मैंने राहुल गांधी की विदेशी नागरिकता से संबंधित सबूत, दस्तावेज, जानकारी, वीडियो और फोटोग्राफ प्रस्तुत किए हैं, उस पर क्या कार्रवाई की गई है. भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने जवाब दिया कि इस मामले पर कार्रवाई "प्रोसेस में है" और यह "एक्टिव कंसीडरेशन" में है. गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि, भारत सरकार के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल सूर्यभान पांडे ने कोर्ट में यह सबमिशन किया.”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे इस मामले में काफी उम्मीद है कि भारत सरकार राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता को जल्द ही रद्द कर देगी, क्योंकि इस बार ब्रिटिश सरकार से सीधे संवाद हुआ है, इसमें यह पुष्टि की गई है कि राहुल गांधी का नाम ब्रिटेन के नागरिकता रिकॉर्ड में दर्ज है. हमने यह दस्तावेज इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सामने प्रस्तुत किए हैं. इसके अलावा, हमारे पास कुछ गोपनीय सबूत भी हैं, जिन्हें हम अदालत में पेश कर चुके हैं, और इससे यह स्पष्ट होता है कि राहुल गांधी ब्रिटेन के नागरिक हैं. इसलिए, हमें पूरा विश्वास है कि उनकी भारतीय नागरिकता रद्द होनी चाहिए.”

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उन्होंने कहा, “भारत में ऐसा कोई कानून नहीं है, जो दोहरी नागरिकता की अनुमति देता हो. अगर कोई व्यक्ति किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त करता है, तो भारतीय नागरिकता रद्द हो जाती है. भारतीय संविधान और 1955 के नागरिकता कानून के तहत यह स्पष्ट है कि यदि किसी व्यक्ति ने किसी दूसरे देश की नागरिकता ली, तो उसकी भारतीय नागरिकता रद्द हो जाएगी.”

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