'भारत अब वो भारत नहीं...', मन की बात में PM मोदी का आतंकवाद पर बड़ा बयान, सर्जिकल स्ट्राइक को किया याद
मन की बात के 138वें एपिसोड में पीएम मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहा है और आतंक के हर प्रयास का करारा जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति, जनगणना और सामाजिक जीवन से जुड़े कई अहम विषयों का जिक्र किया. पीएम मोदी का इस बार का मन की बात का एपिसोड एक तरह से पाकिस्तान को भी सीधा संदेश था कि अब भारत पहले वाला नहीं रहा, बल्कि नया भारत है.
सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 28 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने जा रहे हैं. उन्होंने 28-29 सितंबर 2016 की उस सैन्य कार्रवाई को याद करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना के इस कदम ने दुनिया के सामने भारत की नीति को स्पष्ट किया था. पीएम मोदी ने आगे कहा, भारत की एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि सर्जिकल स्ट्राइक को बस एक दिन में 10 साल पूरे होने वाले हैं. दस साल पहले, 28-29 सितंबर 2016 को, भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। जिस तरह हमारे बहादुर सैनिकों ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए 'लाइन ऑफ कंट्रोल' (LoC) पार की, उसे देखकर दुनिया हैरान रह गई थी. इस सर्जिकल स्ट्राइक ने पूरी दुनिया के सामने भारत की आतंकवाद-विरोधी नीति का एक नया और साहसी उदाहरण पेश किया. यह आतंकवादी हमलों की वजह से भारत को लंबे समय से झेलनी पड़ रही तकलीफों का एक निर्णायक जवाब था.
Addressing the 138th Episode of Mann Ki Baat, Prime Minister Narendra Modi says, "...A major historical achievement of India is set to complete 10 years in just a day—the surgical strike. Ten years ago, on September 28–29, 2016, the Indian Army conducted a surgical strike on… pic.twitter.com/WXuoyI3D8K
— ANI (@ANI) September 27, 2026Advertisement
पहले ब्लास्ट होना आम बात थी: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत आतंकवाद को बर्दाश्त करने के बजाय उसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की बदलती रणनीति का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब वो भारत नहीं, आतंक का करारा जवाब दिया जाएगा. पहले सीरियल ब्लास्ट होना आम बात थी. बीते वर्षों में देश ने कई मौकों पर यह संदेश दिया है कि आतंकवादी गतिविधियों का जवाब दिया जाएगा. प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक के साथ बालाकोट एयरस्ट्राइक और बाद के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी जिक्र किया. हालांकि, बालाकोट एयरस्ट्राइक 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक से अलग 2019 की सैन्य कार्रवाई थी.
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जनगणना को बताया राष्ट्रीय दायित्व
'मन की बात' में प्रधानमंत्री ने जनगणना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है. पीएम मोदी ने नागरिकों से इसमें सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि जनगणना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व है. उन्होंने उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव का भी उल्लेख किया, जहां से जनगणना की शुरुआत होने की बात कही गई. प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे जनगणना प्रक्रिया के लिए अपना समय जरूर निकालें.
अशोक सिंघल को भी किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंघल को भी याद किया. उन्होंने उनके सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि सिंघल ने अपना जीवन समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित किया. पीएम मोदी ने रामजन्मभूमि आंदोलन में अशोक सिंघल की भूमिका का जिक्र किया और कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के रूप में उस लंबे प्रयास का परिणाम आज दिखाई देता है.
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बताते चलें कि ‘मन की बात’ के इस एपिसोड में राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर जनगणना और सामाजिक योगदान तक कई विषय सामने आए. प्रधानमंत्री के संबोधन में जहां आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति पर जोर रहा, वहीं जनगणना में नागरिक भागीदारी और समाज के लिए जीवन समर्पित करने वाली हस्तियों को याद करने का संदेश भी दिखाई दिया.