कौन है हरियाणा BJP का ये धुरंधर, जिससे बहस के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को दी चुनौती?
राहुल गांधी ने बीते दिनों पीएम मोदी का वन टू वन बहस के लिए चुनौती थी. इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल को चैलेंज दिया कि वो हरियाणा की कोई भी जगह तय कर लें, उनसे BJYM का धुरंधर बहस करेगा. आख़िर कौन है ये, जिसका शाह ने किया जिक्र.
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जिस नरेंद्र मोदी ने गुजरात से लेकर दिल्ली तक सत्ता के शीर्ष पर रहते हुए लगातार 25 साल पूरे किए, इलेक्टेड पीएम के रूप में रिकॉर्ड क़ायम कर दिया, जिस मोदी के नाम पर BJP ने दिल्ली से लेकर यूपी तक कई राज्यों में जीत का इतिहास लिखा, जिस गुजराती माटी में पढ़े, पले-बढ़े मोदी की हिंदी, भाषण शैली की दुनिया क़ायल है, जनता से कम्युनिकेट करने की कला अद्भुत है, गुजराती मातृभाषा के बावजूद हिंदी में फ़र्राटेदार, बिना देखे बोलने मे महारत हासिल है, उस ब्रांड मोदी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी संसद की बजाए सड़क पर बहस की चुनौती दी है. ज़ाहिर है चुनौती आई है तो जवाब तो मिलना था, पलटवार तो होना था. और गृह मंत्री अमित शाह की ओर से ज़ोरदार पलटवार आया भी.
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राहुल जी, मोदी जी की तो छोड़िए, जगह और समय तय किजिए, उनके हरियाणा युवा मोर्चा का उनका धुरंधर अध्यक्ष बहस करेगा. यानी कि साफ़ कर लिया कि राहुल, मोदी से पहले उनके नेता से भिड़ कर दिखाएं. शाह की ओर से ओर से ऐसा इसलिए भी चैलेंज दिया गया, क्योंकि हर चुनौती और सवाल का पीएम मोदी जवाब नहीं दे सकते. विपक्ष में होने के नाते राहुल को इसकी खुली छूट है.
खैर! जरा सोचिए! एक तरफ नरेंद्र मोदी जैसे नेता हैं…जो साल 2001 से लगातार साढ़े बारह साल से भी ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री बनकर गुजरात की सत्ता संभाली… और जब सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद साल 2014 में पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने… तो लगातार बारह साल से देश की सत्ता संभाल रहे हैं. और इतना ही नहीं अपनी जिंदगी में कभी कोई चुनाव तक नहीं हारे…ऐसे दमदार नेता को राहुल गांधी जैसे नेता बहस करने की चुनौती दे रहे हैं… जो खुद पहली बार अपनी खानदानी सीट अमेठी से चुनाव लड़कर पहली बार साल 2004 में सांसद बने… और साल 2019 के चुनाव में उसी खानदानी सीट से चुनाव हार गये… वो भी बीजेपी नेता स्मृति ईरानी से.
इसी पर तो तंज करते हुए राहुल गांधी के सियासी सफर पर बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने कहा कि, ‘जो राहुल गांधी… बीजेपी की एक छोटी सी कार्यकर्ता स्मृति ईरानी से अपनी खानदानी सीट अमेठी तक हार गये…जिनके पार्टी में कमान संभालते ही कांग्रेस विधायकों की संख्या लगातार गिरती गई… और गिरते… गिरते 1200 विधायकों से सीधे करीब 600 विधायकों तक पहुंच गई…वो राहुल गांधी आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस करन की चुनौती दे रहे हैं... जिन्हें खुद अमित शाह ने ललकारते हुए कहा कि मोदी जी छोड़िये… अगर आपको इतना ही शौक है रोड पर चर्चा करने का…तो उसके लिए हमारे हरियाणा बीजेपी युवा मोर्चा का अध्यक्ष ही काफी है.’
कौन है वो बीजेपी का युवा धुरंधर, जिससे राहुल गांधी को भिड़ना होगा?
देश की संसद में साल 2014 से पीएम मोदी और राहुल गांधी साथ हैं, आमने-सामने हैं. ये बात तो आप भी जानते हैं कि जब संसद में पीएम मोदी बोलते हैं और कांग्रेस की बखिया उधेड़ते हैं, पूरी कांग्रेस की हालत ख़राब हो जाती है. कई बार तो ऐसा भी होता है कि कांग्रेस सदन छोड़ कर ही भाग जाती है, वॉकआउट करना पड़ता है. और आज उसी कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पीएम मोदी को बहस करने की चुनौती दे रहे हैं... लेकिन अमित शाह ने तो सीधे सपाट शब्दों में कह दिया कि आपके लिए हमारे हरियाणा बीजेपी का यूथ प्रेसिडेंट ही काफी है, जिनका नाम है अक्षित दहिया.
#WATCH | Karnal, Haryana: At the 'Loktantra Bachao, Arajakta Hatao' rally, Union Home Minister Amit Shah says, "Today, from this platform, I want to issue a challenge to Rahul Gandhi. You challenge Narendra Modi ji to a debate—well, Rahul ji, there is no need for Modi ji himself; if you want a debate, just write a letter to him. We are prepared to convene a special session of Parliament to hold this discussion. We will have the debate—we will discuss everything there. Stop spreading lies..."
— ANI (@ANI) November 5, 2026
कौन हैं अक्षत दहिया?
राहुल गांधी से बहस करने के लिए अमित शाह जैसे धाकड़ बीजेपी नेता ने हरियाणा के जिस अक्षित दहिया का नाम लिया है. दरअसल वो छात्र राजनीति से बीजेपी से जुड़े हुए हैं.
- साल 2019 में अक्षित दहिया ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में जीत का भगवा लहराया था.
- ABVP के उम्मीदवार के दौर पर छात्र संघ अध्यक्ष के पद पर जीत हासिल की थी.
- 19039 वोटों से जीत हासिल कर 49 साल पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिया था.
- अक्षित से पहले 1970 में ABVP उम्मीदवार आलोक कुमार ने बड़ी जीत दर्ज की थी.
- राजनीति के मैदान में युवा नेता के साथ ही अक्षित दहिया सुप्रीम कोर्ट में वकील भी हैं.
- G20 समिट 2025 में भारतीय युवा डेलिगेशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं अक्षित दहिया.
दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में इतिहास रचने वाले अक्षित दहिया की संगठन और छात्र राजनीति में सक्रियता को देखते हुए बीजेपी ने उन्हें हरियाणा BJP का यूथ प्रेसिडेंट बना दिया...और सबसे बड़ी बात ये है कि इसी साल 17 सिंतबर को अक्षित दहिया ने पीएम मोदी के जन्म दिन पर उन्हें गृह जिले गुजरात के वडनगर से संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक सेवा संकल्प यात्रा निकाली थी.
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और मोदी सरकार के संदेश को जन जन तक पहुंचाने का किया था…इसी बात से समझ सकते हैं कि युवा नेता अक्षित दहिया बीजेपी के कितने सक्रिय नेता हैं…यही वजह है कि पीएम मोदी को बहस की चुनौती दे रहे राहुल गांधी को अमित शाह ने हरियाणा बीजेपी युवा अध्यक्ष अक्षित दहिया से बहस करने की चुनौती दी है.
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रिपोर्ट: धीरेंद्र रावत