मेलबर्न, मस्जिद, माय सेंटर & मुस्लिम ब्रदरहुड....फ्लाईदुबई के आतंकी पायलट हम्मामी से UAE ने उगलवा लिए सारे राज
फ्लाईदुबई उड़ान की जांच कर रही UAE की एजेंसियों ने आतंकी पायलट हम्मामी से सारे राज उगलवा लिए हैं. वो कब, किस लिए और किसके कहने पर आतंकी बना, विमान क्रैश करने की सोची...एक से बढ़कर एक खौफ़नाक खुलासे हुए हैं.
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दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान को हाईजैक कर उसे बेन गुरियन एयरपोर्ट पर क्रैश करने की कोशिश और कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमले की UAE की ओर से की जा रही जांच में कई खौफनाक खुलासे हुए हैं. UAE की न्यूज़ एजेंसी WAM ने अटॉर्नी जनरल के हवाले से आतंकी पायलट हम्मामी की ट्रेनिंग, कट्टरपंथी विचारधारा, कबूलनामा, उसके मकसद, सहित पूरी वारदात की टाइमलाइन पर विस्तार से खुलासा किया है.
रिपोर्ट में की बात करें तो FZ1073 का ओमानी को-पायलट ऑस्ट्रेलिया में कट्टरपंथी बना था. वह चरमपंथी सामग्री पढ़ता और देखा करता था. इस दौरान मेलबर्न में मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े एक केंद्र से उसके तार जुड़े थे. उसने बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ली थी और वह 9/11 के हमलों से प्रेरित था.
बेन गुरियन हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल आत्मघाती हमले का प्लान था
UAE के अटॉर्नी जनरल काउंसलर डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने जानकारी दी कि 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई उड़ान FZ1073 की घटना की पब्लिक प्रॉसिक्यूशन (लोक अभियोजन) जांच में यह खुलासा हुआ है कि विमान के ओमानी सह-पायलट ने एक पूर्व नियोजित आतंकवादी साजिश को अंजाम देना शुरू कर दिया था. इसका मकसद विमान को अपने नियंत्रण में लेकर तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल पर आत्मघाती हमला करना था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान जा सके.
सीरिया नहीं ऑस्ट्रेलिया में कट्टरपंथी बना हम्मामी
अटॉर्नी जनरल ने बताया कि जांचकर्ताओं ने 29 वर्षीय संदिग्ध की वैचारिक और करियर बैकग्राउंड का पता लगाया है. जांच से संकेत मिलता है कि चरमपंथ और आतंकवाद की ओर उसके झुकाव के पहले संकेत 2017 में सामने आए थे, जब वह ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रहा था. उस दौरान, चरमपंथी साहित्य पढ़ने और आतंकवादी संगठनों व आत्मघाती हमलों का महिमामंडन करने वाली ऑनलाइन सामग्री को देखने के कारण वह 'तकफीरी' (takfiri) विचारधारा से प्रभावित हुआ.
पायलट बना ही विमान क्रैश करने के लिए!
यह प्रभाव बाद में हिंसा और आतंकवाद की वकालत करने वाले विचारों में बदल गया. उसने 11 सितंबर 2001 के हमलों से भी प्रेरणा ली, और विमान का उपयोग करके इसी तरह के ऑपरेशन को अंजाम देने का विचार उसकी सोच में मजबूती से स्थापित हो गया. उसके कबूलनामे के अनुसार, इसी सोच ने उसे विमानन (एविएशन) में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया.
कई विमान कंपनियों में किया काम!
अटॉर्नी जनरल ने आगे कहा कि संदिग्ध ने अपने पेशेवर करियर के दौरान विभिन्न देशों की कई एयरलाइंस में काम किया. उसने 2020 से 2024 तक ओमान एयर (Oman Air) के लिए काम किया, 2025 की शुरुआत में रॉयल एयर मैरोक (Royal Air Maroc) से जुड़ा और वहां कई महीनों तक काम किया, जिसके बाद जनवरी 2026 में वह फ्लाईदुबई में शामिल हो गया.
ऑस्ट्रेलिया My Centre और मस्जिद में हुई ब्रेनवॉशिंग?
संदिग्ध ने स्वीकार किया कि ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में पढ़ाई के दौरान, वह नियमित रूप से रॉयल मेलबर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (RMIT) से जुड़ी एक मस्जिद में जाता था. इन दौरों के माध्यम से, वह "माय सेंटर" (My Centre) नामक केंद्र से जुड़े व्यक्तियों के संपर्क में आया.
कैप्टन पर हमला करने के लिए हम्मामी ने ली बॉक्सिंग की ट्रेनिंग!
उसने बताया कि इस केंद्र का संचालन "अबू हमजा" नाम का एक लेबनानी व्यक्ति करता था और कथित तौर पर इसे मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े एक संघ का समर्थन प्राप्त था. उसने यह भी कहा कि उसने आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली सामग्री के प्रति अपना संपर्क बढ़ाकर और एक निजी कोच के अधीन मुक्केबाजी (बॉक्सिंग) की ट्रेनिंग लेकर खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से इस साजिश को अंजाम देने के लिए तैयार किया था.
इजरायल के लिए तीन बार उड़ान भरी, दो बार रेकी की!
जांच से पता चला कि संदिग्ध ने अपनी कथित आतंकवादी साजिश की व्यक्तिगत तैयारियों के हिस्से के रूप में, उड़ान मार्ग और हवाई अड्डे से खुद को परिचित करने के लिए तेल अवीव की पिछली दो उड़ानों का उपयोग किया था. इसके बाद उसने 30 सितंबर 2026 को तेल अवीव की अपनी तीसरी उड़ान के दौरान इसे अंजाम देना शुरू किया.
फ्लाईदुबई ने कैसे की संदिग्ध की भर्ती?
जांच में उन प्रक्रियाओं की भी पड़ताल की गई जिनके माध्यम से फ्लाईदुबई ने संदिग्ध की भर्ती की थी. निष्कर्षों से पता चला कि उसने रोजगार के लिए पेशेवर और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा किया था, जिसमें पायलट का लाइसेंस होना, अच्छे आचरण का प्रमाण पत्र (Certificate of Good Conduct) प्रदान करना और आवश्यक जांच पूरी करना शामिल था. हालाँकि, इनमें से किसी भी प्रक्रिया में उसके चरमपंथी विचारों या आतंकवादी साजिश को अंजाम देने के उसके इरादे का कोई संकेत नहीं मिला था.
कॉकपिट के अंदर क्या हुआ?
घटना के दिन, संदिग्ध ने कथित तौर पर कॉकपिट के अंदर विमान के कप्तान को चौंकाते हुए उन पर इमरजेंसी कुल्हाड़ी से अचानक हमला कर दिया. कप्तान ने हमले का विरोध किया और मदद के लिए पुकारने की कोशिश की.
वापसी की उड़ान (रिटर्न फ्लाइट) के लिए नियुक्त एक पायलट भी विमान में सवार था और हमले के समय वह संयोग से कॉकपिट के पास ही था. उसने देखा कि कॉकपिट का दरवाजा असामान्य रूप से बार-बार खुल और बंद हो रहा है, जिससे उसका शक बढ़ गया. वह कॉकपिट के पास गया और एक्सेस कोड का उपयोग करके अंदर जाने की कोशिश की. अंदर घुसने के बाद, उसने देखा कि संदिग्ध कप्तान पर हमला कर रहा है.
उसने तुरंत एक केबिन क्रू मेंबर और कई यात्रियों की मदद से हस्तक्षेप किया, और सबने मिलकर घायल कप्तान को बचाया और संदिग्ध को काबू में किया. इसी बीच, रिटर्न-फ्लाइट कैप्टन और उनके सह-पायलट ने विमान का नियंत्रण वापस ले लिया, इसका मार्ग बदल दिया और सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से इसे लैंड कराया.
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आतंकी ने और क्या कबूला?
अपने वकील की उपस्थिति में और सभी कानूनी रूप से निर्धारित सुरक्षा उपायों के साथ, संदिग्ध ने एक विस्तृत कबूलनामा दिया जिसमें उसके मकसद, योजना और उसे अंजाम देने के चरणों की रूपरेखा थी. उसने स्वीकार किया कि उसने दूसरों की संलिप्तता के बिना, अकेले ही इस कृत्य को अंजाम दिया, हालांकि इस दावे को सत्यापित करने के लिए जांच जारी है. पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने विमान के कप्तान, रिटर्न-फ्लाइट पायलट, उनके सह-पायलट और चालक दल के सदस्यों के बयान भी दर्ज किए हैं.
Emergency Axe से सिर पर किया गया हमला?
फोरेंसिक मेडिकल रिपोर्ट में यह साबित हुआ है कि कप्तान की चोटें सिर पर केंद्रित थीं, जो एक नाजुक और संभावित रूप से घातक हिस्सा है. चोटें ताजी थीं और घटना के समय से मेल खाती थीं, और एक ऐसे हथियार के कारण हुई थीं जिसकी विशेषताएं आपातकालीन कुल्हाड़ी (Emergency Axe) के समान थीं. ये निष्कर्ष संदिग्ध और कप्तान द्वारा दिए गए बयानों के साथ-साथ गवाहों की गवाही के अनुरूप थे.
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पब्लिक प्रॉसिक्यूशन सबूतों की जांच कर रहा है, साथियों या अन्य संबंधों की संभावित संलिप्तता की जांच कर रहा है, और रिकॉर्डिंग व तकनीकी रिपोर्टों की अपनी समीक्षा पूरी कर रहा है. चल रही जांच की आवश्यकताओं के अनुसार, उचित समय पर आगे के निष्कर्षों की घोषणा की जाएगी.
भारत की NIA भी करेगी मामले की जांच!
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इसी बीच भारतीय कप्तान पर हुए कथित हमले और विमान को हाईजैक करने की साजिश के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कठोर आतंकवाद-रोधी और विमान अपहरण संबंधी कानूनों के तहत मामला दर्ज किया है. एनआईए सूत्रों के अनुसार, एजेंसी इस घटना को केवल विमानन सुरक्षा से जुड़ा अपराध नहीं बल्कि संभावित आतंकी साजिश और कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े एंगल से भी जांच रही है.