फेसबुक, एक्स समेत इन सोशल मीडिया कंपनियों को संसदीय समिति ने किया तलब, जानें वजह
माना जा रहा है संसदीय समिति ने ये मीटिंग डिजिटल प्लेटफॉर्म के रेगुलेशन पर चर्चा के लिए बुलाई है. इसमें सूचना मंत्रालय के साथ-साथ गृह मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल होंगे.
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संसदीय समिति ने फेसबुक, गूगल, स्नैपचेट और गूगल जैसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को तलब किया है. संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष और BJP सांसद निशिकांत दुबे ने ये जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मेटा के सभी प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के साथ-साथ गूगल, एक्स और स्नैपचैट के प्रतिनिधियों बुलाया गया है.
माना जा रहा है संसदीय समिति ने ये मीटिंग डिजिटल प्लेटफॉर्म के रेगुलेशन पर चर्चा के लिए बुलाई है. इसमें सूचना मंत्रालय के साथ-साथ गृह मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल होंगे. निशिकांत दुबे के मुताबिक, इस दौरान सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधियों से महिलाओं, बच्चों, किसानों, ग्रामीण लोगों, श्रमिकों और आम जनता की निजता की सुरक्षा पर उनके प्लान के बारे में पूछा और बताया जाएगा. समिति ये सुनिश्चित करेगी कि सोशल मीडिया कंपनियां निजता और सुरक्षा को कितनी अहमियत देते हैं.
निशिकांत दुबे ने पोस्ट कर दी जानकारी
दरअसल, निशिकांत दुबे ने 28 जुलाई को एक पोस्ट किया था. जिसमें 3 अगस्त यानी आज होने वाली मीटिंग के बारे में बताया गया था. उन्होने जानकारी दी थी, ‘3 अगस्त 2026 शाम 4 बजे हमारी संसदीय समिति IT and communication ने Meta( Instagram,Facebook,WhatsApp) ,X( twitter), Snapchat,google को बुलाया है . महिला, बच्चे,किसान,ग्रामीण,मज़दूर और आमजन की प्राइवेसी कैसे बचेगी,सरकार के पब्लिक ऑर्डर को यह कम्पनी कैसे सुनिश्चित करती है?
CJP प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर पैनी नजर
गौरतलब है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन में सोशल मीडिया ने बड़ी भूमिका निभाई. एक तरफ Gen-Z ने सोशल मीडिया को हथियार बनाते हुए सरकार तक अपनी बात पहुंचाई, तो दूसरी ओर कुछ ऐसे भी अराजक तत्व थे जिन्होंने सोशल मीडिया पर PM मोदी के खिलाफ न केवल अभद्र टिप्पणी की, बल्कि अपना नफरती एजेंडा भी सेट किया. इसके बाद कई अकाउंट्स पर एक्शन लेते हुए बैन भी किया गया था.
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बताया कि समिति ने मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप), गूगल, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और स्नैपचैट के प्रतिनिधियों को यह बताने के लिए बुलाया है कि वे महिलाओं, बच्चों, किसानों, ग्रामीण लोगों, श्रमिकों और आम जनता की निजता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करते हैं तथा सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाते हैं.
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यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब हाल ही में सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के प्रचार और लोगों को जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर किया था. नीट-यूजी पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर हुए इस प्रदर्शन के वीडियो, रील और लाइव अपडेट सोशल मीडिया मंचों पर व्यापक रूप से साझा किए गए थे.