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'भारत ने पाकिस्तान को किया रिप्लेस...', ब्रिक्स समिट में बोला ईरानी पत्रकार, कहा-PM मोदी को अगले साल नोबेल...

दिल्ली में हुए ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की भूमिका और ताकत देख ईरानी पत्रकार गदगद हो गए. उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को रिप्लेस कर दिया है, शायद पीएम मोदी को अगले साल नोबेल 'मिल' जाए.

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14 Sep 2026
( Updated: 14 Sep 2026
01:01 PM )
'भारत ने पाकिस्तान को किया रिप्लेस...', ब्रिक्स समिट में बोला ईरानी पत्रकार, कहा-PM मोदी को अगले साल नोबेल...
Basim Saleh/ Image Source-IANS
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भारत की अध्यक्षता में हुआ दो दिवसीय 18वां ब्रिक्स सम्मेलन नई दिल्ली घोषणापत्र के जारी होने और कई मुद्दों पर बनी आम सहमति के साथ समाप्त हो गया. इस दौरान ना सिर्फ खाड़ी में शांति-स्थिरता की बात की गई बल्कि पहलगाम आतंकी हमले की निंदा के साथ-साथ आतंकवाद के खिलाफ साझी लड़ाई पर जोर दिया गया. 

भारत ने समिट में अपनी कूटनीतिक सूझबूझ का अद्भुत नजारा पेश किया. एक ओर जहां पाकिस्तान के दोस्त चीन से आतंकवाद-पहलगाम की निंदा करवाने में सफलता पाई तो वहीं ईरान-यूएई के नेताओं को एक साथ बैठाने और डेडलॉक खत्म करने में अहम भूमिका भी निभाई. इसके लिए पीएम मोदी की व्यक्तिगत पहल की तारीफ हो रही है. मालूम हो कि ईरान ने अमेरिका के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के तहत UAE सहित कई खाड़ी देशों पर हमले किए थे.

'भारत ने पाकिस्तान को बाहर निकाला'

इसी बीच ब्रिक्स में भाग लेने आए ईरान के एक पत्रकार बासिम लालेह ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान-यूएई को साथ बैठाकर, नई दिल्ली डिक्लेरेशन पर आम सहमति बनाने के अलावा तमाम देशों को एकमत करके संदेश दे दिया है पाकिस्तान को कथित मध्यस्थता के रोल से रिप्लेस कर दिया गया है. इतना ही नहीं उन्होंने प्रधानमंत्री को टफ, हार्ड लीडर करार दिया है.

पीएम मोदी एक मजबूत नेता हैं: बासिम लालेह

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बासिम लालेह ने समाचार एजेंसी PTI से बात करते हुए कहा कि "ब्रिक्स सदस्यों के पास दुनिया की 40 प्रतिशत करेंसी है. और यह बहुत महत्वपूर्ण है. चीन, भारत, रूस और ईरान बड़े देश हैं, जहां बहुत सारे युवा हैं. इनमें बहुत कुछ करने की क्षमता है. और मुझे लगता है कि इस समिट के साथ, भारत की अध्यक्षता में, खासकर प्रधानमंत्री मोदी के साथ - यह मेरा विचार है, मेरी राय है कि प्रधानमंत्री मोदी एक मज़बूत नेता हैं और वे कठिन काम कर सकते हैं. और ग्लोबल कम्युनिटी के लिए बड़ी समस्या ईरान और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में चल रहा युद्ध है..."

UAE-ईरान के नेताओं को साथ बैठाकर मोदी ने साबित की कूटनीति

उन्होंने आगे कहा कि आबू धाबी के क्राउन प्रिंस और ईरानी राष्ट्रपति के बीच बैठक हुई है. ऐसा सुनने में आ रहा है कि पीएम मोदी ने यहां शांति स्थापित करने के लिए मध्यस्थता की. इसका मतलब ये है कि पाकिस्तान को मैसेज भेज दिया गया है कि हमने तुम्हें रिप्लेस कर दिया है. ब्रिक्स की अध्यक्षता के साथ भारत ने गेम चेंज कर दिया है. भारत के अमेरिका और दोनों के साथ ही बहुत अच्छे रिलेशन हैं. किसी भी दूसरे देश से मध्यस्थता के मामले में भारत कही बेहतर है. उन्होंने आगे कहा कि ये जंग केवल सऊदी, यूएई, ईरान के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए बड़ी समस्या है.

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पीएम मोदी को मिलेगा नोबेल प्राइज!

इसके अलावा उन्होंने कहा कि पीएम मोदी कुछ भी कर सकते हैं. ब्रिक्स के जरिए यूक्रेन-रूस जंग को खत्म करा दें और होर्मुज में शांति स्थापित कर दें, पीएम मोदी को अगले साल नोबेल पीस प्राइज मिलनी चाहिए.

भारत दौरे के बाद तेहरान रवाना हुए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन

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आपको बता दें कि18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की भी उपस्थिति रही और वो सुर्खियों के केंद्र में रहे. वो सम्मेलन में शामिल होने के बाद रविवार को तेहरान के लिए रवाना हो गए.
 
ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ''ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन नई दिल्ली से तेहरान के लिए रवाना हो गए.'' दूतावास ने उनके प्रस्थान की एक फोटो भी साझा की. भारत से रवाना होने से पहले राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि वह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ईरान में मुलाकात की उम्मीद करते हैं.

ईरानी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से जल्द मुलाकात की जताई उम्मीद

ईरानी दूतावास ने एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्कियन की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ''अलविदा, मेरे प्रिय मित्र. मैं बहुत जल्द ईरान में आपसे मुलाकात की प्रतीक्षा कर रहा हूं.'' राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी. इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने ईरानी समकक्ष के साथ बातचीत में संवाद और कूटनीति के माध्यम से स्थायी शांति स्थापित करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई.

राष्ट्रपति सचिवालय ने एक्स पर कहा कि दोनों नेताओं ने भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों, सांस्कृतिक जुड़ाव और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर चर्चा की. राष्ट्रपति मुर्मू ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी संवाद और कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से स्थायी शांति की आवश्यकता पर जोर दिया.

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ब्रिक्स के दौरान पेजेश्कियन और पीएम मोदी की हुई द्विपक्षीय मुलाकात

इससे पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर राष्ट्रपति पेजेश्कियन से मुलाकात की थी. बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ईरान को दीर्घकालिक तथा दोनों देशों के लिए लाभकारी रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति पेजेश्कियन की यह यात्रा विशेष है क्योंकि यह उनकी भारत की पहली यात्रा है.

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प्रधानमंत्री ने एक्स पर कहा, ''बिश्केक से दिल्ली तक सार्थक संवाद जारी है. ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से मुलाकात कर खुशी हुई. उनकी यह यात्रा और भी खास है क्योंकि यह उनकी भारत की पहली यात्रा है.''

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उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-ईरान मित्रता को और मजबूत करने पर चर्चा की तथा दीर्घकालिक और पारस्परिक लाभ वाली रणनीति के साथ आगे बढ़ने पर सहमति जताई. बैठक में क्षेत्रीय परिस्थितियों पर भी विचार-विमर्श हुआ और भारत ने एक बार फिर स्थायी शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

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