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भगवान के अपमान वाले पोस्ट डिलीट, 20 दिन में घर खाली करने का अल्टीमेटम...नाबालिग यूट्यूबर के परिवार की बढ़ी मुश्किलें!

इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को जेल भेजने वाले यूट्यूबर की दोतरफा मुश्किलें बढ़ गई हैं. एक ओर महिला वकील ने पुलिस में घसीटा तो हिंदू-देवी देवताओं वाले पोस्ट डिलीट करना शुरू कर दिया है. वहीं अब मकान मालिक ने 20 दिन के अंदर कथित तौर पर घर खाली करने का नोटिस दिया है.

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09 Sep 2026
( Updated: 09 Sep 2026
11:18 AM )
भगवान के अपमान वाले पोस्ट डिलीट, 20 दिन में घर खाली करने का अल्टीमेटम...नाबालिग यूट्यूबर के परिवार की बढ़ी मुश्किलें!
Image Source-IANS
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर हुए विवाद की चिंगारी अब तक बुझी नहीं है. इसका बुझकर सुलगने का सिलसिला आज भी जारी है. इसी कड़ी में इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को जेल भेजने वाले यूट्यूबर की खुद की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं. एक ओर सुप्रीम कोर्ट की वकील अमिता सचदेवा ने नाबालिग यूट्यूबर के पिता के खिलाफ दिल्ली पुलिस में हिंदू-देवी देवताओं के अपमान को लेकर शिकायत दर्ज कराई हुई है, तो वहीं अब सोसायटी में मकान के मालिक ने उसे घर खाली करने को कह दिया है.

स्वतंत्र भारद्वाज को जेल भेजने वाले यूट्यूबर की बढ़ीं मुश्किलें!

आपको बता दें कि बीते कई दिनों से हो रहे हो-हल्ले और विवाद के बीच यूट्यूबर के परिवार के कथित व्यवहार और इस पूरे प्रकरण के कारण दूसरे लोगों को हो रही परेशानियों को लेकर सोसाइटी के लोग भी अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे. इसी के बाद बाद ये घटनाक्रम सामने आई है, जहां यूट्यूबर ने दावा किया कि आधी रात को मकान मालिक ने फोन करके उनके परिवार को 20 दिनों के भीतर घर खाली करने को कहा है. इतना ही नहीं यूट्यूबर की ओर से ये भी दावा किया गया कि घर खाली करने का नोटिस पुलिस के कहने पर लैंड लॉर्ड की ओर से किया गया है.

क्या है स्वतंत्र भारद्वाज और यूट्यूबर नाबालिग लड़की के बीच विवाद?

मालूम हो कि इस पूरे विवाद की शुरुआत जंतर-मंतर के दौरान हुई थी. दोनों का प्रोटेस्ट साइट पर जाना हुआ था. इससे पहले दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ वीडियो बना रहे थे. इसी बीच दोनों के बीच धरना स्थल पर कथित तौर पर झगड़ा हुआ था, जिसके बाद पुलिस दोनों ही तरफ के लोगों को थाने ले गई और मामला शांत करा दिया था. बाद में बड़बोलेपन में स्वतंत्र की ओर से एक वीडियो में दावा किया गया था कि उसने मारपीट की, सिर फोड़ा और राजनीतिक संपर्क की वजह से छूट गया. इसके बाद ही सीजेपी और अन्य विपक्षी दलों ने संसद मार्ग थाने जाकर भारद्वाज के खिलाफ एससी-एसटी ऐक्ट में मुकदमा दर्ज कराया. इसके बाद पुलिस स्वतंत्र को पकड़कर ले गई और फिलहाल उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

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स्वतंत्र भारद्वाज की 'हेबियस कॉर्पस' याचिका खारिज

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को खुद को 'इन्फ्लुएंसर' बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज की 'हेबियस कॉर्पस' याचिका खारिज कर दी. उन्होंने जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग एक्टिविस्ट के पिता के साथ कथित मारपीट के मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी.

जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच ने यह याचिका तब खारिज कर दी जब दिल्ली पुलिस ने तर्क दिया कि 'हेबियस कॉर्पस' याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, क्योंकि भारद्वाज को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है.

पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

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यह घटनाक्रम तब हुआ जब पटियाला हाउस कोर्ट ने कथित मारपीट के मामले में भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. दिल्ली पुलिस ने उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ाने की मांग की थी. अब भारद्वाज को 21 सितंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा.

हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान, भारद्वाज के वकील ने तर्क दिया कि उनकी गिरफ्तारी गैर-कानूनी थी. उन्होंने कहा कि जिस एफआईआर के तहत उन्हें गिरफ्तार किया गया था, उसे सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में परीक्षा लीक के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी एफआईआर के मामले में अपने आदेश में रद्द कर दिया था.

ये भी पढ़ें: हिंदू देवी-देवताओं का हुआ अपमान, फंसे नाबालिग यूट्यूबर के पिता, शिकायत दर्ज, एक दिन की कस्टडी में स्वतंत्र भारद्वाज

दिल्ली पुलिस ने 'हेबियस कॉर्पस' याचिका का विरोध करते हुए कहा कि सक्षम कोर्ट द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद भारद्वाज की हिरासत कानूनी थी.

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दिन में पहले, भारद्वाज के वकील उमेश शर्मा ने चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय के सामने 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आरोपी पिछले तीन दिनों से हिरासत में है और दावा किया कि उसकी गिरफ्तारी गैर-कानूनी थी. दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को इस याचिका की अर्जेंट लिस्टिंग (तत्काल सुनवाई) की मंजूरी दे दी थी.

यह याचिका तब दायर की गई जब दिल्ली की एक अदालत ने कथित मारपीट के मामले में भारद्वाज की एक दिन की पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद उसे एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

बुलंदशहर जिले से हिरासत में लिया गया था स्वतंत्र भारद्वाज

भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में हिरासत में लिया गया था. यह कार्रवाई 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के प्रतिनिधियों के दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर उसकी तुरंत गिरफ्तारी की मांग करने के कुछ घंटों बाद हुई.

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पुलिस के मुताबिक, भारद्वाज पर जुलाई में जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग प्रदर्शनकारी के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट करने का आरोप है.

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