सत्य निकेतन PG हादसे में बड़ा एक्शन, बिल्डिंग मालिक के बाद बेटा और पत्नी भी अरेस्ट, 27 घंटों बाद खत्म हुआ रेस्क्यू
Satya Niketan Building Collapse: कोर्ट ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम गुप्ता और उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि उनके बेटे महेश गुप्ता को 2 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है.
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Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम गुप्ता और उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि उनके बेटे महेश गुप्ता को 2 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है. दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास यह इमारत रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत के दौरान ढह गई थी. मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए 27 घंटे से ज्यादा समय तक बचाव अभियान चला. सोमवार शाम करीब 5:10 बजे अभियान पूरा हुआ. इस हादसे के बाद अब पीजी इमारतों की सुरक्षा, अवैध निर्माण और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.
पुलिस ने मांगी थी हिरासत
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में पेशी के दौरान हरिराम और उर्मिला के लिए न्यायिक हिरासत और महेश गुप्ता के लिए पुलिस कस्टडी की मांग की थी, जिसे जज भव्य खरेल ने मंजूर कर लिया. पुलिस को शक है कि महेश गुप्ता इस पूरी घटना में अहम भूमिका में था और इमारत में अवैध निर्माण व पीजी संचालन में उसकी सीधी संलिप्तता है, इसलिए उससे पूछताछ जरूरी है.
Delhi: Police brought the arrested accused Hariram, his wife Urmila, and their son Mahesh to RK Puram Police Station in connection with the Satya Niketan building collapse case.
— IANS (@ians_india) September 7, 2026
Patiala House Court Judge Bhavya Kharail remanded Hariram and Urmila to 14 days’ judicial custody,… pic.twitter.com/PLXoJbCPFZ
घायलों से मिलने पहुंचे मंत्री आशीष सूद
वहीं, दूसरी तरफ इस हादसे में घायल हुए लोगों का हालचाल जानने के लिए दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद सोमवार को एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां उन्होंने वहां भर्ती चार मरीजों से मुलाकात की. मंत्री आशीष सूद ने कहा, "अभी यहां चार मरीज हैं, जिनमें से एक आईसीयू में है. मैं उन सभी से मिला. उनके परिवार वाले यहां पहुंच चुके हैं. पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने एम्स की सुविधा में उनके परिवारों के रहने का इंतजाम किया है. उन्हें सही इलाज मिल रहा है."
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सुरक्षा को लेकर हुई समीक्षा बैठक
इससे पहले मंत्री सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया. इस बैठक में डीजी एनडीआरएफ, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. बैठक में दिल्ली भर में इमारतों की सुरक्षा, छात्रों के रहने की व्यवस्था और पीजी से जुड़े नियमों पर चर्चा हुई.
PG नियमों की समीक्षा करेगी समिति
सूद ने बताया कि चर्चा के बाद तय उपायों के तहत वे संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति का नेतृत्व करेंगे. यह समिति संस्थागत पीजी दिशानिर्देशों की समीक्षा करेगी, विश्वविद्यालयों, एमसीडी और डीडीए के माध्यम से छात्रों के रहने के वैकल्पिक इंतजामों पर विचार करेगी, और छात्रों के लिए डीडीए के खाली पड़े घरों के इस्तेमाल की संभावनाओं का आकलन करेगी.
7 लोगों की गई जान
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हादसे में सात लोगों की जान गई. मृतकों में 17 से 20 साल की उम्र के कई छात्र और 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह शामिल हैं. 4 घायल लोगों का इलाज चल रहा है. एम्स के मुताबिक कुछ घायलों की हालत गंभीर रही.