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PM Modi-Putin Meeting: गले मिले, हाथ मिलाया… फिर दिया भारतीय संस्कृति से जुड़ा ऐसा दस्तावेज, मुरीद हो गए पुतिन

PM मोदी ने पुतिन को तिरुक्कुरल के रूसी भाषा में अनुवाद की एक प्रति भेंट की. यह तमिल साहित्य की सबसे प्रमुख रचनाओं में से एक है.

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11 Sep 2026
( Updated: 11 Sep 2026
04:57 PM )
PM Modi-Putin Meeting: गले मिले, हाथ मिलाया… फिर दिया भारतीय संस्कृति से जुड़ा ऐसा दस्तावेज, मुरीद हो गए पुतिन
Image Source- IANS/Video Grab
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BRICS समिट से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात हुई. नई दिल्ली के भारत मंडपम में दो महाशक्तियों के बीच मीटिंग हुई. जिसमें आपसी सहयोग और व्यापार को नई ऊंचाईयों पर ले जाने की बात हुई. 

PM मोदी ने भारत मंडपम में रूस के राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत किया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को गले लगाया. इसके बाद PM मोदी ने पुतिन को तिरुक्कुरल के रूसी भाषा में अनुवाद की एक प्रति भेंट की. 

क्या है तिरुक्कुरल? 

तिरुक्कुरल में करीब 1330 तमिल दोहे हैं, यह तमिल के प्रसिद्ध कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की रचना है. यह तमिल साहित्य की सबसे प्रमुख रचनाओं में से एक है. जिसमें जीवन मूल्य, नैतिकता, शासन, अर्थव्यवस्था, प्रेम और इंसानी मूल्यों के बारे में बताया गया है. इस ग्रंथ में कृषि और किसानों से जुड़े विषयों पर भी विस्तृत विचार प्रस्तुत किए गए हैं. 

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पुतिन और PM मोदी के बीच क्या बात हुई? 

दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र में जारी संघर्षों पर भी चर्चा की.

सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, गतिशीलता और जन-से-जन संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की. 

बैठक में रेल क्षेत्र और सुरंग निर्माण में औद्योगिक सहयोग बढ़ाने, इस्पात मूल्य श्रृंखला विकसित करने, बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) अवसरों का विस्तार करने और रूसी बाजार तक भारतीय कंपनियों की पहुंच बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. इसके अलावा असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग, ईंधन चक्र और लाइफ-साइकिल समर्थन, रूस में भारतीय कुशल श्रमिकों की संख्या बढ़ाने, महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग और उर्वरक क्षेत्र में रणनीतिक संयुक्त उपक्रमों के जरिए साझेदारी मजबूत करने जैसे मुद्दे भी वार्ता का हिस्सा रहे. 

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एक साल में दूसरी बार मिले पुतिन-मोदी

इससे पहले दिसंबर 2025 में दोनों नेताओं ने नई दिल्ली में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में मुलाकात की थी. बिश्केक में 31 अगस्त को हुई बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने 24 अगस्त को मॉस्को में आयोजित 27वें भारत-रूस अंतर-सरकारी व्यापार, आर्थिक और सांस्कृतिक आयोग की बैठक के परिणामों का स्वागत किया था. 

यह भी पढ़ें- BRICS Summit 2026: 13 सितंबर को सुबह 6 बजे से दौड़ेगी मेट्रो, DMRC ने किया बड़ा ऐलान

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दोनों नेताओं ने भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग, पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र के संघर्षों और उनके समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी विचार-विमर्श किया था. 

युद्ध रोकने पर दिया जोर 

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प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर दोहराया कि किसी भी संघर्ष के समाधान का रास्ता संवाद और कूटनीति ही है. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-रूस के विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए लगातार संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई, जो भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद लगातार मजबूत होती रही है. 

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