पहले ‘कॉकरोचों’ के कसीदे पढ़े, अब समर्थन से साफ इंकार… अन्नामलाई ने CJP के एजेंडे पर अब क्या कह दिया?
BJP के नेता रह चुके के. अन्नामलाई ने पहले कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे, लेकिन कुछ ही दिनों में उनका रुख बदल गया.
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तमिलनाडु में BJP के नेता रहे अन्नामलाई ने एक बार फिर कॉकरोच जनता पार्टी पर अपना रिएक्शन दिया है, लेकिन इस बार उनका रुख बदला-बदला है. पहले वो CJP पर सवाल उठाने वालों पर सवाल उठा रहे थे और अब उसके एजेंडे से खुद को अलग कर दिया है.
दरअसल, हाल ही में अन्नामलाई ने CJP पर सवाल उठाने वालों को निशाने पर लेते हुए ‘कॉकरोचों’ के समर्थन की बात कही थी, लेकिन अब उन्होंने साफ किया है कि उनका एजेंडा अलग है और वे CJP के एजेंडे का समर्थन नहीं करते हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अन्नामलाई ने कहा है, 'हमने कभी भी कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन नहीं किया है. उनका एजेंडा अलग है, हमारा एजेंडा अलग है.’ उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन से साफ इंकार कर दिया है.
अन्नामलाई ने पहले क्या कहा था?
इससे पहले किए गए पोस्ट में अन्नामलाई ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन, हिरासत और मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था,
'हो सकता है कि मैं उनके तौर-तरीकों या विरोध प्रदर्शन के ढंग से सहमत न होऊं, लेकिन जो सवाल वे उठाना चाहते हैं, उस मामले में मैं पूरी तरह से CJP का समर्थन करता हूं. गिरफ्तार करके जेल में डालने से CJP के नेता और भी मजबूत ही होंगे.’
उन्होंने यह भी कहा था कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को SIR पर सवाल पूछने का अधिकार है.
केंद्र सरकार पर उठाए सवाल
अन्नामलाई ने कहा था कि केंद्र सरकार यह भूल जाती है कि वह दिल्ली में 12 साल से ज्यादा समय से सत्ता में है और खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए हर समय एक दुश्मन पैदा करती है. अफसोस की बात है कि यह एक तरस योग्य बात है. उन्होंने CJP के प्रदर्शन में विदेशी फंडिंग, देशविरोधी साजिश जैसे नैरेटिव को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा,
'इस राष्ट्रविरोधी वाली बात को अब बंद करें. एफसीआरए गृह मंत्रालय के तहत आता है. देश की सभी एजेंसियां विपक्ष को रिपोर्ट नहीं करती हैं. विदेशों में स्थित सभी भारतीय दूतावासों में पर्याप्त कर्मचारी हैं जो विदेशी दुश्मनों से सांठगांठ करने वाले किसी भी भारतीय पर नजर रख सकते हैं. ईमानदारी से कहें तो हर विरोध प्रदर्शन और बयान को देशविरोधी या बाहरी ताकतों द्वारा वित्तपोषित बताना अब बहुत थकाऊ और उबाऊ हो चुका है.’
कार्यकारी मजिस्ट्रेट पर उठाए सवाल
अन्नामलाई ने कहा, ’आज आपको अनिश्चितकाल के लिए जेल भेजा जा सकता है, आपके जमानतदारों के बॉण्ड खारिज किए जा सकते हैं और हैरानी की बात यह है कि निवारक बॉण्ड से जुड़े मामलों से निपटने का अधिकार मिलने पर एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट आपको अपने इशारों पर नचा सकता है.’
उन्होंने यह भी कहा, 'जब से मैंने नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए कहा है, तब से मुझ पर लगातार हमले हो रहे हैं, लेकिन मैंने इन पर ध्यान नहीं दिया, क्योंकि मुझे लगा कि तमिलनाडु में जमीनी मुद्दों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है.’
अन्नामलाई को BJP ने दिया था जवाब
तमिलनाडु के नेता अन्नामलाई के इस पोस्ट के बाद BJP ने उन पर पलटवार किया. तमिलनाडु BJP के प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने कहा, BJP में रहते हुए अन्नामलाई SIR का समर्थन करते थे और उन्होंने इसका काम भी देखा था. अब वह इसे लेकर अपना रुख पूरी तरह से बदल चुके हैं. उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर के साथ एक डिबेट के दौरान अन्नामलाई ने SIR का बचाव किया था.
गौरतलब है कि के. अन्नामलाई (Kuppusamy Annamalai) तमिलनाडु के एक प्रमुख भारतीय राजनेता और पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं. वे 4 जून 1984 को तमिलनाडु के करूर जिले के तोट्टमपट्टी गांव में एक किसान परिवार में पैदा हुए. मूल नाम शिवा सेंथिल कुमार था. उन्होंने कोयंबटूर के पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग और आईआईएम लखनऊ से एमबीए किया. 2011 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस बने और सख्त कार्यशैली के कारण ‘सिंघम’ कहलाए. साल 2019 में उन्होंने IPS से इस्तीफा दे दिया.
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अगस्त 2020 में वे BJP में शामिल हुए, इसके बाद BJP ने उन्हें तमिलनाडु का उपाध्यक्ष बने और फिर 2021 में अध्यक्ष बनाया. साल 2021 के विधानसभा चुनाव में अन्नामलाई ने अरावकुरिची सीट से चुनाव लड़ था, हालांकि हार गए थे. इसके बाद उन्होंने BJP से ही 2024 के लोकसभा चुनाव में कोयंबटूर से चुनाव लड़ा था, लेकिन वो भी हार गए, लेकिन तमिलनाडु में उनके अभियान, पदयात्राओं और कैंपेन ने BJP का कद बढ़ाने में मदद की. उस समय वे तमिलनाडु में BJP पोस्टर बॉय बनकर उभरे थे. साल 2026 में उन्होंने BJP से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद ‘वी द लीडर्स (We the Leaders) नाम की पार्टी बनाई.