‘पॉलिसी पढ़कर ही चुनी थी तस्वीरें’, प्रदर्शनी से फोटोज हटाने पर भड़के रेहान वाड्रा, बीकानेर हाउस का ‘सच’ बताया!
रेहान वाड्रा ने एग्जीबिशन का सियासीकरण करने पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, ‘जितना संभव था, बीकानेर हाउस के साथ सहयोग किया था. उनकी जो राजनीतिक सामग्री की पॉलिसी थी, उसे पढ़कर ही मैंने अपनी फोटोज सेलेक्ट की थीं.
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कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की दिल्ली के बीकानेर हाउस में होने वाली सोलो फोटो प्रदर्शनी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. बीकानेर हाउस प्रबंधन की ओर से 70 से ज्यादा तस्वीरों को हटाने पर अब रेहान का रिएक्शन आया है. उन्होंने बीकानेर हाउस को खरी-खोटी सुनाई है.
रेहान वाड्रा ने न्यूज एजेंसी IANS से खास बातचीत में कहा कि उन्होंने बीकानेर हाउस की पॉलिटिकल कंटेंट से जुड़ी पॉलिसी को पढ़ने के बाद ही अपनी तस्वीरों का चयन किया था. उनकी प्रदर्शनी में किसी भी तरह के राजनीतिक नारे नहीं थे और नेताओं की तस्वीरें भी बहुत कम थीं.
‘न नेताओं की फोटो, न पॉलिटिकल स्लोगन’
रेहान वाड्रा ने एग्जीबिशन का सियासीकरण करने पर सवाल उठाए. उन्होंने साफ किया, ‘जितना संभव था, बीकानेर हाउस के साथ सहयोग किया था. उनकी जो राजनीतिक सामग्री की पॉलिसी थी, उसे पढ़कर ही मैंने अपनी फोटोज सेलेक्ट की थीं. हमने पॉलिटिकल स्लोगन नहीं लगाए थे. नेताओं की ज्यादा फोटो नहीं थीं. जब उन्होंने हटाने के लिए बताया भी तो मैंने उनको बोला कि हम कोऑपरेट कर लेंगे. चार-पांच फोटो अगर आपको हटानी हैं तो हटा सकते हैं, आप कारण दे दो. हमें वो मिली नहीं. उन्होंने बोला 70 की 70 फोटो हटा दो.’
रेहान वाड्रा ने कहा कि एक सार्वजनिक संस्थान के तौर पर बीकानेर हाउस की जिम्मेदारी है कि वह अपने कलाकारों और दीर्घाओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बनाए रखे और उसकी रक्षा करे. उन्हें लगता है कि इस मामले में ऐसा नहीं हुआ. रेहान वाड्रा ने कहा, उन्हें बताया गया कि उनकी तस्वीरें संस्थान की पॉलिसी के खिलाफ हैं. उनकी ज्यादातर तस्वीरें उनके इंस्टाग्राम पर भी मौजूद हैं और उनमें आम लोग ही नजर आते हैं, हां, वे तस्वीरें विरोध प्रदर्शनों की हैं लेकिन उनमें आम जनता है.
पॉलिसी चेंज करने की नसीहत
रेहान ने कहा कि बीकानेर हाउस को अपनी पॉलिसी को और अधिक विस्तार से बनाना चाहिए, जिसमें यह स्पष्ट हो कि क्या राजनीतिक सामग्री है और इसका फैसला कौन करेगा. दूसरी बात यह है कि ज्यादातर कलाकार राजनीतिक होते हैं, तो आप ऐसी पॉलिसी रखनी ही नहीं चाहिए.
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी तस्वीरों में उनके मामा राहुल गांधी या उनकी मां प्रियंका गांधी की तस्वीरें थीं? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि एक-दो तस्वीरों में उनकी हल्की सी झलक थी. उन्होंने कहा कि सोच-समझकर ही तस्वीरों का चयन किया था ताकि विवाद से बचा जा सके.
क्या उन्हें उनकी मां और मामा की वजह से टारगेट किया गया? इस सवाल पर रेहान ने कहा कि वे यह नहीं कह सकते. उन्होंने कहा कि इसकी वजह बीकानेर हाउस वालों से ही पूछनी पड़ेगी कि वजह क्या थी. वहीं, जब उनसे पूछा गया कि तस्वीरें हटाने के लिए कहे जाने पर उनकी मां प्रियंका गांधी ने क्या कहा, तो उन्होंने बताया, उन्होंने बोला कि तुम जो सही समझते हो वही करो.
क्या है 'नो आइडिया इज फाइनल' प्रदर्शनी का मामला?
रेहान वाड्रा ने अपनी फोटो प्रदर्शनी का नाम 'नो आइडिया इज फाइनल' रखा है. इसका प्रिव्यू बुधवार को आयोजित किया गया, जबकि गुरुवार से इसे आम लोगों के लिए खोला गया. यह प्रदर्शनी रविवार तक चलने वाली है. इसमें वन्यजीवों की फोटोग्राफी, अमूर्त कलाकृतियों और भारत में युवाओं के हालिया आंदोलनों से जुड़ी तस्वीरों को शामिल किया गया था. विवाद तब शुरू हुआ जब एग्जीबिशन से 100 में से 70 फोटो हटाई गईं.
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रेहान के मुताबिक, प्रदर्शनी के लिए शुरुआत में 100 से ज्यादा तस्वीरें रखी गई थीं. इनमें से 70 से ज्यादा तस्वीरें हटानी पड़ीं और करीब 40 तस्वीरें ही प्रदर्शित की जा सकीं. उनका कहना है कि हटाई गई तस्वीरें पिछले छह महीनों के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों का दृश्य दस्तावेजीकरण थीं. उनके अनुसार, इन तस्वीरों के जरिए किसी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना या कोई राजनीतिक संदेश देना उद्देश्य नहीं था.