'छात्रों को छोड़िए, असली अपराधियों पर ध्यान दें...', टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस पर दिपके का सरकार-पुलिस पर तंज
टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने तंज कसते हुए पुलिस की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस को असली अपराधियों पर ध्यान देना चाहिए.
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बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की घटना के बाद मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं. अब इस मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने तंज भरे अंदाज़ में अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने पुलिस से छात्रों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय असली अपराधियों पर ध्यान देने की बात कही है. इस घटना में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों का नाम सामने आने का दावा किया जा रहा है, हालांकि मामले की जांच अभी जारी है.
दिपके का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब CJP अपने नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास को हिरासत में लिए जाने का विरोध कर रही है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि छात्रों और कार्यकर्ताओं पर सख्ती करने के बजाय, पुलिस को असली अपराधियों पर ध्यान देना चाहिए. ऐसा तब होता है जब सरकार और पुलिस की प्राथमिकताएं पूरी तरह से गलत हों. इस बयान के जरिए उन्होंने पुलिस की कार्रवाई और उसकी प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं. और इसे बीजेपी सरकार के खिलाफ एक तंज के रूप में भी देखा जा रहा है.
Instead of cracking down on students and activists, the police should focus on actual criminals. This is what happens when the Govt and police have their priorities completely misplaced.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 18, 2026
जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग
जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में दो अज्ञात हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाया. हमलावरों ने कथित तौर पर चार से पांच राउंड गोलियां चलाईं. राहत की बात यह रही कि अभिनेता इस घटना में सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर फिरदौस और सड़क से गुजर रहे ऑटो रिक्शा चालक केवल चौहान घायल हो गए. दोनों को गोलीबारी के दौरान चोटें आईं. घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें एक हमलावर को कार पर गोलियां चलाते देखा जा सकता है. इस बीच, अनिल पंडित और हरमन संधू के नाम से जुड़े लोगों ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है. धमकी में मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के लोगों और सलमान खान के साथ काम करने वालों को निशाना बनाने की बात कही गई है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और हमले में उनकी भूमिका की जांच महत्वपूर्ण है.
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हमलावरों की तलाश में जुटी मुंबई पुलिस
गोलीबारी के बाद मुंबई पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए 15 टीमों का गठन किया है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से हमलावरों और वारदात में इस्तेमाल बाइक की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है. अलग-अलग जगहों पर नाकेबंदी की गई है और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस के अनुसार, एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और वारदात में इस्तेमाल बाइक भी बरामद की गई है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी घटना के बाद टाइगर श्रॉफ से बात कर उनका हाल जाना और हरसंभव मदद का भरोसा दिया. अब जांच एजेंसियों के सामने हमलावरों की पहचान करने, गोलीबारी के पीछे की वजह पता लगाने और धमकी से जुड़े दावों की पुष्टि करने की चुनौती है.
कौन हैं अनिल पंडित और हरमन संधू?
पुलिस के अनुसार, अनिल पंडित हरियाणा के पानीपत का रहने वाला है और उस पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े होने का संदेह जताया गया है. हरमन संधू के बारे में भी गिरोह के लिए काम करने और विदेश में छिपे होने के दावे सामने आए हैं. जांच के दौरान इन दोनों की कथित भूमिका और हमले से उनके संबंधों की पुष्टि होना जरूरी है. फिलहाल, केवल जिम्मेदारी लेने के दावों को अंतिम सबूत नहीं माना जा सकता.
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CJP नेताओं की हिरासत पर भी विवाद
दूसरी ओर, CJP अपने नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास की हिरासत को लेकर सवाल उठा रही है. अभिजीत दीपके का आरोप है कि उन्हें जेल में रखने का पर्याप्त कानूनी आधार नहीं है और हिरासत जारी रखने में देरी की जा रही है. पार्टी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने भी दिल्ली पुलिस और राज्य के अधिकारियों पर विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया है.
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बताते चलें कि इस तरह टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी का मामला केवल फिल्म जगत की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस की प्राथमिकताओं और CJP नेताओं की हिरासत को लेकर चल रही बहस से भी जुड़ गया है. अब सभी की नजर जांच के नतीजों पर है, जिससे हमले की सच्चाई और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सके.