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छत्तीसगढ़: अबुझमाड़ के जंगलों से भारी मात्रा में विस्फोटक व नक्सली सामग्री बरामद, नारायणपुर को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में बड़ी सफलता

तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, लिथियम बैटरी, तार, ट्रैप स्विच, बायोकेन्ग वॉकी चार्जर एडॉप्टर, नक्सली वर्दी और बेल्ट, साथ ही स्लिंग, पाउच और बैग जैसे युद्ध सामग्री भी बरामद हुई.

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29 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:13 AM )
छत्तीसगढ़: अबुझमाड़ के जंगलों से भारी मात्रा में विस्फोटक व नक्सली सामग्री बरामद, नारायणपुर को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में बड़ी सफलता
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माओवादी विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. अबुझमाड़ के घने कोडलियार मिचिंगपारा जंगल से सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में विस्फोटक, नक्सली साहित्य और अन्य युद्ध सामग्री बरामद किए हैं. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी.

नक्सली के खिलाफ सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी

कोहकामेता पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में किया गया यह ऑपरेशन नारायणपुर जिले को नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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माइनिंग और सर्च ऑपरेशन जिला बल, आईटीबीपी की 53वीं बटालियन की 'बी' कंपनी और कुटल में तैनात जिला बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) द्वारा किया गया.

तलाशी अभियान के दौरान मिली विस्फोटक सामग्री

27 सितंबर को खुफिया जानकारी के आधार पर और नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबर्टसन गुरिया, अतिरिक्त एसपी अक्षय साबद्रा और अतिरिक्त एसपी (नक्सल विरोधी अभियान) अजय कुमार की रणनीति के तहत, अधिकारियों ने जंगल के इलाके की तलाशी ली, क्योंकि उन्हें वहां आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) होने का संदेह था.

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तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, लिथियम बैटरी, तार, ट्रैप स्विच, बायोकेन्ग वॉकी चार्जर एडॉप्टर, नक्सली वर्दी और बेल्ट, साथ ही स्लिंग, पाउच और बैग जैसे युद्ध सामग्री भी बरामद हुई.

नक्सली प्रचार सामग्री भी जब्त

अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान नक्सली प्रचार सामग्री भी जब्त की गई, जिससे कुटल एरिया कमेटी के विचारधारा वाले होने का पता चलता है, जिसका इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से मौजूद होने का संदेह है.

अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह कार्रवाई सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करते हुए की गई. बरामद सामान से पता चलता है कि माओवादी विस्फोटक लगाकर सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे.

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25 सितंबर को भी मिला था आईईडी

इससे पहले, 25 सितंबर को 5-5 किलो के पांच आईईडी बरामद कर नष्ट किए गए थे. यह ऑपरेशन माओवादियों के ठिकानों को तोड़ने और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों की बढ़ती कोशिशों को दर्शाता है.

माओवादी प्रभाव वाले इलाकों में लगातार तलाशी और बम निष्क्रिय करने के अभियान चल रहे हैं, ताकि खतरों को खत्म कर शांति बहाल की जा सके. अधिकारियों ने नारायणपुर जिले से माओवादी प्रभाव को पूरी तरह खत्म करने की प्रतिबद्धता दोहराई और विभिन्न सुरक्षा इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल की सराहना की.

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इस सफलता से न केवल माओवादियों की योजनाओं को झटका लगा है, बल्कि नक्सल विरोधी अभियानों में लगे जवानों का हौसला भी बढ़ा है.

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