पाकिस्तानी मौलवी का Video, मंदिर जाने से रोका... TCS कांड में सनसनीखेज खुलासे, निदा-दानिश शेख की खुली कुंडली!
यह चार्जशीट देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दानिश शेख, तौसीफ अत्तार और निदा खान के खिलाफ दर्ज मामले से जुड़ी है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि शेख, जो शादीशुदा है, ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया और साथ ही उसे हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों से दूर रहने के लिए उकसाया.
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TCS नासिक में हुए यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के मामले में कई बडे-बड़े खुलासे हुए हैं. चार्जशीट के मुताबिक आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत पीड़ितों को निशाना बनाया. एक पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसे पाकिस्तानी इस्लामिक मौलवी तारिक जमील और जाकिर नाइक के वीडियो दिखाए जाते थे. ताकि कथित तौर पर उसके धर्म के प्रति विश्वास को प्रभावित किया जा सके.
पाकिस्तानी मौलवियों के दिखाए वीडियो
रिपोर्ट के मुताबिक, 23 साल की शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे पाकिस्तानी मौलवी तारिक जमील के वीडियो और विवादित जाकिर नाइक के भाषणों के ज़रिए इस्लामी शिक्षाओं से परिचित कराया. ये आरोप स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की चार्जशीट में विस्तार से बताए गए हैं. SIT का गठन महाराष्ट्र सरकार ने तब किया था जब नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़ी एक BPO यूनिट की कई महिला कर्मचारियों ने अपने साथ काम करने वालों पर यौन शोषण, धर्म बदलने के लिए मजबूर करने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.
'भगवान के गाने सुनना बंद करो'
यह चार्जशीट देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दानिश शेख, तौसीफ अत्तार और निदा खान के खिलाफ दर्ज मामले से जुड़ी है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि शेख, जो शादीशुदा है, ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया और साथ ही उसे हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों से दूर रहने के लिए उकसाया.
चार्जशीट का हवाला देते हुए बताया कि शेख ने कथित तौर पर उससे कहा, "डरो मत, मुझ पर भरोसा रखो, अल्लाह हमारे साथ है. भगवान के भजन सुनना और मंदिर जाना बंद कर दो; तुम्हारा तनाव कम हो जाएगा.” उसने उसे तस्बीह पढ़ने और इस्लामी प्रार्थनाओं के ज़रिए माफी मांगने की सलाह भी दी, और दावा किया कि इससे उसकी बेचैनी कम होगी.
शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि शेख ने सह-आरोपी तौसीफ अत्तार और निदा खान से उसे इस्लाम के बारे में जानकारी देने के लिए कहा. उसने आरोप लगाया कि अत्तार ने उसे YouTube पर जाकिर नाइक और पाकिस्तानी इस्लामिक विद्वान डॉ. इसरार अहमद के वीडियो खोजने और उनके भाषण सुनने के लिए कहा.
'धीरे-धीरे मेरा विश्वास बढ़ने लगा'
चार्जशीट में कहा गया है कि उसे जन्नत (स्वर्ग), जहन्नुम (नरक), कुर्बानी (बलिदान), बकरीद और ज़मज़म के पानी जैसी इस्लामी अवधारणाओं के बारे में भी बताया गया. शिकायतकर्ता ने अपने बयान में कहा, "मुझे यकीन हो गया था कि अगर मैं इस्लाम धर्म अपना लूँ, तो मेरा मानसिक तनाव कम हो जाएगा. धीरे-धीरे मुझे उन बातों पर यकीन होने लगा.”
चार्जशीट में यह भी आरोप लगाया गया है कि शेख के पास महिला के बैंक अकाउंट और UPI पिन की जानकारी थी और उसे पता था कि उसके अकाउंट में कितने पैसे हैं.
SIT की जांच का दायरा बढ़ा, और भी आरोपी शामिल
तीन आरोपियों के अलावा, चार्जशीट में छत्रपति संभाजीनगर के AIMIM कॉर्पोरेटर मतीन पटेल का भी नाम है. उन पर आरोप है कि उन्होंने निदा खान को तब पनाह दी जब वह फरार थी, जबकि उन्हें पता था कि उसकी अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज हो चुकी है. मई में दाखिल SIT की पहली चार्जशीट में 106 गवाहों के बयान शामिल हैं, जिनमें शिकायतकर्ता, उसकी माँ, TCS कर्मचारी, कंपनी की POSH कमेटी के सदस्य और जांच अधिकारी शामिल हैं.
कौन-कौन आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं
बाद में जांच का दायरा बढ़ा और SIT ने मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज आठ FIR से जुड़ी चार्जशीट का दूसरा सेट दाखिल किया. इन नौ मामलों में आरोपी लोगों में दानिश शेख, तौसीफ़ अत्तार, निदा खान, रज़ा मेमन, शाहरुख़ कुरैशी, शफ़ी शेख, आसिफ़ आफ़ताब अंसारी और अश्विनी अशोक चैनानी शामिल हैं. सभी अभी न्यायिक हिरासत में हैं. इस मामले में नौ कर्मचारियों ने अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं।
निदा खान पर आरोप
FIR के मुताबिक, निदा खान पर खास तौर पर आरोप है कि उन्होंने WhatsApp ग्रुप के ज़रिए कर्मचारियों को निशाना बनाया, उन पर नमाज़ पढ़ने और मांसाहारी खाना खाने का दबाव डाला, और महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह दी.
नासिक की एक अदालत ने हाल ही में निदा खान, दानिश शेख और तौसीफ़ अत्तार की ज़मानत याचिकाओं पर सुनवाई 12 जून तक टाल दी. पुलिस ने कहा कि जांच अभी जारी है.
TCS ने CEO ने क्या कहा
TCS ने इस मामले में आरोपी कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है. 17 अप्रैल को जारी एक बयान में कंपनी के CEO के. कृतिवासन ने कहा, "TCS कर्मचारियों के कल्याण और संस्थागत आचरण के उच्चतम मानकों का पालन करती है. हम हर कर्मचारी की सुरक्षा, सम्मान और भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं... किसी भी तरह के दबाव या गलत व्यवहार के प्रति हमारी ज़ीरो-टॉलरेंस पॉलिसी है.”
‘हम कानून लागू करने वाली एजेंसियों को पूरा सहयोग देना जारी रखेंगे’
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उन्होंने कहा, "हम अपने कर्मचारियों का समर्थन करने और अपनी सभी जगहों पर एक सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य-माहौल सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रहे हैं. हम कानून लागू करने वाली एजेंसियों को पूरा सहयोग देना जारी रखेंगे ताकि मामले की अच्छी तरह और पारदर्शी तरीके से जांच हो सके और इसे सही नतीजे तक पहुंचाया जा सके.