सोशल मीडिया पर हथियार लहराने वालों पर बिहार पुलिस का शिकंजा, 102 FIR दर्ज और 130 आरोपी गिरफ्तार
बिहार पुलिस ने आपत्तिजनक या वायरल सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो से संबंधित 514 मामलों की पहचान की है.
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बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियार लहराने वाले व्यक्तियों और पुलिसकर्मियों पर हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है.
राज्यव्यापी अभियान के तहत पुलिस मुख्यालय ने 1 मई से 14 जुलाई, 2026 के बीच ऑनलाइन हथियार लहराने से संबंधित मामलों में 102 एफआईआर दर्ज की हैं, 130 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 40 अवैध हथियार जब्त किए हैं.
चौबीसों घंटे हो रही सोशल मीडिया की निगरानी
बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार, प्रत्येक जिले में समर्पित सोशल मीडिया सेल कार्यरत हैं, जबकि राज्य स्तरीय सोशल मीडिया केंद्र और साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई चौबीसों घंटे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की निगरानी कर रहे हैं.
अधिकारियों ने बताया कि कई लोग लोकप्रियता हासिल करने, फॉलोअर्स बढ़ाने या समाज में भय पैदा करने के लिए हथियारों के साथ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करते हैं.
डिजिटल निगरानी के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
पटना में सबसे अधिक कार्रवाई
इस अभियान के दौरान पटना में 17 एफआईआर दर्ज की गईं, 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और नौ हथियार जब्त किए गए.
नौगछिया और गोपालगंज में नौ-नौ एफआईआर दर्ज की गईं.
पुलिस ने नौगछिया में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया और तीन हथियार बरामद किए, जबकि गोपालगंज में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया.
सीतामढ़ी और मोतिहारी में आठ-आठ मामले दर्ज किए गए, जिनमें नौ गिरफ्तारियां और एक-एक हथियार बरामद किया गया.
भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट पर भी कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय ने यह भी बताया कि सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने वाली, धार्मिक या जाति आधारित घृणा फैलाने वाली, मानहानिकारक टिप्पणियां करने वाली या महिलाओं की गरिमा का उल्लंघन करने वाली सामग्री अपलोड करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
ऐसे मामले सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पीओसीएसओ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत दर्ज किए जा रहे हैं.
जनवरी से अब तक 514 मामलों की पहचान
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जनवरी 2026 से, बिहार पुलिस ने आपत्तिजनक या वायरल सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो से संबंधित 514 मामलों की पहचान की है.