×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

Mahadev Betting Case: ईडी ने ईबीक्स चेयरमैन विकास गर्ग को किया गिरफ्तार, 940 करोड़ की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं अटैच

ईडी के मुताबिक, जांच में पता चला कि बेटिंग सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित ‘पैनल’ नेटवर्क के जरिए काम करता था. एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क से हर महीने 450 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई की जा रही थी.

Author
15 Jul 2026
( Updated: 15 Jul 2026
01:33 PM )
Mahadev Betting Case: ईडी ने ईबीक्स चेयरमैन विकास गर्ग को किया गिरफ्तार, 940 करोड़ की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं अटैच
Image Credit: IANS
Advertisement

महादेव ऑनलाइन बेटिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ईबीक्स के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है. ईडी ने उन्हें दिल्ली स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया. इसके बाद अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद रायपुर ले जाया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, विकास गर्ग को बुधवार को रायपुर की पीएमएलए कोर्ट में पेश किया जाएगा.

अवैध बेटिंग के पैसों से निवेश का आरोप

ईडी की जांच में सामने आया है कि कथित अवैध ऑनलाइन बेटिंग गतिविधियों से अर्जित धन को विकास गर्ग से जुड़ी कंपनियों में भेजा गया. जांच एजेंसी का आरोप है कि इन पैसों को कई कंपनियों के जरिए अलग-अलग लेनदेन में घुमाया गया और बाद में शेयर, सिक्योरिटीज और अन्य संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल किया गया.

940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं अटैच

इससे पहले ईडी ने विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनके स्वामित्व या नियंत्रण वाली कंपनियों की करीब 940.77 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया था. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय द्वारा की गई थी.

Advertisement

जांच एजेंसी के अनुसार, अटैच की गई संपत्तियों में रिहायशी मकान, जमीन के भूखंड, इक्विटी शेयर और अन्य वित्तीय प्रतिभूतियां शामिल हैं. ईडी का कहना है कि यह कार्रवाई महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच का हिस्सा है.

ईबीक्सकैश में हिस्सेदारी खरीदने का आरोप

विकास गर्ग तीन सूचीबद्ध कंपनियों; विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेस लिमिटेड के प्रमोटर हैं. ईडी की जांच में कथित तौर पर यह सामने आया कि अवैध बेटिंग से जुड़े फंड का इस्तेमाल एराया लाइफस्पेस लिमिटेड के माध्यम से ईबीक्सकैश में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए किया गया.

कई राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर जांच

Advertisement

ईडी ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में दर्ज अन्य मामलों के आधार पर मामले की जांच शुरू की थी. इन मामलों में अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे आरोप लगाए गए हैं.

हर महीने 450 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई का दावा

यह भी पढ़ें

ईडी के मुताबिक, जांच में पता चला कि बेटिंग सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित ‘पैनल’ नेटवर्क के जरिए काम करता था. एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क से हर महीने 450 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई की जा रही थी.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें