UP से महाराष्ट्र तक दहशत फैलाने वाला बदमाश मुस्तफिजुल एनकाउंटर में ढेर, एक लाख का था ईनाम, दो दशकों से बना था सिरदर्द
मुस्तफिजुल रहमान आजमगढ़ के मेहनगर का रहने वाला था. वह जरायम की दुनिया में करीब दो दशक से काबिज था. वह काफी समय तक फरार रहा.
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UP STF Encounter: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गोरखपुर (Gorakhpur) में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख के इनामी बदमाश को एनकाउंटर में मार गिराया. अपराधी मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू UP ही नहीं दूसरे राज्यों की पुलिस के लिए भी सिरदर्द बना हुआ था. उस पर लूट, हत्या, हत्या की कोशिश समेत 10 मामले दर्ज थे.
जानकारी के मुताबिक, STF की लखनऊ और गोरखपुर यूनिट ने मिलकर कार्रवाई को अंजाम दिया है. टीम को जानकारी मिली थी कि अपराधी मुस्तफिजुल एक इलाके में मौजूद है. इसके बाद तय प्लान के मुताबिक STF की टीम वहां पहुंची और इलाके को घेर लिया. अपराधी ने खुद को घिरा हुआ देख पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया. इसके बाद उसे हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
UP से लेकर महाराष्ट्र तक फैलाई दहशत
इस कार्रवाई के दौरान STF के एक हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह को भी गोली लगी. पुलिस ने बदमाश मुस्तफिजुल का एनकाउंटर करने के बाद घटना स्थल से एक पिस्टल और एक मोटरसाइकिल के साथ भारी मात्रा में खाली कारतूस बरामद किया है. मुस्तफिजुल रहमान आजमगढ़ के मेहनगर का रहने वाला था. वह जरायम की दुनिया में करीब दो दशक से काबिज था.
जानें आपराधिक इतिहास
- साल 2003 में चोरी का पहला मुकदमा दर्ज
- साल 2008 में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
- साल 2011 और 2012 में हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
- साल 2021 में हत्या, आपराधिक साजिश, धमकी के मामले जुड़े
- साल 2024 में नया आपराधिक मामला दर्ज
- साल 2026 में हरदोई जिले के बिलग्राम थाना क्षेत्र में एक और मुकदमा दर्ज
पुलिस की कार्रवाई के बाद मुस्तफिजुल काफी समय तक फरार रहा. जिसके बाद कुर्की की कार्रवाई की गई. उस पर महाराष्ट्र में भी मामले दर्ज थे. STF के मुताबिक, कानून से बचने के लिए मुस्तफिजुल ने कई हथकंडे अपनाए, लेकिन गोरखपुर में हुई STF की कार्रवाई के बाद अपराधिक सफर और अपराधी दोनों का अंत हो गया.
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