अवतार सिंह हत्याकांड: पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष समेत 9 दोषियों को उम्रकैद, 1-1 लाख रुपये का जुर्माना
राजस्थान: अवतार सिंह हत्याकांड में अदालत ने शनिवार को के महत्वपूर्ण फैसले सुनते हुए पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष इंदरजीत सिंह उर्फ 'पाटा' समेत नौ दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है.
Follow Us:
राजस्थान के अलवर स्थित एक अदालत ने शनिवार को अवतार सिंह हत्याकांड के महत्वपूर्ण फैसले में पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष इंदरजीत सिंह उर्फ 'पाटा' समेत नौ दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इसके साथ ही कोर्ट ने उन पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया.
राजस्थान के हाई-प्रोफाइल अवतार सिंह हत्याकांड
अदालत ने आगे कहा कि जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषियों को कानून के अनुसार अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरेंद्र सिंह ने सुनाया.
फैसले के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अदालत परिसर और पाटा गांव के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई.
पूर्व भाजपा नेता समेत नौ लोगों को उम्रकैद की सजा
उम्रकैद की सजा पाने वालों में पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष इंदरजीत सिंह उर्फ 'पाटा', अनूप सिंह, कमलजीत सिंह, गुरवाचन सिंह, जसपाल सिंह, कुलवंत सिंह, अमन सिंह, हरविंदर सिंह और विश्वेंद्र सिंह शामिल हैं.
मुकदमे की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों की गवाही, चिकित्सा और पोस्टमार्टम रिपोर्टों और जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजी साक्ष्यों पर भरोसा किया.
बचाव पक्ष ने आरोपियों के लिए नरमी बरतने की अपील की, लेकिन अदालत ने सजा कम करने से इनकार कर दिया और सभी नौ आरोपियों को कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया.
सरपंच चुनाव की रंजिश में हुई थी हत्या
यह घटना 10 जून, 2016 को अलवर जिले के नौगावां पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत पाटा गांव में घटी थी.
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अवतार सिंह पर गांव के सरपंच चुनाव से जुड़े विवाद के बाद हमला किया गया था.
अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव से उपजे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और पारिवारिक तनाव के कारण यह हमला हुआ. अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने अवतार सिंह को घेर लिया और कथित तौर पर हथौड़ों, तलवारों, चाकुओं, लोहे के पाइपों, हॉकी स्टिक और लकड़ी की लाठियों से उन पर हमला किया.
उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद नौगावां पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज किया गया.
पीड़ित के बेटे ने कहा-आखिरकार न्याय मिला
फैसले के बाद, पीड़ित के बेटे अजयपाल ने कहा कि 10 साल से अधिक के इंतजार के बाद आखिरकार परिवार को न्याय मिला है. उन्होंने फैसला सुनाने के लिए न्यायपालिका का आभार व्यक्त किया.
दोषियों के कथित व्यवहार की आलोचना
अदालत परिसर में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सजा सुनाए जाने के बाद कुछ दोषियों को जेल वैन में ले जाते समय मुस्कुराते और अपनी मूंछें घुमाते हुए देखा गया.
यह भी पढ़ें
इस कथित व्यवहार की अदालत परिसर में मौजूद लोगों ने आलोचना की.