नासिक TCS धर्मांतरण कांड: प्रेग्नेंट है HR निदा खान, जेल में आरोपी की पिटाई, जानें अब तक के बड़े अपडेट
बताया जा रहा है निदा खान 11 दिनों से फरार है. तलाश के लिए कई राज्यों में पुलिस की टीमें भेजी गई हैं. जब निदा खान की जमानत याचिका कोर्ट पहुंची तो मामले में नया मोड़ आ गया.
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नामी मल्टीनेशनल कंपनी TCS के अंदर चल रहे घिनौने खेल के उजागर होने के बाद हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. जांच टीम पूरे नेटवर्क की परत खोल रही है. SIT की रडार पर आए आरोपी अब बचने के लिए कई हथकंडे अपना रहे हैं. अब फरार आरोपी HR मैनेजर निदा खान को लेकर बड़ा अपहेट आया है.
जानकारी के मुताबिक, TCS आरोपी निदा खान ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अपील की है. निदा खान ने अदालत में बताया है कि वह प्रेग्नेंट है और पहले बच्चे की मां बनेगी. यानी निदा खान ने मेडिकल रिपोर्ट को आधार बनाते हुए जमानत की मांग की है.
फरार है निदा खान, वकील ने क्या बताया?
मामले की जांच कर रही SIT निदा खान को हिरासत में लेने के लिए ट्रेस कर रही है. बताया जा रहा है निदा खान 11 दिनों से फरार है. तलाश के लिए कई राज्यों में पुलिस की टीमें भेजी गई हैं. जब निदा खान की जमानत याचिका कोर्ट पहुंची तो मामले में नया मोड़ आ गया.
निदा खान के गर्भवती होने का दावा परिवार ने किया है. उसके वकील बाबा खान ने यह भी बताया है कि वह मुंबई में ही है. वकील ने यह भी बताया कि निदा खान पर लगे आरोपों के बाद उसका परिवार परेशान है. निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज हुई तो वह सेशन कोर्ट में अर्जी दाखिल करेंगे.
जेल में हुई आरोपी की पिटाई
TCS में धर्मांतरण और यौन शोषण के खुलासे के बाद टीम लीडर समेत 7 आरोपियों को अरेस्ट किया है. 8 महिलाओं की शिकायत के बाद 9 FIR दर्ज की गई हैं. इनमें अरेस्ट एक आरोपी शफी की जेल में पिटाई की बात भी सामने आई है. कहा जा रहा है, जेल में कैदियों ने शफी शेख की पिटाई की. इसके बाद जेल की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं.
TCS केस में अब तक के अपडेट
नासिक की अदालत ने महिला ऑपरेशंस मैनेजर को 28 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इस मामले की जांच संगठित आपराधिक नेटवर्क के एंगल से भी की जा रही है.
नासिक के पुलिस कमिश्नर संदीप कार्णिक ने कहा कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है. पुलिस ने इस संबंध में एसआईडी, एटीएस और एनआईए को भी पत्र लिखकर मदद मांगी है.
याचिका में कहा गया है कि धोखे, प्रलोभन या छल-कपट से किया जाने वाला धर्मांतरण देश की सार्वभौमिकता, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और संवैधानिक स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा है. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि अदालत इस प्रकार के जबरन या धोखे वाले धर्मांतरण को देश के खिलाफ अप्रत्यक्ष युद्ध और आतंकवाद की श्रेणी में रखे. अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि नासिक में सामने आए अवैध धर्मांतरण नेटवर्क ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश में संगठित तरीके से धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही हैं. इन गतिविधियों में गरीब, अशिक्षित और आदिवासी समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है.
अश्विनी उपाध्याय ने अपील करते हुए कहा, SC इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को उचित निर्देश जारी करे, ताकि धर्म की स्वतंत्रता के नाम पर हो रहे शोषण और धोखाधड़ी को रोका जा सके.
Delhi: On the Nashik IT company case, Supreme Court Advocate Ashwini Kumar Upadhyay says, "Religious conversion is happening across the country, and 'love jihad' is also taking place nationwide in a planned and organised manner. Foreign funding is involved, and funding from… pic.twitter.com/uvZWbyNeoL
— IANS (@ians_india) April 17, 2026
CM फडणवीस ने मामले पर क्या कहा?
वहीं, मामले में CM देवेंद्र फडणवीस ने सख्ती से कहा, किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी. पुलिस कमिश्नर संदीप कार्णिक के मुताबिक, ऑपरेशंस और HR हेड निदा खान कथित तौर पर एक पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने से रोकने की कोशिश करती थी. वह ये कहकर मामले को टाल देती थी थी ‘ऐसी घटनाएं होती रहती हैं.’
MNC में कैसे चलता था जिहाद का खेल?
कंपनी के महिला कर्मचारियों का आरोप है कि वह काफी समय से धर्म परिवर्तन के लिए दबाव का सामना कर रही हैं. इसके खिलाफ आवाज भी उठाई लेकिन HR मैनेजर ने हर बार उन्हें नजरअंदाज किया.
पीड़ित महिलाओं ने कंपनी के HR हेड के पास जाकर POSH यानी prevenstion of sexual harassment के तहत गुहार लगाई तो वहां से मिला जवाब और भी डरावना था. HR हेड ने पहले तो कोई एक्शन ही नहीं लिया और बाद में ये कह दिया कि ये सब तो MNC में नॉर्मल है . यानी मैनेजमेंट से लेकर टीम लीडर तक, सब इस धर्मांतरण रैकेट के हिस्सेदार थे, ये लोग प्रोफेशनल माहौल का नाम देकर नॉर्मल दिखा रहे थे.
बताया जा रहा है, हिंदू लड़कियों की जूनियर लेवल पर भर्ती की जाती थी. इसके बाद केबिन में लड़कियों से छेड़छाड़ की जाती, उन्हें इस्लाम की श्रेष्ठता के बारे में बताया जाता और हिंदू धर्म की आपत्तिजनक बातें कही जाती थी.
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आरोप है कि कंपनी में हिंदू लड़कों को भी टॉर्चर किया गया. एक लड़के को जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया, उसके धार्मिक प्रतीकों का अपमान किया गया और उसे वो सब खाने के लिए मजबूर किया गया जो उसके धर्म में वर्जित है.
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