इंजीनियरिंग की डिग्री, ट्यूशन का धंधा… और फिर जुर्म का रास्ता! अलीगढ़ से दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया कुख्यात अपराधी
इंजीनियरिंग की डिग्री और ट्यूशन सेंटर की आड़ से निकलकर अपराध की दुनिया का खूंखार चेहरा बना शातिर अपराधी ललित उर्फ मोदी को दिल्ली पुलिस ने अलीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है.
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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक कुख्यात अपराधी ललित उर्फ मोदी को गिरफ्तार किया है. यह अपराधी स्वरूप नगर पुलिस स्टेशन के मकोका मामले में वांछित था और साथ ही दिल्ली में हथियारों से की गई 8 लूट के मामलों में 'घोषित अपराधी' भी था.
19 गंभीर अपराधों में शामिल आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी 2019 से अपनी गिरफ्तारी से बच रहा था. वह 19 जघन्य मामलों में शामिल है, जिनमें अलीगढ़ में हुई एक सनसनीखेज हत्या, हथियारों से की गई कई लूट और 2024 में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ शामिल है.
आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को देता था चकमा
उसकी आपराधिक गतिविधियों की गंभीरता और संगठित प्रकृति को समझते हुए दिल्ली पुलिस ने एक टीम का गठन किया था. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी बहुत अधिक घूमता-फिरता था और अक्सर अपनी जगह बदलता रहता था. वह गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपकर काम करता था.
महीनों की मेहनत के बाद मिले सुराग
टीम ने तब से फरार चल रहे इस अपराधी के बारे में जानकारी और सूत्र जुटाने के लिए लगातार काम किया. संदिग्ध व्यक्तियों पर तकनीकी निगरानी रखी गई. इन चुनौतियों के बावजूद, टीम ने महीनों तक लगातार निगरानी, तकनीकी ट्रैकिंग और खुफिया जानकारी जुटाने का काम किया.
अलीगढ़ से आरोपी गिरफ्तार
टीम की कड़ी मेहनत का अच्छा नतीजा तब मिला, जब सटीक और विश्वसनीय खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए टीम ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में उसके छिपने की जगह का पता लगाया. एक सुनियोजित छापा मारा गया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस की वर्दी पहनकर करता था लूटपाट
दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास बीटैक की डिग्री है और 2015 में संगठित अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले वह एक ट्यूशन सेंटर चलाता था. उसका गिरोह अधिक जोखिम वाली हथियारबंद डकैतियों और वाहन लूटने में माहिर था. वे अक्सर चोरी के वाहनों और यहां तक कि दिल्ली पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल करके पीड़ितों को रोकते थे. वह सबसे पहले उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में खैर पुलिस थाने में दर्ज एक सनसनीखेज हत्या के मामले में शामिल था. उसके बाद, उसने और उसके साथियों ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बंदूक की नोक पर कई हथियारबंद डकैतियां कीं.
दिल्ली और यूपी पुलिस का संयुक्त अभियान
2015 में ललित और उसके साथियों को दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी इलाके से अवैध हथियारों और एक चोरी की स्कॉर्पियो गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया गया था. 2018 में जमानत पर रिहा होने के बाद वह फिर से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया. साल 2024 में वह मथुरा जिले के शेरगढ़ में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और यूपी पुलिस की ओर से चलाए गए एक संयुक्त अभियान के दौरान हुई एक मुठभेड़ में शामिल था.
आरोपी से पुलिस की पूछताछ जारी
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उसके बाद, वह फरार हो गया और दिल्ली में दर्ज कई डकैती के मामलों में अदालत की कार्यवाही से लगातार बचता रहा. इसके बाद, दिल्ली की साकेत, तीस हजारी और पटियाला हाउस अदालतों ने आठ अलग-अलग मामलों में उसे 'घोषित अपराधी' घोषित कर दिया. दिल्ली के स्वरूप नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मकोका मामले में भी उसकी तलाश थी. गिरफ्तारी के बाद फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है.
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